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देवयानीबा झाला ने रचा इतिहास: राजकोट की बेटी एशियन गेम्स 2026 में 400 मीटर के लिए क्वालीफाई करने वाली गुजरात की एकमात्र महिला

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देवयानीबा झाला ने रचा इतिहास: राजकोट की बेटी एशियन गेम्स 2026 में 400 मीटर के लिए क्वालीफाई करने वाली गुजरात की एकमात्र महिला

सारांश

राजकोट की देवयानीबा झाला ने नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 53.26 सेकंड का समय निकालकर एशियन गेम्स 2026 की 400 मीटर स्पर्धा के लिए क्वालीफाई किया — गुजरात से इस इवेंट में जगह बनाने वाली वह एकमात्र महिला एथलीट हैं।

मुख्य बातें

देवयानीबा झाला (राजकोट) एशियन गेम्स 2026 की 400 मीटर रेस के लिए क्वालीफाई करने वाली गुजरात की एकमात्र महिला एथलीट बनीं।
भुवनेश्वर में नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 53.26 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर उन्होंने क्वालीफिकेशन हासिल किया।
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन आइची-नागोया, जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक होगा।
देवयानीबा इससे पहले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं और वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर में रजत पदक भी जीत चुकी हैं।
वह सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी, राजकोट की छात्रा हैं और भविष्य में ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालीफाई करने की इच्छुक हैं।

राजकोट की युवा धाविका देवयानीबा झाला ने एशियन गेम्स 2026 की 400 मीटर रेस के लिए क्वालीफाई कर गुजरात के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेने वाली गुजरात की एकमात्र महिला एथलीट हैं। आइची-नागोया, जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इन खेलों में उनकी उपस्थिति राज्य के लिए गर्व का विषय बन गई है।

कैसे मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि

भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देवयानीबा ने 400 मीटर दौड़ में 53.26 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता और एशियन गेम्स 2026 के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की। सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी, राजकोट की छात्रा देवयानीबा इस सफलता को अपने करियर की बड़ी उड़ान मानती हैं और भविष्य में ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालीफाई करने का सपना लेकर चल रही हैं।

पहले भी चमका है देवयानीबा का सितारा

यह पहली बार नहीं है जब देवयानीबा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर गुजरात का परचम लहराया है। वह इससे पहले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर में महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में रजत पदक हासिल कर सौराष्ट्र और गुजरात का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यह उपलब्धियाँ उनकी बहुआयामी प्रतिभा और निरंतर मेहनत की गवाह हैं।

परिवार और प्रशिक्षण का अहम योगदान

देवयानीबा की इस सफलता के पीछे उनके वर्षों के अनुशासन, अभ्यास और परिवार के अटूट समर्थन की भूमिका रही है। उनके पिता महेंद्र सिंह झाला ने कहा, 'देवयानीबा ने जब से ट्रैक पर दौड़ना शुरू किया है, सफलता उसके कदम चूम रही है। इससे पहले वह वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में भी रजत पदक हासिल कर गुजरात और सौराष्ट्र का नाम रोशन किया है।'

विशेषज्ञ की नज़र में देवयानीबा

सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के खेल अधिकारी डॉ. हरीश राबा ने कहा, 'देवयानीबा झाला राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। हमारी निगाहें अब 2026 एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन पर हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में अत्याधुनिक प्रशिक्षण, आधुनिक खेल संरचना और खेलों को बढ़ावा देने वाली नीतियों की वजह से राज्य के खिलाड़ी अब न सिर्फ नेशनल, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।'

आगे का सफर

गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 का आयोजन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद होना है, जिससे भारतीय एथलीटों के लिए यह एक व्यस्त और महत्वपूर्ण खेल वर्ष बन गया है। देवयानीबा की नज़रें अब आइची-नागोया में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने और भविष्य में ओलंपिक के सपने को साकार करने पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ परंपरागत रूप से क्रिकेट का वर्चस्व रहा है। 53.26 सेकंड का समय राष्ट्रीय शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धी है, लेकिन एशियाई स्तर पर पदक के लिए इसे और बेहतर करना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार खेल अवसंरचना में निवेश बढ़ा रही है — असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह समर्थन एथलीट को आइची-नागोया में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने में सक्षम बना पाता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवयानीबा झाला कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की है?
देवयानीबा झाला राजकोट, गुजरात की एक युवा धाविका हैं, जो सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं। उन्होंने एशियन गेम्स 2026 की 400 मीटर रेस के लिए क्वालीफाई कर गुजरात की एकमात्र महिला एथलीट के रूप में इतिहास रचा है।
देवयानीबा झाला ने एशियन गेम्स 2026 के लिए कैसे क्वालीफाई किया?
उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर रेस में 53.26 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता, जिससे उन्हें एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफिकेशन मिली।
एशियन गेम्स 2026 कब और कहाँ होंगे?
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची-नागोया शहर में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक होगा। यह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद आयोजित होने वाला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन है।
देवयानीबा झाला की पिछली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ क्या हैं?
देवयानीबा इससे पहले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं और वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर में महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकी हैं।
देवयानीबा झाला का अगला लक्ष्य क्या है?
एशियन गेम्स 2026 में भाग लेने के बाद देवयानीबा का सपना ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालीफाई करना है। सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार की खेल नीतियों के समर्थन से वह इस लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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