राहुल द्रविड़ का भरोसा: WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकती है टीम इंडिया, श्रीलंका जीत से बढ़ा हौसला
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने विश्वास जताया है कि टीम इंडिया इस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र में फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सक्षम है। श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में 165 रनों की शानदार जीत के बाद भारत का WTC प्वाइंट प्रतिशत 48.14 से बढ़कर 53.33 हो गया है, जिससे टीम फिलहाल पाँचवें स्थान पर काबिज है।
द्रविड़ की राय और भारत की WTC स्थिति
द्रविड़ ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में कहा, 'मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे। अगर भारत यहाँ से WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई कर पाता है, तो यह एक शानदार सफर होगा।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टीम थोड़ी पिछड़ी ज़रूर है, लेकिन भारतीय टीम की गुणवत्ता को किसी भी स्तर पर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। शुभमन गिल की कप्तानी में श्रीलंका के विरुद्ध मिली जीत को उन्होंने 'अच्छा पहला कदम' बताया।
न्यूज़ीलैंड दौरा: बड़ी चुनौती
WTC चक्र के तहत भारतीय टीम इस साल नवंबर में न्यूज़ीलैंड का दौरा करेगी, जहाँ दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले न्यूज़ीलैंड दौरे पर भारत को टेस्ट सीरीज़ में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। द्रविड़ ने कहा, 'न्यूज़ीलैंड में जाकर खेलना हमेशा एक चुनौती होती है। घर से दूर उनके विरुद्ध खेलना मुश्किल होता है।'
द्रविड़ ने यह भी रेखांकित किया कि कई युवा भारतीय खिलाड़ियों ने न्यूज़ीलैंड जैसी परिस्थितियों में नहीं खेला है। उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की कमी का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन दिग्गजों का अनुभव इस दौरे पर खलेगा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी
भारत अगले साल जनवरी से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत ऑस्ट्रेलिया की मेज़बानी करेगा, जिसमें पाँच टेस्ट मैच खेले जाएंगे। द्रविड़ ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया के साथ मुकाबला बहुत रोमांचक होगा। यह ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की एक शानदार पीढ़ी है, जिसने भारत में जीत हासिल नहीं की है, इसलिए वे ऐसा करने के लिए उत्सुक होंगे।'
आगे का रास्ता
WTC चक्र में भारत के पास अभी सात और टेस्ट मैच शेष हैं — जिनमें न्यूज़ीलैंड में दो और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पाँच शामिल हैं। गौरतलब है कि WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में हर मैच का नतीजा निर्णायक होगा। चोटों से मुक्त रहना और घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रदर्शन — ये दोनों कारक भारत की किस्मत तय करेंगे।