डकेट का 141 रनों का धमाका, इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में भारत को दिया 388 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
लॉर्ड्स में 19 जुलाई को खेले जा रहे भारत-इंग्लैंड वनडे सीरीज के तीसरे और निर्णायक मुकाबले में बेन डकेट की विस्फोटक 141 रनों की पारी के दम पर इंग्लैंड ने 50 ओवर में 3 विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वनडे फॉर्मेट में यह किसी भी टीम का सर्वोच्च स्कोर है, और भारत के सामने 388 रन का दुर्जेय लक्ष्य रखा गया है।
डकेट-बेथेल की रिकॉर्डतोड़ ओपनिंग साझेदारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाले इंग्लैंड की शुरुआत बाएँ हाथ के दोनों सलामी बल्लेबाजों बेन डकेट और जैकब बेथेल ने की। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 30.1 ओवर में 192 रन की साझेदारी की — जो भारत के विरुद्ध वनडे में इंग्लैंड की पहले विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है।
जैकब बेथेल ने 93 गेंदों पर 11 चौके और 2 छक्के जड़ते हुए 91 रन की आक्रामक पारी खेली। इस साझेदारी को तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने तोड़ा।
डकेट का करियर का चौथा वनडे शतक
बेन डकेट ने अपने वनडे करियर का चौथा शतक जड़ा। उन्होंने 135 गेंदों पर 18 चौके और 1 छक्के की मदद से 141 रन की शानदार पारी खेली। आउट होने से पहले उन्होंने जो रूट के साथ दूसरे विकेट के लिए 101 रन की अहम साझेदारी भी की।
रूट और बटलर का अंतिम ओवरों में तूफान
जो रूट ने 48 गेंदों पर 9 चौकों की मदद से नाबाद 74 रन बनाए। यह इस सीरीज में रूट का लगातार तीसरा अर्धशतक है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने 12 गेंदों पर 14 रन की संक्षिप्त पारी खेली।
अंतिम ओवरों में जोस बटलर ने तूफानी अंदाज में 13 गेंदों पर 3 छक्के और 4 चौके जड़ते हुए नाबाद 41 रन बनाए। रूट और बटलर के बीच मात्र 19 गेंदों में 63 रन की विस्फोटक साझेदारी ने इंग्लैंड को 387 के पार पहुँचाया।
भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इंग्लैंड के सामने बेबस नजर आया। गुरनूर बरार सबसे महंगे साबित हुए — उन्होंने 10 ओवर में 97 रन लुटाए और कोई विकेट नहीं लिया। अर्शदीप सिंह ने 10 ओवर में 72 रन दिए, जबकि अक्षर पटेल ने 10 ओवर में 61 रन खर्च किए — दोनों को भी विकेट नहीं मिला। प्रिंस यादव ने 10 ओवर में 79 रन देकर 1 विकेट लिया, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा 10 ओवर में 69 रन देकर 2 विकेट लेने वाले एकमात्र सफल गेंदबाज रहे।
आगे क्या
भारत के सामने अब 388 रन का लक्ष्य है — लॉर्ड्स के इतिहास में वनडे में सबसे बड़ा। यह सीरीज का निर्णायक मुकाबला है, और भारतीय बल्लेबाजी का यह सबसे कठिन इम्तिहान होगा।