लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ जड़े 387 रन, वनडे का ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर 19 जुलाई को खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 3 विकेट खोकर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह इस ऐतिहासिक मैदान पर वनडे फॉर्मेट का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है, साथ ही इंग्लैंड का वनडे इतिहास में भी यह सर्वोच्च स्कोर बन गया है।
मुख्य घटनाक्रम
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम को बेन डकेट और जैकब बेथेल की सलामी जोड़ी ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने मिलकर 181 गेंदों में 192 रन की साझेदारी की। बेथेल 93 गेंदों में 13 चौकों की मदद से 91 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद डकेट ने जो रूट के साथ दूसरे विकेट के लिए 80 गेंदों में 101 रन जोड़े और टीम को 293 के स्कोर तक पहुँचाया। डकेट 135 गेंदों में 18 चौकों और 1 छक्के की मदद से 141 रन बनाकर पवेलियन लौटे। रूट 48 गेंदों में 9 चौकों के साथ 74 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि जोस बटलर ने महज 13 गेंदों में 7 बाउंड्री के साथ तूफानी 41 रन ठोके।
लॉर्ड्स के वनडे रिकॉर्ड का इतिहास
इससे पहले लॉर्ड्स में वनडे का सर्वोच्च स्कोर भी इंग्लैंड के ही नाम था — 1975 में भारत के विरुद्ध 4 विकेट खोकर बनाए 334 रन। दक्षिण अफ्रीका ने 2005 में इसी मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ 330/8 का स्कोर बनाया था। इंग्लैंड ने 2017 में आयरलैंड के खिलाफ यहाँ 6 विकेट खोकर 328 रन जड़े थे, और भारत ने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स पर 326/8 का स्कोर बनाया था।
भारत के खिलाफ वनडे के बड़े स्कोर
यह भारत के विरुद्ध वनडे इतिहास में चौथा सबसे बड़ा स्कोर है। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका शीर्ष पर है, जिसने 2015 में वानखेड़े स्टेडियम पर 438/4 का अजेय स्कोर खड़ा किया था। श्रीलंका ने 2009 में राजकोट में 411/8 बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने 2020 में सिडनी में भारत के खिलाफ 4 विकेट खोकर 389 रन बनाए थे — यानी इंग्लैंड का यह स्कोर उस सूची में ऑस्ट्रेलिया से मात्र 2 रन पीछे है।
भारतीय गेंदबाज़ों का प्रदर्शन
भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा सर्वाधिक 2 विकेट लेने में सफल रहे, जबकि प्रिंस यादव ने 1 विकेट अपने नाम किया। इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाज़ी प्रदर्शन के सामने भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण बेबस नज़र आया।
क्या होगा आगे
भारत को अब इस विशाल लक्ष्य का पीछा करना है। गौरतलब है कि लॉर्ड्स में इतने बड़े स्कोर का सफलतापूर्वक पीछा करना क्रिकेट इतिहास में अत्यंत दुर्लभ रहा है। टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला सीरीज में बने रहने की दृष्टि से निर्णायक साबित होगा।