लॉर्ड्स में इंग्लैंड का ऐतिहासिक 387/3, बेन डकेट के 141 रन ने रचा वनडे इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
भारत-इंग्लैंड वनडे सीरीज के तीसरे और निर्णायक मुकाबले में लॉर्ड्स पर 19 जुलाई को इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया — जो लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे फॉर्मेट में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सर्वोच्च स्कोर है। बेन डकेट की 135 गेंदों में 141 रनों की शानदार पारी इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की धुरी रही।
डकेट-बेथेल की रिकॉर्ड साझेदारी
पारी की शुरुआत बेन डकेट और जैकब बेथेल ने की — दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज। इस जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 30.1 ओवर में 192 रन की साझेदारी की, जो भारत के खिलाफ वनडे में इंग्लैंड की पहले विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड जेसन रॉय और जॉनी बेयरेस्टो के नाम था, जिन्होंने 2019 में एजबेस्टन में 160 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी।
बेन डकेट के नाम दर्ज हुए कई रिकॉर्ड
बेन डकेट ने 135 गेंदों पर 18 चौके और 1 छक्के की मदद से 141 रन बनाए — यह लॉर्ड्स में वनडे में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। यह भारत के खिलाफ वनडे में किसी इंग्लिश बल्लेबाज की दूसरी सबसे बड़ी पारी भी है। शीर्ष पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस हैं, जिन्होंने 2011 में भारत के खिलाफ 158 रन बनाए थे। यह डकेट के वनडे करियर का चौथा शतक था।
गौरतलब है कि डकेट डेनिस एमिस, ग्राहम गूच, ग्रेम वुड, मार्कस ट्रेस्कोथिक और एलिस्टेयर कुक के बाद इंग्लैंड के छठे सलामी बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने लॉर्ड्स में टेस्ट और वनडे — दोनों फॉर्मेट में शतक दर्ज किया है। यह उपलब्धि उन्हें इंग्लिश क्रिकेट के एक चुनिंदा अभिजात वर्ग में शामिल करती है।
बेथेल, रूट और बटलर का योगदान
जैकब बेथेल ने 93 गेंदों पर 11 चौके और 2 छक्कों की बदौलत 91 रन की आक्रामक पारी खेली। सीरीज में लगातार शानदार फॉर्म में चल रहे जो रूट ने 48 गेंदों पर 9 चौकों की मदद से 74 रन नाबाद बनाकर लगातार तीसरा अर्धशतक जमाया। कप्तान हैरी ब्रूक ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए, जबकि जोस बटलर ने 13 गेंदों पर 3 छक्के और 4 चौकों की मदद से 41 रन नाबाद रहकर पारी के अंत में तूफान मचाया।
लॉर्ड्स का ऐतिहासिक स्कोर
इंग्लैंड का 387/3 का स्कोर लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे इतिहास में किसी भी टीम का सर्वोच्च स्कोर है। यह मैच भारत-इंग्लैंड वनडे सीरीज का निर्णायक तीसरा मुकाबला है, ऐसे में विशाल लक्ष्य का पीछा करना भारतीय बल्लेबाजी के लिए एक कड़ी परीक्षा होगी। अब सभी की नज़रें भारत की पारी पर टिकी हैं।