गोवा में फीफा विश्व कप 2026 का जुनून: 'फुटबॉल हमारी साँसों में बसा है'
सारांश
मुख्य बातें
पणजी, 14 जून — फीफा विश्व कप 2026 के आगाज़ के साथ ही गोवा में फुटबॉल का बुखार एक अलग ही ऊँचाई पर पहुँच गया है। भले ही भारतीय टीम इस बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन गोवा में खिलाड़ियों और प्रशंसकों का उत्साह किसी से कम नहीं है — यहाँ एक राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल टूर्नामेंट भी समानांतर रूप से चल रहा है, जिसमें अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-17 वर्ग के लड़के-लड़कियाँ हिस्सा ले रहे हैं।
मैदान पर जोश, स्क्रीन पर विश्व कप
फुटबॉल कोच डोमिनिक अराउजो ने कहा, 'फीफा विश्व कप 2026 चल रहा है। हम टूर्नामेंट का काफी आनंद ले रहे हैं। गोवा में फुटबॉल बेहद लोकप्रिय है। फुटबॉल हमारे खून में है।' उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन सातवीं बार हो रहा है और वे चाहते हैं कि गोवा में फुटबॉल खेलने वाली लड़कियों की संख्या और बढ़े।
कोच भगत ने कहा, 'गोवा के लोगों के लिए सूरज का निकलना और फुटबॉल खेलने से बड़ी खुशी कुछ और नहीं है। यहाँ लोग फुटबॉल को जीते हैं, फुटबॉल को अपनी साँसों में बसाकर रखते हैं।' उन्होंने जोड़ा कि विश्व कप के दौरान यहाँ के लोग अपने घरों को पसंदीदा टीमों की जर्सी के रंग में रंग देते हैं और एक ही छत के नीचे कई टीमों के समर्थक मिल जाते हैं।
युवा खिलाड़ियों की दोहरी चुनौती
एक युवा फुटबॉलर ने बताया, 'हमारे मैच सुबह चलते हैं, इसलिए हम फीफा विश्व कप के मैच देख पाते हैं। मैचों की वजह से जल्दी सोना पड़ता है और फिर सुबह जल्दी उठकर आना पड़ता है। गोवा में कड़ी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है — और यही रोमांचक है।' यह दोहरा दबाव — मैदान पर प्रदर्शन और रात को विश्व कप की स्क्रीन — गोवा के युवा फुटबॉलरों की उस समर्पण भावना को दर्शाता है जो इस राज्य को भारतीय फुटबॉल का गढ़ बनाती है।
प्रशंसकों की नज़र रोनाल्डो और पुर्तगाल पर
एक युवा प्रशंसक ने अपनी भावना साझा करते हुए कहा, 'फीफा विश्व कप के लिए भारतीय टीम क्वालीफाई नहीं कर पाई — मैं चाहता हूँ कि एक दिन भारत भी विश्व कप में जगह बनाए। मैं रोनाल्डो का फैन हूँ, इसलिए इस विश्व कप में पुर्तगाल का समर्थन कर रहा हूँ।' एक अन्य प्रशंसक ने कहा कि वे सभी मैच देखना चाहते हैं, लेकिन अपने खुद के टूर्नामेंट के कारण यह संभव नहीं हो पाता।
महिला फुटबॉलरों की बढ़ती भागीदारी
एक युवा महिला खिलाड़ी ने कहा, 'मैं फुटबॉल की बड़ी फैन हूँ। मैंने कतर में 2022 में हुए विश्व कप को भी फॉलो किया था। भारत में क्रिकेट सबसे अहम खेल है, लेकिन गोवा में फुटबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है। यहाँ बहुत सारे अच्छे क्लब हैं जो महिलाओं को भी अवसर देते हैं।' एक अन्य युवा महिला फुटबॉलर ने कहा, 'लड़कियों की संख्या धीरे-धीरे फुटबॉल में बढ़ रही है — और यह और बढ़नी चाहिए, तभी हम इस खेल में बराबरी कर पाएंगे।'
गोवा: भारतीय फुटबॉल का धड़कता दिल
गोवा का यह उत्साह महज़ एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है — यह उस गहरी सांस्कृतिक जड़ की अभिव्यक्ति है जो फुटबॉल को इस राज्य की पहचान से जोड़ती है। FC गोवा जैसे क्लबों की उपस्थिति और दशकों पुरानी फुटबॉल परंपरा ने गोवा को भारत का फुटबॉल हब बनाया है। आने वाले वर्षों में यदि महिला भागीदारी और घरेलू ढाँचा इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो गोवा की यह पीढ़ी राष्ट्रीय टीम के भविष्य की नींव बन सकती है।