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गोवा में फीफा विश्व कप 2026 का जुनून: 'फुटबॉल हमारी साँसों में बसा है'

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गोवा में फीफा विश्व कप 2026 का जुनून: 'फुटबॉल हमारी साँसों में बसा है'

सारांश

भारत विश्व कप में नहीं है — लेकिन गोवा को इसकी परवाह नहीं। सातवें राष्ट्रीय टूर्नामेंट के बीच यहाँ के खिलाड़ी, कोच और प्रशंसक फीफा 2026 का जश्न उसी तरह मना रहे हैं जैसे फुटबॉल उनकी साँसों में बसा हो — क्योंकि गोवा के लिए फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, पहचान है।

मुख्य बातें

फीफा विश्व कप 2026 के साथ-साथ गोवा में राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल टूर्नामेंट 7वीं बार आयोजित हो रहा है।
टूर्नामेंट में अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-17 वर्ग के लड़के और लड़कियाँ दोनों भाग ले रहे हैं।
कोच डोमिनिक अराउजो ने कहा — 'फुटबॉल हमारे खून में है'; गोवा में महिला फुटबॉलरों की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर।
भारतीय टीम फीफा विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, फिर भी देश में उत्साह बरकरार।
युवा प्रशंसक रोनाल्डो की वजह से पुर्तगाल का समर्थन कर रहे हैं; विश्व कप के दौरान घरों को पसंदीदा टीमों के रंग में रंगने की परंपरा।

पणजी, 14 जूनफीफा विश्व कप 2026 के आगाज़ के साथ ही गोवा में फुटबॉल का बुखार एक अलग ही ऊँचाई पर पहुँच गया है। भले ही भारतीय टीम इस बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन गोवा में खिलाड़ियों और प्रशंसकों का उत्साह किसी से कम नहीं है — यहाँ एक राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल टूर्नामेंट भी समानांतर रूप से चल रहा है, जिसमें अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-17 वर्ग के लड़के-लड़कियाँ हिस्सा ले रहे हैं।

मैदान पर जोश, स्क्रीन पर विश्व कप

फुटबॉल कोच डोमिनिक अराउजो ने कहा, 'फीफा विश्व कप 2026 चल रहा है। हम टूर्नामेंट का काफी आनंद ले रहे हैं। गोवा में फुटबॉल बेहद लोकप्रिय है। फुटबॉल हमारे खून में है।' उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन सातवीं बार हो रहा है और वे चाहते हैं कि गोवा में फुटबॉल खेलने वाली लड़कियों की संख्या और बढ़े।

कोच भगत ने कहा, 'गोवा के लोगों के लिए सूरज का निकलना और फुटबॉल खेलने से बड़ी खुशी कुछ और नहीं है। यहाँ लोग फुटबॉल को जीते हैं, फुटबॉल को अपनी साँसों में बसाकर रखते हैं।' उन्होंने जोड़ा कि विश्व कप के दौरान यहाँ के लोग अपने घरों को पसंदीदा टीमों की जर्सी के रंग में रंग देते हैं और एक ही छत के नीचे कई टीमों के समर्थक मिल जाते हैं।

युवा खिलाड़ियों की दोहरी चुनौती

एक युवा फुटबॉलर ने बताया, 'हमारे मैच सुबह चलते हैं, इसलिए हम फीफा विश्व कप के मैच देख पाते हैं। मैचों की वजह से जल्दी सोना पड़ता है और फिर सुबह जल्दी उठकर आना पड़ता है। गोवा में कड़ी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है — और यही रोमांचक है।' यह दोहरा दबाव — मैदान पर प्रदर्शन और रात को विश्व कप की स्क्रीन — गोवा के युवा फुटबॉलरों की उस समर्पण भावना को दर्शाता है जो इस राज्य को भारतीय फुटबॉल का गढ़ बनाती है।

प्रशंसकों की नज़र रोनाल्डो और पुर्तगाल पर

एक युवा प्रशंसक ने अपनी भावना साझा करते हुए कहा, 'फीफा विश्व कप के लिए भारतीय टीम क्वालीफाई नहीं कर पाई — मैं चाहता हूँ कि एक दिन भारत भी विश्व कप में जगह बनाए। मैं रोनाल्डो का फैन हूँ, इसलिए इस विश्व कप में पुर्तगाल का समर्थन कर रहा हूँ।' एक अन्य प्रशंसक ने कहा कि वे सभी मैच देखना चाहते हैं, लेकिन अपने खुद के टूर्नामेंट के कारण यह संभव नहीं हो पाता।

महिला फुटबॉलरों की बढ़ती भागीदारी

एक युवा महिला खिलाड़ी ने कहा, 'मैं फुटबॉल की बड़ी फैन हूँ। मैंने कतर में 2022 में हुए विश्व कप को भी फॉलो किया था। भारत में क्रिकेट सबसे अहम खेल है, लेकिन गोवा में फुटबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है। यहाँ बहुत सारे अच्छे क्लब हैं जो महिलाओं को भी अवसर देते हैं।' एक अन्य युवा महिला फुटबॉलर ने कहा, 'लड़कियों की संख्या धीरे-धीरे फुटबॉल में बढ़ रही है — और यह और बढ़नी चाहिए, तभी हम इस खेल में बराबरी कर पाएंगे।'

गोवा: भारतीय फुटबॉल का धड़कता दिल

गोवा का यह उत्साह महज़ एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है — यह उस गहरी सांस्कृतिक जड़ की अभिव्यक्ति है जो फुटबॉल को इस राज्य की पहचान से जोड़ती है। FC गोवा जैसे क्लबों की उपस्थिति और दशकों पुरानी फुटबॉल परंपरा ने गोवा को भारत का फुटबॉल हब बनाया है। आने वाले वर्षों में यदि महिला भागीदारी और घरेलू ढाँचा इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो गोवा की यह पीढ़ी राष्ट्रीय टीम के भविष्य की नींव बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो भारतीय टीम विश्व कप के लिए क्वालीफाई क्यों नहीं कर पाती? कोच अराउजो का महिला भागीदारी पर ज़ोर सही दिशा में है, लेकिन ढाँचागत निवेश और राष्ट्रीय नीति के बिना यह जज़्बा मैदान से आगे नहीं जाएगा। गोवा की इस पीढ़ी की क्षमता को पहचानने और उसे राष्ट्रीय फुटबॉल रोडमैप से जोड़ने की ज़रूरत है — वरना यह जुनून सिर्फ जश्न बनकर रह जाएगा, बदलाव नहीं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फीफा विश्व कप 2026 के दौरान गोवा में क्या हो रहा है?
फीफा विश्व कप 2026 के साथ-साथ गोवा में एक राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल टूर्नामेंट चल रहा है, जो इस साल 7वीं बार आयोजित हो रहा है। इसमें अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-17 वर्ग के लड़के और लड़कियाँ हिस्सा ले रहे हैं।
क्या भारत फीफा विश्व कप 2026 में खेल रहा है?
नहीं, भारतीय टीम फीफा विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी। इसके बावजूद गोवा समेत पूरे देश में विश्व कप को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
गोवा में फुटबॉल इतना लोकप्रिय क्यों है?
गोवा में फुटबॉल की दशकों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है। कोच भगत के अनुसार, 'यहाँ लोग फुटबॉल को जीते हैं।' FC गोवा जैसे क्लब और स्थानीय टूर्नामेंट की मज़बूत संस्कृति इसे भारत का फुटबॉल हब बनाती है।
गोवा में महिला फुटबॉल की क्या स्थिति है?
गोवा में महिला फुटबॉलरों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। कोच डोमिनिक अराउजो और युवा महिला खिलाड़ियों ने कहा कि यह संख्या और बढ़नी चाहिए। स्थानीय क्लब महिलाओं को अवसर दे रहे हैं, लेकिन पुरुषों के बराबर पहुँचने में अभी समय लगेगा।
गोवा के प्रशंसक इस विश्व कप में किस टीम का समर्थन कर रहे हैं?
गोवा के युवा प्रशंसकों में रोनाल्डो की वजह से पुर्तगाल को लेकर खासा उत्साह है। विश्व कप के दौरान यहाँ लोग अपने घरों को पसंदीदा टीमों के रंग में रंगते हैं और एक ही घर में कई टीमों के समर्थक मिलते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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