ऋषभ पंत को नेचुरल गेम बदलने की जरूरत नहीं, पर परिस्थितियाँ पढ़ना ज़रूरी: गौतम गंभीर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने 5 जून 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को उनका स्वाभाविक खेल छोड़ने के लिए नहीं कहा गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैच की परिस्थितियों को समझकर बल्लेबाजी करना अनिवार्य है। पंत अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय टीम का हिस्सा हैं और यह उनके टेस्ट करियर का 50वाँ मुकाबला होगा।
गंभीर ने क्या कहा
गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हर खिलाड़ी को जज उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। जहाँ तक बात ऋषभ पंत की है, तो हम चाहते हैं कि वह वैसा ही खेलें जैसा खेलते हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि हम चाहते हैं कि पंत अपने खेलने के तरीके को बदलें। हालाँकि, इंटरनेशनल क्रिकेट में आपको परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी करनी पड़ती है। परिस्थितियों को पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है कि उस वक्त टीम को आपसे कैसी बल्लेबाजी की जरूरत है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'ऐसा नहीं है कि किसी को बोला गया कि आप अपने नेचुरल गेम से हटकर बिल्कुल अलग तरह से खेलो। टेस्ट क्रिकेट हो या वनडे या फिर टी20, हर फॉर्मेट में रन बनाना और विकेट लेना ही असली मकसद है — उसे आप नहीं हट सकते, लेकिन परिस्थिति को समझना काफी महत्वपूर्ण है।'
पंत की हालिया फॉर्म
ऋषभ पंत का बल्ला हाल के समय में खामोश रहा है। आईपीएल 2026 में वह कोई उल्लेखनीय प्रदर्शन नहीं कर सके। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दोनों मुकाबलों में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।
गौरतलब है कि इंग्लैंड दौरे पर पंत ने दमदार प्रदर्शन किया था, लेकिन चोट के कारण उन्हें बीच सीरीज से ही बाहर होना पड़ा था। यह ऐसे समय में आया है जब टीम प्रबंधन लगातार पंत की क्षमता पर भरोसा जता रहा है।
50वें टेस्ट का महत्व
अफगानिस्तान के खिलाफ यह एकमात्र टेस्ट ऋषभ पंत के लिए करियर का एक अहम पड़ाव है — वह अपना 50वाँ टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे। यह मुकाबला उनके लिए खोई हुई फॉर्म को दोबारा हासिल करने का बेहतरीन अवसर भी है।
आगे क्या
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में पंत के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी होंगी। टीम प्रबंधन ने स्पष्ट संदेश दिया है — स्वाभाविक खेल बनाए रखो, लेकिन मैच की माँग को भी पहचानो। यह संतुलन ही आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में पंत की भूमिका तय करेगा।