7 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गांगुली की लॉर्ड्स वाली जर्सी मुंबई में: MCA म्यूज़ियम में 14-17 नवंबर को MCC की ऐतिहासिक प्रदर्शनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गांगुली की लॉर्ड्स वाली जर्सी मुंबई में: MCA म्यूज़ियम में 14-17 नवंबर को MCC की ऐतिहासिक प्रदर्शनी

सारांश

2002 में लॉर्ड्स की बालकनी पर गांगुली का वह क्षण भारतीय क्रिकेट की पहचान बन गया था। अब वही जर्सी, सचिन के जंपर और धोनी की शर्ट के साथ, मुंबई में MCC-MCA की संयुक्त प्रदर्शनी में 14-17 नवंबर को दर्शकों के सामने होगी — विरासत को ज़िंदा रखने की एक अनूठी कोशिश।

मुख्य बातें

सौरव गांगुली की 2002 नेटवेस्ट सीरीज़ फाइनल वाली वनडे जर्सी MCA शरद पवार क्रिकेट म्यूज़ियम , मुंबई में प्रदर्शित होगी।
प्रदर्शनी 14, 15 और 17 नवंबर 2026 को आम जनता के लिए खुली रहेगी।
संग्रह में सचिन तेंदुलकर का वनडे जंपर, एमएस धोनी की वनडे शर्ट, राहुल द्रविड़ की टेस्ट शर्ट और अनिल कुंबले की वनडे कैप भी शामिल हैं।
1982 के जुबली टेस्ट का मेडल भी प्रदर्शनी का हिस्सा होगा।
यह आयोजन मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के संयुक्त सहयोग से संभव हुआ है।

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के शरद पवार क्रिकेट म्यूज़ियम में इस महीने एक दुर्लभ प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जिसमें वह ऐतिहासिक जर्सी भी शामिल है जिसे भारत के तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने 2002 नेटवेस्ट सीरीज़ फाइनल की जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी से लहराया था। यह प्रदर्शनी 14, 15 और 17 नवंबर 2026 को आम जनता के लिए खुली रहेगी। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के सहयोग से आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित वस्तुओं को मुंबई के प्रशंसकों के सामने पेश करेगा।

प्रदर्शनी में क्या-क्या है

गांगुली की वनडे शर्ट के अलावा, इस संग्रह में सचिन तेंदुलकर का वनडे जंपर, एमएस धोनी की वनडे शर्ट, राहुल द्रविड़ की टेस्ट शर्ट और अनिल कुंबले की वनडे कैप भी शामिल हैं। ये सभी वस्तुएँ MCC म्यूज़ियम की धरोहर हैं, जो भारतीय क्रिकेट के 'स्वर्ण युग' की यादें समेटे हुए हैं।

प्रदर्शनी में एक और दुर्लभ वस्तु — भारत और इंग्लैंड के बीच 1982 में खेले गए 'जुबली टेस्ट' का मेडल — भी रखा जाएगा, जो इस संग्रह की ऐतिहासिक गहराई को और बढ़ाता है।

वह पल जो इतिहास बन गया

गौरतलब है कि 13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स में खेले गए नेटवेस्ट सीरीज़ फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराया था। उस जीत के बाद गांगुली ने बालकनी से अपनी जर्सी उतारकर लहराई थी — यह एक ऐसी छवि थी जो भारतीय क्रिकेट की आक्रामक और आत्मविश्वासी पहचान का प्रतीक बन गई। युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ की उस यादगार साझेदारी ने असंभव को संभव किया था।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में क्रिकेट की विरासत को संजोने की दिशा में संस्थागत प्रयास तेज़ हो रहे हैं। MCA का यह क़दम उसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है।

MCC और MCA का साझा संकल्प

MCC के एक प्रवक्ता ने कहा, 'मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) को MCA शरद पवार क्रिकेट म्यूज़ियम में इस विशेष प्रदर्शनी के लिए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के साथ सहयोग करने पर बहुत खुशी है।'

MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा, 'मुंबई के क्रिकेट प्रशंसक इस खेल के समृद्ध इतिहास से गहराई से जुड़े हुए हैं। यह प्रदर्शनी भारत के महानतम क्रिकेट दिग्गजों से जुड़ी वस्तुओं को देखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। हम इन अनमोल खजानों को साझा करने और एक विश्व स्तरीय क्रिकेट म्यूज़ियम बनाने के हमारे प्रयासों का समर्थन करने के लिए MCC के आभारी हैं।'

आम जनता पर असर

यह प्रदर्शनी MCA की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है जिसके तहत शरद पवार क्रिकेट म्यूज़ियम को एक विश्वस्तरीय संस्था के रूप में विकसित किया जाना है। तीनों दिन दर्शक MCC की ऐतिहासिक वस्तुओं के साथ-साथ म्यूज़ियम में पहले से संरक्षित क्रिकेट धरोहर को भी देख सकेंगे।

मुंबई, भारतीय और विश्व क्रिकेट के इतिहास से जुड़ी यह प्रदर्शनी न केवल पुरानी पीढ़ी के प्रशंसकों के लिए नॉस्टेल्जिया का ज़रिया होगी, बल्कि युवा क्रिकेट-प्रेमियों को भी उस दौर से रूबरू कराएगी जब भारतीय क्रिकेट वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयाँ छू रहा था।

क्या होगा आगे

MCA का लक्ष्य इस म्यूज़ियम को क्रिकेट विरासत के संरक्षण का स्थायी केंद्र बनाना है। इस प्रदर्शनी की सफलता के आधार पर भविष्य में MCC के साथ और अधिक सहयोगी आयोजनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आने वाली पीढ़ियों के लिए इन यादों को जीवंत रखना ही इस पहल का मूल उद्देश्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ टीम इंडिया ने पहली बार विदेशी ज़मीन पर बराबरी की भाषा में जवाब दिया। अब उस जर्सी को म्यूज़ियम में रखना इस बात की स्वीकृति है कि खेल की विरासत केवल रिकॉर्ड बुक में नहीं, बल्कि मूर्त वस्तुओं में भी जीती है। MCA का यह क़दम सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह प्रदर्शनी एक नियमित संस्थागत परंपरा बनेगी या सिर्फ एक इवेंट बनकर रह जाएगी। भारत में क्रिकेट विरासत-संरक्षण की संस्कृति अभी शैशव अवस्था में है, और MCC जैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ ऐसी पहलें उसे परिपक्व बना सकती हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांगुली की 2002 नेटवेस्ट फाइनल वाली जर्सी कहाँ और कब देखी जा सकती है?
यह जर्सी मुंबई के MCA शरद पवार क्रिकेट म्यूज़ियम में 14, 15 और 17 नवंबर 2026 को आम जनता के लिए प्रदर्शित की जाएगी। यह MCC और MCA के संयुक्त सहयोग से आयोजित विशेष प्रदर्शनी का हिस्सा है।
MCA शरद पवार क्रिकेट म्यूज़ियम प्रदर्शनी में और क्या-क्या देखने को मिलेगा?
गांगुली की जर्सी के अलावा प्रदर्शनी में सचिन तेंदुलकर का वनडे जंपर, एमएस धोनी की वनडे शर्ट, राहुल द्रविड़ की टेस्ट शर्ट, अनिल कुंबले की वनडे कैप और 1982 के जुबली टेस्ट का मेडल भी रखा जाएगा। ये सभी वस्तुएँ MCC म्यूज़ियम के ऐतिहासिक संग्रह से लाई गई हैं।
2002 नेटवेस्ट सीरीज़ फाइनल में गांगुली ने जर्सी क्यों लहराई थी?
13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराकर नेटवेस्ट सीरीज़ जीतने के बाद गांगुली ने जश्न में अपनी जर्सी उतारकर बालकनी से लहराई थी। यह पल भारतीय क्रिकेट की आत्मविश्वासी और आक्रामक पहचान का प्रतीक बन गया।
MCC और MCA का यह सहयोग किस उद्देश्य से किया गया है?
इस सहयोग का उद्देश्य MCA शरद पवार क्रिकेट म्यूज़ियम को एक विश्वस्तरीय क्रिकेट विरासत केंद्र के रूप में विकसित करना है। MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक के अनुसार, यह प्रदर्शनी भारत के महानतम क्रिकेटरों से जुड़ी यादगार वस्तुओं को देखने का अनूठा अवसर है।
क्या यह प्रदर्शनी स्थायी रहेगी?
फिलहाल यह प्रदर्शनी तीन दिन — 14, 15 और 17 नवंबर 2026 — तक सीमित है। हालाँकि MCA का दीर्घकालिक लक्ष्य म्यूज़ियम को क्रिकेट विरासत के स्थायी संरक्षण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले