क्या गौतम गंभीर की बजाय हर्षित राणा अपने पिता के कारण बल्लेबाजी पर ध्यान देते हैं?
सारांश
Key Takeaways
- हर्षित राणा की बल्लेबाजी में उनके पिता का बड़ा योगदान है।
- न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में राणा का प्रदर्शन शानदार रहा।
- टीम उन्हें एक ऑलराउंडर के रूप में विकसित करना चाहती है।
- हर्षित का डर उनके पिता से बात करने में प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
- विराट कोहली ने मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता।
वडोदरा, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम में हर्षित राणा को एक तेज गेंदबाज के रूप में स्थान मिला है। पिछले एक वर्ष में, इस दाएं हाथ के गेंदबाज ने सभी तीन फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी के साथ-साथ उन्हें बल्लेबाजी का भी अवसर मिलता है, जिसका श्रेय मुख्य कोच गौतम गंभीर को दिया जाता है। हालांकि, राणा ने इस बात को खंडित किया है।
वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत हासिल करने के बाद, बीसीसीआई टीवी पर हर्षित राणा ने अपनी बल्लेबाजी पर बात की। उन्होंने कहा कि उनकी बल्लेबाजी की शुरुआत उनके पिता ने की थी। वे हमेशा मेरी बल्लेबाजी पर ध्यान देते रहे हैं। उनके अनुसार, ऑलराउंडर्स को भारतीय टीम में जल्दी खेलने का मौका मिलता है, इसलिए उन्होंने मेरी गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी पर भी ध्यान दिया है।
राणा ने कहा कि हर मैच के बाद उनके पिता उन्हें फोन करते हैं। जब मैं 20 रन बनाकर जल्दी आउट होता हूं, तो मुझे डर लगता है कि मैं उनसे कैसे बात करूंगा।
हर्षित राणा के इस बयान से यह स्पष्ट है कि गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी पर भी वह कम उम्र से ध्यान दे रहे हैं और इसके पीछे उनकी पिता का महत्वपूर्ण योगदान है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में, राणा ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी में उपयोगी योगदान देते हुए टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने गेंदबाजी में 10 ओवर में 65 रन देकर 2 विकेट लिए और बल्लेबाजी में 23 गेंदों पर 29 रन बनाए।
मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राणा ने कहा कि टीम उन्हें एक ऑलराउंडर के रूप में तैयार करना चाहती है, ताकि निचले क्रम में रनों की आवश्यकता होने पर वे योगदान कर सकें।
न्यूजीलैंड द्वारा निर्धारित 301 रन के लक्ष्य को भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट पर 306 रन बनाकर प्राप्त किया। विराट कोहली ने 93 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता।