सुनील गावस्कर ने सराहा 'गिफ्ट ऑफ लाइफ': 850 बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी, ₹12 करोड़ जुटाए
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने 2 जून को मुंबई के जुहू तारा रोड स्थित रोटरी सर्विस सेंटर में आयोजित एक विशेष समारोह में हिस्सा लिया, जहाँ ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ पहल के तहत लगभग 850 जरूरतमंद बच्चों की निःशुल्क हार्ट सर्जरी की उपलब्धि का जश्न मनाया गया। यह पहल रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे एयरपोर्ट के नेतृत्व में संचालित की जा रही है, जबकि सर्जरी ‘श्री सत्य साई संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर’ में की गईं।
छह वर्षों में ₹12 करोड़ जुटाए
‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ प्रोजेक्ट के चेयरमैन पीपी नितिन मेहता के मार्गदर्शन में चल रही इस पहल ने पिछले छह वर्षों में लगभग ₹12 करोड़ की राशि जुटाई है। यह धनराशि जन्मजात दिल की बीमारी से पीड़ित उन बच्चों की जीवनरक्षक सर्जरी पर खर्च की गई है, जिनके परिवार महंगा इलाज वहन करने में सक्षम नहीं थे।
मौजूदा प्रोजेक्ट का लक्ष्य
आयोजकों के अनुसार, मौजूदा प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹3.5 करोड़ है, जिसका उद्देश्य गंभीर हार्ट सर्जरी और चिकित्सकीय सहायता के माध्यम से लगभग 250 बच्चों को नई जिंदगी देना है। समारोह में गावस्कर ने बच्चों और उनके परिवारों के साथ समय बिताया और उन बच्चों से मुलाकात की, जिनका जीवन समय पर मिले उपचार से बदल गया।
गावस्कर का संदेश
कार्यक्रम में बोलते हुए गावस्कर ने कहा, “मैं इन बहादुर बच्चों से मिलकर काफी भावुक महसूस कर रहा हूं। उनका साहस, अस्पताल और रोटरी क्लब की तरफ से किया जा रहा निस्वार्थ काम, सचमुच प्रेरणादायक है। यही असली हीरो हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि समय पर उठाए गए कदमों और दरियादिली से कितनी सारी जिंदगी बदली जा सकती हैं।”
भारत में बाल हृदय रोग का संकट
आँकड़ों के अनुसार, जन्मजात दिल की बीमारियाँ नवजात शिशुओं और बच्चों को प्रभावित करने वाली सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। भारत में हर वर्ष दो लाख से अधिक बच्चे हृदय संबंधी बीमारियों के साथ जन्म लेते हैं, जिनमें से लगभग 70,000 बच्चों को जीवन के पहले वर्ष में ही सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। आर्थिक तंगी और बीमारी के देर से पता चलने के कारण कई परिवार समय पर इलाज नहीं करा पाते।
आगे क्या
आयोजकों ने संकेत दिया है कि ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ पहल को और अधिक बच्चों तक विस्तार देने की योजना है, और आने वाले महीनों में अतिरिक्त सर्जिकल कैंप आयोजित किए जाएँगे। यह कार्यक्रम सामूहिक प्रयासों और परोपकार की उस शक्ति को दर्शाता है, जो चिकित्सा अभाव के बीच जीवन को नई दिशा दे सकती है।