बाल हृदय योजना: पटना में 34 जिलों के 280 बच्चों की हृदय जांच, निशांत कुमार ने लिया जायज़ा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार रविवार, 2 अगस्त 2026 को पटना स्थित जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुँचे, जहाँ बाल हृदय योजना के तहत आयोजित एक विशेष हृदय जांच शिविर में उन्होंने भाग लिया। इस शिविर में बिहार के 34 जिलों से आए 280 बच्चों की हृदय रोग विशेषज्ञों द्वारा जांच की गई।
शिविर में क्या हुआ
स्वास्थ्य मंत्री ने शिविर की समस्त व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, उपस्थित चिकित्सकों से उपचार प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली और बच्चों तथा उनके परिजनों से सीधी बातचीत की। उन्होंने मेदांता प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविरों से दिल में छेद जैसी जन्मजात हृदय संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हो पाता है।
बाल हृदय योजना की पृष्ठभूमि
यह योजना 4 अप्रैल 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सात निश्चय-2 कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई थी। योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। गौरतलब है कि अब तक इस योजना के अंतर्गत 3,165 बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है।
उपचार केंद्र और आँकड़े
योजना के तहत उपचार चार प्रमुख केंद्रों पर किया जाता है — आईजीआईसी पटना, सत्यसाईं हॉस्पिटल अहमदाबाद, मेदांता और आईजीएमएस। इनमें से अकेले मेदांता ने अब तक 574 केसों में दिल में छेद वाले बच्चों का सफल उपचार किया है। यह आँकड़ा योजना की व्यापक पहुँच और प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।
स्वास्थ्य मंत्री का संदेश
निशांत कुमार ने कहा कि बाल हृदय योजना हज़ारों परिवारों के लिए नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। उन्होंने स्वास्थ्य टीम की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा, 'हम सब मिलकर हर ज़रूरतमंद बच्चे तक समय पर बेहतर इलाज पहुँचाने की मुहिम चलाते रहेंगे।' उन्होंने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से भी इस शिविर की जानकारी साझा की।
आगे की राह
यह शिविर बिहार सरकार की उस व्यापक स्वास्थ्य रणनीति का हिस्सा है जो ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों के बच्चों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने पर केंद्रित है। आने वाले समय में इस तरह के और शिविर आयोजित किए जाने की संभावना है, ताकि योजना का लाभ और अधिक बच्चों तक पहुँच सके।