ग्रेस डांगमेई का इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास, सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 जीत के बाद 13 साल के करियर का अंत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला फुटबॉल की दिग्गज फॉरवर्ड ग्रेस डांगमेई ने 7 जून 2026 को इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की — और इससे बेहतर विदाई शायद ही हो सकती थी। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, मडगांव में सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठा खिताब जीता, और अंतिम सीटी बजते ही ग्रेस ने अपनी साथियों को भावुक होकर गले लगाया। 13 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 95 मैचों में 24 गोल करने वाली इस खिलाड़ी का यह अंतिम अध्याय भारतीय महिला फुटबॉल के इतिहास में स्वर्णिम रहेगा।
शानदार विदाई: फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत
सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में भारत ने डिफेंडिंग चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से पराजित किया। प्यारी जाक्सा, सैनफिदा नोंग्रुम और लिंडा कोम सेर्टो के गोलों ने भारत को यह खिताब दिलाया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गँवाया — सभी चार मैच जीते, 18 गोल किए और महज एक गोल खाया। यह प्रदर्शन न केवल भारतीय महिला फुटबॉल की मौजूदा ताकत को दर्शाता है, बल्कि ग्रेस जैसी अनुभवी खिलाड़ी की उपस्थिति में पली-बढ़ी एक पूरी पीढ़ी का परिचय भी देता है।
13 साल का करियर: उपलब्धियों का खजाना
2013 में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाली 30 वर्षीया ग्रेस ने अपने करियर में तीन सैफ महिला चैंपियनशिप खिताब और दो साउथ एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीते। वह 2014 से 2022 तक एशियन गेम्स, एएफसी विमेंस एशियन कप और ओलंपिक क्वालिफायर जैसे महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहीं। 2016 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दो गोल दागे, जबकि 2016 सैफ विमेंस चैंपियनशिप फाइनल में उनके गोल ने भारत को लगातार चौथा खिताब दिलाया था। गौरतलब है कि यह उनके करियर की निरंतरता और बड़े मंच पर प्रदर्शन की क्षमता का प्रमाण है।
क्लब करियर: गोकुलम से विदेशी लीग तक
क्लब स्तर पर गोकुलम केरल की उपकप्तान के रूप में ग्रेस ने एएफसी विमेंस क्लब चैंपियनशिप में क्लब की ऐतिहासिक भागीदारी में अहम भूमिका निभाई। 2022 में वह उज़्बेक क्लब एफसी नसाफ कार्शी के साथ विदेश में प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट साइन करने वाली चुनिंदा भारतीय महिला फुटबॉलरों में शामिल हुईं। यह कदम भारतीय महिला फुटबॉल के बढ़ते वैश्विक कद का संकेत था — और ग्रेस उस बदलाव की अग्रदूत रहीं।
भारतीय महिला फुटबॉल पर असर
ग्रेस डांगमेई का जाना भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक युग का अंत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में है — सैफ चैंपियनशिप में अजेय प्रदर्शन और रिकॉर्ड छठा खिताब इसकी गवाही देते हैं। उनकी विरासत अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, और टीम प्रबंधन के सामने अब एक अनुभवी फॉरवर्ड की जगह भरने की चुनौती होगी। आने वाले एएफसी क्वालिफायर और एशियन गेम्स में यह रिक्तता परखी जाएगी।