सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026: भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराया, राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 जून 2026 को सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में टीम ने बांग्लादेश को 3-1 से पराजित कर यह गौरव हासिल किया। यह भारतीय महिला फुटबॉल टीम का सातवाँ और 7 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आया पहला सैफ खिताब है।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर टीम को बधाई देते हुए लिखा, 'सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 जीतने पर भारतीय महिला फुटबॉल टीम को बहुत-बहुत बधाई। हमारी महिला फुटबॉल खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। मुझे पूरा भरोसा है कि उनकी यह शानदार उपलब्धि देश भर की युवा लड़कियों को आत्मविश्वास और साहस के साथ उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।'
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी एक्स पर लिखा, 'देश के लिए गर्व का पल है कि भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 जीतकर अपना छठा खिताब हासिल किया है। उनकी यह शानदार उपलब्धि भारत में महिला फुटबॉल की बढ़ती ताकत को दर्शाती है और देश भर के उभरते खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। टीम को बधाई और आगे भी ऐसी ही सफलता के लिए शुभकामनाएं।'
प्रधानमंत्री और खेल मंत्री की प्रतिक्रिया
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीम को बधाई देते हुए कहा, 'सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 जीतने पर भारतीय विमेंस फुटबॉल टीम को बधाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बहुत अच्छा खेला। इस जीत से आने वाले समय में और भी युवा खिलाड़ी फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित होंगे।'
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने 'ब्लू टाइग्रेस' को बधाई देते हुए लिखा, 'भारतीय फुटबॉल के लिए गर्व का पल, सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 की ट्रॉफी जीतने पर हमारी ब्लू टाइग्रेस को बहुत-बहुत बधाई।'
टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन
भारतीय महिला टीम ने पूरे सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 में एकजुट और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। फाइनल में 3-1 की जीत यह साबित करती है कि टीम ने न केवल रक्षात्मक बल्कि आक्रामक मोर्चे पर भी दबदबा बनाया। गौरतलब है कि यह भारत का इस प्रतियोगिता में छठा खिताब है, जो दक्षिण एशिया में भारतीय महिला फुटबॉल के वर्चस्व को रेखांकित करता है।
महिला फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक क्षण
यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारत में महिला खेलों को लेकर जागरूकता और संस्थागत समर्थन दोनों बढ़ रहे हैं। 7 साल के अंतराल के बाद यह खिताब वापस लाना टीम की तकनीकी परिपक्वता और कोचिंग स्टाफ की मेहनत का प्रमाण है। आने वाले समय में यह सफलता युवा पीढ़ी को फुटबॉल की ओर आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।