सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2025: भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार जीता खिताब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल के इंतज़ार को खत्म करते हुए सैफ विमेंस चैंपियनशिप का खिताब फिर से अपने नाम कर लिया। 6 जून 2025 को गोवा के मार्गाओ स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में 'ब्लू टाइग्रेस' ने मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से शिकस्त दी। यह भारत का इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड छठा खिताब है और 2019 के बाद पहली बार दक्षिण एशियाई महिला फुटबॉल में भारत शीर्ष पर लौटा है।
मैच का घटनाक्रम
प्यारी जाक्सा ने 42वें मिनट में पेनाल्टी एरिया के भीतर चतुराई से शॉट मारकर भारत को बढ़त दिलाई — बॉल डिफ्लेक्ट होकर गोलकीपर माइल अख्तर के ऊपर से नेट में गई। लेकिन बांग्लादेश ने तुरंत जवाब दिया; पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में ऋतु पोर्ना चकमा ने बाईं तरफ से सटीक लो-शॉट मारकर स्कोर 1-1 कर दिया — यह पूरे टूर्नामेंट में भारत के खिलाफ किसी टीम का पहला गोल था।
दूसरा हाफ शुरू होने के महज़ 40 सेकंड के भीतर सनफिदा नोंग्रम ने प्यारी के दाईं तरफ से आए क्रॉस पर पोस्ट के सहारे ज़बरदस्त हेडर मारकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। इस गोल ने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया।
जीत पक्की करने वाला गोल
82वें मिनट में बांग्लादेश की डिफेंस में हुई चूक का फायदा उठाते हुए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी लिंडा कॉम सर्टो ने बॉक्स के अंदर तेज़ी से रिएक्ट किया और माइल अख्तर को छकाते हुए गेंद नेट में डाल दी। 3-1 के इस स्कोर ने जीत लगभग पक्की कर दी और बाकी मैच में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ।
डैंगमेई ग्रेस का भावुक विदाई
भारतीय महिला फुटबॉल की दिग्गज खिलाड़ी डैंगमेई ग्रेस ने मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय करियर से संन्यास की घोषणा की। 2013 में डेब्यू के बाद से उन्होंने 95 बार देश का प्रतिनिधित्व किया और यह उनका तीसरा सैफ खिताब रहा। अंतिम सीटी बजते ही सनफिदा नोंग्रम घुटनों के बल बैठ गईं और ग्रेस को गले लगाया — यह भावुक दृश्य पूरे स्टेडियम में छा गया।
टूर्नामेंट के पुरस्कार और आँकड़े
भारत ने पूरे टूर्नामेंट में चारों मैच जीते, 18 गोल किए और केवल 1 गोल खाया। अवेका सिंह 4 गोल के साथ टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर रहीं। सनफिदा नोंग्रम को 'मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर' चुना गया, पंथोई चानू इलांगबम को 'बेस्ट गोलकीपर' का अवॉर्ड मिला, और नेपाल ने 'फेयर प्ले' पुरस्कार जीता। गौरतलब है कि कोच क्रिसपिन छेत्री की अगुआई में टीम ने पूरे अभियान में असाधारण अनुशासन दिखाया।
आगे क्या
यह खिताब भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है। मनीषा कल्याण ने इस टूर्नामेंट में पहली बार शुरुआती लाइन-अप में जगह बनाई, जो टीम की बढ़ती गहराई को दर्शाता है। ग्रेस के संन्यास के बाद अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों पर नज़रें टिकी होंगी, और यह जीत एशियाई फुटबॉल में भारत की स्थिति को और मज़बूत करती है।