मणिपुर की 9 महिला फुटबॉलरों ने CM खेमचंद सिंह से की मुलाकात, SAFF चैंपियनशिप जीत का किया जिक्र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की नौ मणिपुरी खिलाड़ियों ने 28 जून 2026 को इंफाल स्थित सचिवालय में मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात की और राज्य में महिला फुटबॉल को मजबूत करने की अपील की। इन खिलाड़ियों ने गोवा में आयोजित छठी साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) महिला चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा रहते हुए देश का नाम रोशन किया था।
मणिपुर की नौ खिलाड़ी, एक जीत
भारत की 23 सदस्यीय विजेता टीम में से 9 खिलाड़ी मणिपुर से थीं — यह आँकड़ा राज्य की फुटबॉल प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। फाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मणिपुर की ये नौ खिलाड़ी हैं: डंगमेई ग्रेस (स्ट्राइकर), इलांगबम पंथोई चानू (गोलकीपर), फंजौबम निर्मला देवी (डिफेंडर), सोरोखाइबम रंजना चानू (डिफेंडर), युमनाम सरिता (डिफेंडर), हेमाम शिल्की देवी (डिफेंडर), नओरेम प्रियंगका देवी (मिडफील्डर), सर्टो लिंडा कॉम (स्ट्राइकर), और तोइजम थोइबिसाना देवी (डिफेंडर)।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मणिपुर की छाप
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इनमें से कई खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एएफसी महिला एशियाई कप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया — जिसके लिए भारतीय महिला टीम ने 23 साल में पहली बार क्वालीफाई किया था। इसके अलावा, चार मणिपुरी खिलाड़ियों ने चीन में आयोजित 2023 एशियाई खेलों में भी देश का प्रतिनिधित्व किया।
खिलाड़ियों की माँगें और प्रस्ताव
खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष कई अहम मुद्दे रखे। उन्होंने कहा कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को रोज़गार के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है, जिससे मणिपुर की फुटबॉल पाइपलाइन कमज़ोर होती है। उन्होंने जमीनी स्तर पर विकास, युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर और हर साल महिला फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत खिलाड़ियों के करियर में उनकी खेल उपलब्धियों को मान्यता देने की भी अपील की गई।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की और महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने तथा उभरती प्रतिभाओं के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सचिवालय में इन खिलाड़ियों से मिलकर बहुत खुशी हुई। उनके अनुसार, जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार और निरंतर सहयोग इस दिशा में राज्य सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर फुटबॉल को लेकर राष्ट्रीय चर्चा तेज हो रही है। गौरतलब है कि राज्य से इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में स्थान पाना मणिपुर की फुटबॉल संस्कृति की ताकत को रेखांकित करता है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता ठोस नीतिगत कदमों में कब और कैसे तब्दील होती है।