गुवाहाटी में 135वें डूरंड कप की ट्रॉफी टूर शुरू, एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट का काउंटडाउन
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी में 17 जुलाई 2025 को 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप की तीन ऐतिहासिक ट्रॉफियों के आगमन के साथ असम में इस प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट की उलटी गिनती आधिकारिक रूप से शुरू हो गई। एशिया के सबसे पुराने और भारत के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल आयोजन से पहले ट्रॉफी टूर का शुभारंभ एक होटल में आयोजित भव्य समारोह के साथ हुआ।
समारोह और अनावरण
ट्रॉफियों का अनावरण असम के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बिस्वजीत दैमारी, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और प्रसिद्ध फुटबॉलर पार्थिब सुंदर गोगोई की उपस्थिति में किया गया। समारोह का समापन डूरंड कप ट्रॉफियों के औपचारिक अनावरण और मिलिट्री फ्लैग-ऑफ के साथ हुआ।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
बंगाल सब-एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल दिनेश कुमार सिंह और गजराज कोर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अमित धीर इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेजर जनरल धीर ने असम और पूरे उत्तर-पूर्व को भारतीय फुटबॉल का गढ़ बताया और कहा कि इस क्षेत्र में डूरंड कप की मेजबानी यहाँ की समृद्ध फुटबॉल विरासत और उत्साही दर्शकों का प्रमाण है। मेजर जनरल सिंह ने टूर्नामेंट के आयोजन में सेना और नागरिक प्रशासन के सहयोग की सराहना की तथा युवा खेल प्रतिभाओं को निखारने के प्रति सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता दोहराई।
खिलाड़ी और मंत्री का संदेश
फुटबॉलर पार्थिब सुंदर गोगोई ने प्रशंसकों से मैचों में बड़ी संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया और युवा खिलाड़ियों को देश के इस शीर्ष टूर्नामेंट से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। खेल मंत्री दैमारी ने असम की खेल संस्कृति में फुटबॉल के विशेष स्थान पर जोर देते हुए इस प्रतिष्ठित आयोजन को राज्य में लाने और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए फुटबॉल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने हेतु भारतीय सेना का आभार व्यक्त किया।
ट्रॉफी टूर का कार्यक्रम
अगले दो दिनों तक ये तीनों ट्रॉफियाँ नई विधानसभा बिल्डिंग, लचित बोरफुकन की प्रतिमा, आईआईटी गुवाहाटी और सिटी सेंटर मॉल में प्रदर्शित की जाएँगी। यह आयोजन फुटबॉल प्रेमियों को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले इन ऐतिहासिक ट्रॉफियों को करीब से देखने का दुर्लभ अवसर देगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और असम में इस टूर्नामेंट की मेजबानी क्षेत्रीय फुटबॉल के विकास को नई गति देने का काम करेगी।