हेली मैथ्यूज का टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद ऐलान: 'वेस्टइंडीज के लिए खेलना जारी रखूंगी'
सारांश
मुख्य बातें
वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से आठ विकेट की करारी हार के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेस्टइंडीज के लिए खेलने की उनकी प्रतिबद्धता पहले जितनी ही मज़बूत है। 1 जुलाई 2026 को मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैथ्यूज ने टीम के प्रदर्शन, वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका और महिला क्रिकेट के भविष्य पर खुलकर बात की।
संन्यास की अटकलों पर मैथ्यूज की साफ बात
जब मैथ्यूज से पूछा गया कि क्या यह टूर्नामेंट उनके करियर का अंतिम अध्याय हो सकता है, तो उन्होंने बिना किसी संकोच के जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मैं अब भी वेस्टइंडीज के लिए खेलना चाहती हूं। इसमें कोई शक नहीं है। वेस्टइंडीज ने मुझे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने का मौका दिया है। यह जिम्मेदारी काफी चुनौतीपूर्ण और मुश्किल है। लेकिन यही मेरे खेल के प्रति जुनून की सबसे बड़ी वजह भी है।' इस ऑलराउंडर ने कैरेबियन महिला क्रिकेट की अग्रणी हस्तियों में से एक होने की अपनी जिम्मेदारी पर भी जोर दिया।
युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का लक्ष्य
मैथ्यूज ने मैदान से परे अपनी भूमिका को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मेरे पास सिर्फ अपना प्रतिनिधित्व करने का ही नहीं, बल्कि बदलाव लाने का भी एक अच्छा मौका है। मैंने कैरेबियन में कई ऐसी युवा लड़कियों को देखा है, जो शायद मुझे देखकर क्रिकेट खेलना चाहें या इसे अपना करियर बनाना चाहें। ऐसे देश और क्षेत्र में, जहां महिला क्रिकेट और महिला खेलों को अभी भी उतनी पहचान नहीं मिली है। अगर मैं कुछ लड़कियों को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित कर सकूं, तो यह मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।' यह बयान उस समय आया है जब कैरेबियन क्षेत्र में महिला खेलों के लिए बुनियादी ढाँचा अभी भी विकास के चरण में है।
टेलर और डॉटिन के भविष्य पर मैथ्यूज का नज़रिया
वरिष्ठ खिलाड़ियों स्टेफनी टेलर और डिएंड्रा डॉटिन के संभावित संन्यास को लेकर भी मैथ्यूज ने आश्वस्त करने वाली बात कही। उन्होंने कहा, 'अच्छी बात यह है कि मैंने अभी तक स्टेफनी टेलर या डिएंड्रा डॉटिन को संन्यास लेने की बात करते नहीं सुना है। मुझे लगता है कि दोनों में अभी भी क्रिकेट खेलने का पूरा जुनून है। उनके लिए सबसे जरूरी एक अच्छा और सकारात्मक टीम माहौल है। फिलहाल, हमारी टीम का माहौल काफी अच्छा है और यही बात उन्हें लगातार खेलने के लिए प्रेरित कर रही है।' मैथ्यूज ने यह भी कहा कि एफी फ्लेचर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा खिलाड़ियों का मेलजोल टीम को दीर्घकालिक मज़बूती देगा।
टूर्नामेंट में कमज़ोर प्रदर्शन का विश्लेषण
वेस्टइंडीज ग्रुप चरण में इंग्लैंड और आयरलैंड से हारने के बावजूद सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन द ओवल में ऑस्ट्रेलिया से आठ विकेट से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। मैथ्यूज ने माना कि पूरे अभियान में कोई भी खिलाड़ी लगातार मैच जिताने वाला प्रदर्शन नहीं कर सका। उन्होंने कहा, 'पहले मैच में शेमेन कैम्पबेल और आलिया एलीने ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। इंग्लैंड के खिलाफ चिनैल हेनरी ने अर्धशतक लगाया था। लेकिन अगर पूरी टीम के प्रदर्शन को देखें, तो हमारे पास ऐसे खिलाड़ी कम रहे, जिन्होंने आगे बढ़कर मैच का जिम्मा अपने कंधों पर लिया।'
आगे का रास्ता: मैथ्यूज की सोच
मैथ्यूज ने टी20 क्रिकेट की प्रकृति पर रोशनी डालते हुए कहा कि इस प्रारूप में किसी एक खिलाड़ी का आगे बढ़कर शानदार प्रदर्शन करना बेहद जरूरी होता है। उनके अनुसार, यही कमी वेस्टइंडीज में पूरे टूर्नामेंट के दौरान देखने को मिली। गौरतलब है कि वेस्टइंडीज महिला टीम ने अतीत में दो बार टी20 विश्व कप जीता है, और इस बार सेमीफाइनल में पहुंचना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। मैथ्यूज के नेतृत्व में टीम के भविष्य पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं।