अशोक शर्मा का पहला लक्ष्य: भारत की जर्सी पहनना, डेल स्टेन को मानते हैं आदर्श
सारांश
मुख्य बातें
तेज गेंदबाज अशोक शर्मा पहली बार भारतीय सीनियर टीम में चुने गए हैं और जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया का हिस्सा हैं। 24 वर्षीय इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा कि नीली जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना उनका सबसे पुराना और सबसे बड़ा सपना रहा है। भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 से 26 जुलाई के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी।
पहला लक्ष्य: जर्सी पहनना
सीरीज से पहले अपने इरादों पर बात करते हुए अशोक शर्मा ने जियो स्टार से कहा, "मेरा पहला लक्ष्य भारत की जर्सी पहनना होगा। मैं उस पल का इंतजार कर रहा हूं जब मैं वह जर्सी पहनूंगा और अपने देश का प्रतिनिधित्व करूंगा। मैंने इसके लिए लंबे समय से इंतजार किया है, तो यह पहला लक्ष्य होगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी स्वाभाविक शैली से भटकने के बजाय अपनी ताकत पर ध्यान केंद्रित रखेंगे।
घरेलू क्रिकेट की मेहनत पर भरोसा
अशोक ने कहा, "मैंने अब तक जो कुछ भी किया है — घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत, तैयारी और रूटीन — मैं बस उसी का पालन करता रहूंगा। मैं अपनी ताकत पर ध्यान दूंगा और कुछ भी अतिरिक्त करने की कोशिश नहीं करूंगा।" यह रवैया उनकी परिपक्वता को दर्शाता है, जो पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरने वाले किसी युवा खिलाड़ी के लिए असामान्य नहीं है।
जिम्बाब्वे दौरे पर महत्वाकांक्षाएं
जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज को लेकर अशोक शर्मा ने अपनी आकांक्षाएं साझा करते हुए कहा, "अब जब मैं जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में हूं, तो मेरा अगला लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा विकेट लेना और अधिक से अधिक मैच खेलने की कोशिश करना होगा। मैं इस मौके का सही इस्तेमाल करना चाहता हूं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगे चलकर उनकी नज़र रेड-बॉल क्रिकेट में भारत के लिए खेलने पर भी है।
इंडिया-ए से सीनियर टीम तक का सफर
सीनियर टीम में चुने जाने से पहले अशोक को जून में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए टीम में शामिल किया गया था। वे तेज गेंदबाज युद्धवीर सिंह के फील्डिंग के दौरान चोटिल होने के बाद उस दस्ते से जुड़े थे, जिसने उन्हें डेवलपमेंटल स्क्वाड के साथ ट्रेनिंग और यात्रा का अनुभव दिलाया।
डेल स्टेन: अशोक का आदर्श
अशोक शर्मा दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन को अपना रोल मॉडल मानते हैं। उन्होंने कहा, "डेल स्टेन एक ऐसे गेंदबाज हैं, जो अपने आप में मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं। जब उनका दिन होता था और उनकी बॉलिंग सटीक होती थी, तो वे अकेले दम पर मैच जिता सकते थे। वे कुछ ही ओवरों में विरोधी टीम से मैच छीन सकते थे।" अशोक ने यह भी बताया कि वे स्टेन के आक्रामक अंदाज, रन-अप और बल्लेबाजों को फंसाने के तरीके को बारीकी से फॉलो करते हैं। यह सीरीज अशोक के लिए उस सपने को हकीकत में बदलने का पहला मौका होगी।