रॉबिन उथप्पा का बयान: क्या आईपीएल 2026 में धोनी का होगा आखिरी साल?
सारांश
Key Takeaways
- रॉबिन उथप्पा ने धोनी के भविष्य पर प्रकाश डाला है।
- ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तान बनाने की आवश्यकता है।
- संजू सैमसन का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने इस बात का संकेत दिया है कि आईपीएल 2026 एमएस धोनी का चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बतौर खिलाड़ी आखिरी साल हो सकता है। उथप्पा का मानना है कि, संजू सैमसन के टीम में शामिल होने के बावजूद, कप्तानी की जिम्मेदारी ऋतुराज गायकवाड़ पर बनी रहनी चाहिए।
44 वर्ष की आयु में, एमएस धोनी आईपीएल के 19वें सीजन में भाग लेंगे। उथप्पा ने 'जियोस्टार' के साथ बातचीत में कहा, "मुझे नहीं लगता कि चेन्नई सुपर किंग्स को कप्तानी की जिम्मेदारी संजू सैमसन को सौंपनी चाहिए। ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तान के तौर पर स्थिरता के लिए समय देना आवश्यक है। वह 2024 से टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। चाहे लोग कुछ भी कहें, वह एमएस धोनी की छाया से बाहर निकल रहे हैं।"
उथप्पा ने आगे कहा, "आप चाहते हैं कि ऋतुराज धोनी की छाया से पूरी तरह अलग हो जाएं और अपनी पहचान बनाएं। आपको देखना होगा कि वह क्या कर सकते हैं। जब धोनी न खेलें, तब वह कप्तानी करें और अपने बलबूते पर खड़े हों, बिना किसी दबाव के। इस कारण से, मुझे लगता है कि आप धोनी को कम दखल देते हुए देख सकते हैं।"
उथप्पा ने यह भी व्यक्त किया कि यह आईपीएल में धोनी का आखिरी सीजन हो सकता है। "आईपीएल 2026 शायद पीली जर्सी में उनका अंतिम वर्ष होगा। मुझे लगता है कि इस वर्ष वह एक मेंटोर-कम-खिलाड़ी की भूमिका में होंगे। मुझे नहीं लगता कि वह नंबर सात पर बल्लेबाजी करेंगे; बल्कि वह शायद नंबर आठ पर खेलते नजर आएंगे। यह जानकर कि वह अब टीम से बाहर होने वाले हैं, वह धीरे-धीरे खुद को अलग करना चाहेंगे। यदि ऐसा होता है, तो हम कप्तान के रूप में ऋतुराज गायकवाड़ की असली क्षमता देख सकेंगे। उन्हें कुछ साल का समय दीजिए।" उथप्पा ने यह भी कहा कि यदि धोनी की अनुपस्थिति में ऋतुराज कप्तान के रूप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते, तो चेन्नई भविष्य में कप्तानी की जिम्मेदारी संजू सैमसन को सौंप सकती है।
संजू सैमसन को चेन्नई सुपर किंग्स ने राजस्थान रॉयल्स से ट्रेड करके टीम में शामिल किया है। संजू का प्रदर्शन हाल ही में संपन्न टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उत्कृष्ट रहा था। उन्होंने 5 मैचों में 199 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। पिछले सीजन में चेन्नई का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जहां टीम ने 14 मैचों में से केवल 4 में जीत हासिल की और 10 मैचों में हार का सामना किया।