कमल हासन ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में 85 मेडल पर भारतीय दल को दी बधाई, दोहा 2030 में 150 मेडल का लक्ष्य रखा
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अभिनेता कमल हासन ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय दल के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए एथलीट्स, कोचों और सहयोगी स्टाफ को एक विशेष पत्र लिखकर बधाई दी। भारत ने इस बार 85 मेडल जीतते हुए समग्र तालिका में चौथा स्थान हासिल किया — एक उपलब्धि जिसे हासन ने 'पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण' बताया।
पत्र में क्या कहा हासन ने
अपने पत्र में कमल हासन ने लिखा, 'आइची-नागोया में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी 495 एथलीट्स, हर मेडल विजेता और प्रतियोगिता में अपना सब कुछ झोंक देने वाले हर एथलीट का धन्यवाद कि उन्होंने साहस, अनुशासन और गर्व के साथ हमारा झंडा ऊंचा रखा।' उन्होंने इस प्रदर्शन को केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रमाण बताया।
तमिलनाडु के मेडल विजेताओं को विशेष सम्मान
हासन ने विशेष रूप से तमिलनाडु के मेडल विजेताओं का उल्लेख करते हुए विथ्या रामराज, विशाल टीके, अभिनय राजराजन, बरनिका एलंगोवन, जी. कामलिनी, वाशिंगटन सुंदर, ए. हरिहरन अमसाकरुणन, अभय सिंह, जोशना चिनप्पा, वेलवन सेंथिलकुमार, शमीना रियाज, नेत्रा कुमानन और राजेश रमेश को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने तमिलनाडु और भारत दोनों का मान बढ़ाया है।
विथ्या रामराज का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
सांसद ने एथलीट विथ्या रामराज की उपलब्धि पर विशेष जोर दिया, जिन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में 54.75 सेकंड का समय निकालकर महान धाविका पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। रामराज ने महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में गोल्ड सहित कुल तीन मेडल जीते। हासन ने टिप्पणी की, 'एक पीढ़ी की सबसे बड़ी उपलब्धि अगली पीढ़ी को और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।' गौरतलब है कि पीटी उषा का यह रिकॉर्ड चार दशकों से भारतीय एथलेटिक्स में एक अजेय मानक माना जाता रहा था।
हॉकी, क्रिकेट और स्क्वैश की विशेष तारीफ
कमल हासन ने हॉकी में भारत के क्लीन स्वीप, पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों में गोल्ड मेडल और स्क्वैश में भारत के शानदार प्रदर्शन को ऐसे पल बताया जो विशेष जश्न के हकदार हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के बहु-खेल प्रदर्शन में एथलेटिक्स और व्यक्तिगत खेलों से परे टीम खेलों में भी मजबूती दिख रही है।
दोहा 2030 और लॉस एंजिल्स 2028 का रोडमैप
भविष्य की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए हासन ने दोहा 2030 एशियाई खेलों में 150 मेडल जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सुझाया। उन्होंने कहा कि एथलेटिक्स, शूटिंग, तीरंदाजी, बॉक्सिंग, कुश्ती और स्क्वैश में राष्ट्रीय ताकत को और मजबूत करने के साथ-साथ तैराकी, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक और जूडो में भी क्षमता बढ़ानी होगी। इसके लिए उन्होंने स्पोर्ट्स साइंस, ट्रेनिंग, न्यूट्रिशन, रिकवरी, इंटरनेशनल एक्सपोजर और कोचिंग में निरंतर निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि तात्कालिक प्राथमिकता लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भारतीय दल को मजबूत करने पर होनी चाहिए। भारतीय खेल इतिहास में यह नजरिया महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजनेता और सार्वजनिक हस्तियाँ अब केवल बधाई देने तक सीमित नहीं रह रहीं, बल्कि ठोस नीतिगत रोडमैप की भी बात कर रही हैं।