मणिपुर: गृह विभाग की नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 5% कोटा, CM खेमचंद सिंह का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 29 अगस्त को घोषणा की कि राज्य के गृह विभाग में सरकारी नौकरियों का 5 प्रतिशत कोटा उन उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किया जाएगा, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मणिपुर का प्रतिनिधित्व किया है। यह निर्णय शुक्रवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में एक विशेष खेल भर्ती नीति को मंजूरी देने के बाद सामने आया।
नई भर्ती नीति में क्या है
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस नीति के तहत भर्ती पूरी तरह मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर होगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई खिलाड़ी लगातार तीन वर्षों तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाता, तो उसे खेल से जुड़ी जिम्मेदारियों से हटाकर उसकी नियमित ड्यूटी पर वापस भेजा जाएगा। यह प्रावधान नीति में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जोड़ा गया है।
अरिहा पंगंबम से मुलाकात और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इस अवसर पर अरिहा पंगंबम से मुलाकात की, जो इस महीने फिलीपींस में आयोजित 10वीं एरोबिक जिम्नास्टिक्स एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं — एक ऐतिहासिक उपलब्धि। उन्होंने अंजोरी पंगंबम से भी भेंट की, जिन्होंने उसी प्रतियोगिता में सातवाँ स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
मणिपुर ओलंपिक एसोसिएशन की बुकलेट लॉन्च
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मणिपुर ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित एक बुकलेट का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने खेल भर्ती नीति की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कदम राज्य के खिलाड़ियों को दीर्घकालिक सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में उठाया गया है। गौरतलब है कि मणिपुर पारंपरिक रूप से भारत के शीर्ष खेल राज्यों में गिना जाता है, और यहाँ के खिलाड़ियों ने ओलंपिक से लेकर एशियाई खेलों तक में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
महिला सशक्तिकरण योजना की भी घोषणा
इसी कैबिनेट बैठक में मणिपुर सरकार ने 'महिला सशक्तिकरण' योजना को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ राज्य भर के मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सदस्य 3.5 लाख महिलाओं को मिलेगा। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी महिला को पहले वर्ष में ₹10,000 की अनुदान राशि दी जाएगी, जबकि दूसरे और तीसरे वर्ष में ब्याज-मुक्त ऋण का प्रावधान है।
आगे क्या
राज्य सरकार की यह दोहरी पहल — खेल भर्ती नीति और महिला सशक्तिकरण योजना — मणिपुर में खेल और सामाजिक विकास दोनों मोर्चों पर नीतिगत बदलाव का संकेत देती है। नीति के क्रियान्वयन की समयसीमा और पात्रता मानदंड का विस्तृत ब्यौरा आने वाले दिनों में जारी किए जाने की उम्मीद है।