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मणिपुर के पहाड़ी जिलों में 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट रवाना, दूरदराज तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा

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मणिपुर के पहाड़ी जिलों में 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट रवाना, दूरदराज तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा

सारांश

मणिपुर सरकार ने 9 जून को 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट पहाड़ी जिलों के लिए रवाना कीं — जहाँ भौगोलिक दुर्गमता और वर्षों की उपेक्षा ने स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंच से बाहर रखा। यह कदम आदिवासी आबादी तक ओपीडी, स्क्रीनिंग और मातृ-शिशु सेवाएं घर तक पहुंचाने का वादा लेकर आया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 9 जून 2026 को इंफाल के लैम्फेल से 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाई।
यूनिट 'प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत तैनात की गई हैं।
सेवाओं में ओपीडी परामर्श , बुनियादी डायग्नोस्टिक्स, आवश्यक दवाएं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य , मधुमेह-उच्च रक्तचाप स्क्रीनिंग और रेफरल शामिल हैं।
कार्यक्रम में NHM मणिपुर के स्टेट मिशन डायरेक्टर डॉ.
दिनेश सिंह और स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ.
हेमंतकुमार सिंह उपस्थित रहे।
लक्ष्य मणिपुर के दूरदराज पहाड़ी जिलों में रहने वाली जनजातीय और कमज़ोर आबादी तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार, 9 जून 2026 को इंफाल के लैम्फेल स्थित हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट से 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाई, जो राज्य के दूरदराज पहाड़ी जिलों में तैनात की जाएंगी। यह पहल उन आदिवासी और कमज़ोर तबकों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए शुरू की गई है, जहाँ अब तक चिकित्सा ढाँचे की गंभीर कमी रही है।

क्या है यह पहल

ये 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट केंद्र सरकार की दो प्रमुख योजनाओं — 'प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' — के तहत शुरू की गई हैं। इनका मुख्य उद्देश्य मणिपुर के पहाड़ी जिलों में रहने वाली जनजातीय आबादी को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

कौन-सी सेवाएं मिलेंगी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये यूनिट सामान्य ओपीडी परामर्श, बुनियादी डायग्नोस्टिक सुविधाएं, आवश्यक दवाइयों का वितरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। इसके अलावा मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग, मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और ज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञ उपचार के लिए रेफरल सुविधा भी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि ये मोबाइल यूनिट 'अच्छी क्वालिटी की मेडिकल सर्विसेज हर नागरिक के घर तक' पहुंचाने की प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इंफाल घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों दोनों में कुशल मानव संसाधन, आधुनिक बुनियादी ढाँचे और उन्नत चिकित्सा तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में कौन शामिल हुए

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त-सह-सचिव सुमंत सिंह, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. एन. हेमंतकुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मणिपुर के राज्य मिशन निदेशक डॉ. एम. दिनेश सिंह तथा हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर के पहाड़ी जिले वर्षों से अपर्याप्त स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे की समस्या झेल रहे हैं। गौरतलब है कि भौगोलिक दुर्गमता और संघर्ष-प्रभावित परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और संचालन दोनों चुनौतीपूर्ण रहे हैं। मोबाइल यूनिट का यह मॉडल उस अंतर को पाटने का प्रयास है और इसकी सफलता नियमित संचालन, प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता तथा आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मणिपुर के पहाड़ी जिलों की वास्तविकता — भौगोलिक दुर्गमता, खराब सड़कें और चल रहे सामाजिक तनाव — इसके क्रियान्वयन की असली परीक्षा होगी। 13 यूनिट उन जिलों की विशाल आबादी के सापेक्ष सीमित संख्या है, और बिना नियमित ईंधन, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तथा दवा आपूर्ति की गारंटी के, ये यूनिट जल्द ही निष्क्रिय पड़ सकती हैं — जैसा अन्य राज्यों में हो चुका है। घोषणा और क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने के लिए पारदर्शी निगरानी तंत्र ज़रूरी है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट क्या हैं और इन्हें कब शुरू किया गया?
ये 13 मोबाइल मेडिकल यूनिट मणिपुर सरकार द्वारा 9 जून 2026 को इंफाल के लैम्फेल से रवाना की गई हैं, जो राज्य के दूरदराज पहाड़ी जिलों में आदिवासी और कमज़ोर आबादी तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगी। इन्हें केंद्र की दो जनजातीय कल्याण योजनाओं के तहत तैनात किया गया है।
इन मोबाइल यूनिट में कौन-कौन सी स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी?
इन यूनिट में सामान्य ओपीडी परामर्श, बुनियादी डायग्नोस्टिक जाँच, आवश्यक दवाओं का वितरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की स्क्रीनिंग, मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं तथा विशेषज्ञ उपचार के लिए रेफरल सुविधा शामिल है।
यह पहल किन सरकारी योजनाओं के तहत शुरू की गई है?
ये मोबाइल मेडिकल यूनिट केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के अंतर्गत शुरू की गई हैं। दोनों योजनाओं का उद्देश्य जनजातीय और वंचित समुदायों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
मणिपुर के पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्यों चुनौतीपूर्ण है?
मणिपुर के पहाड़ी जिले भौगोलिक दुर्गमता, खराब सड़क संपर्क और सीमित बुनियादी ढाँचे के कारण वर्षों से पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहे हैं। इन क्षेत्रों में स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और संचालन दोनों कठिन रहे हैं, जिससे मोबाइल यूनिट मॉडल एक व्यावहारिक विकल्प बनता है।
इस कार्यक्रम में कौन-से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त-सह-सचिव सुमंत सिंह, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. एन. हेमंतकुमार सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मणिपुर के राज्य मिशन निदेशक डॉ. एम. दिनेश सिंह सहित हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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