मणिपुर CM खेमचंद सिंह ने सेनापति में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, 27 गांवों को पानी देगा रिखरुरी डैम
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार, 8 जुलाई को नागा-बहुल सेनापति जिले का व्यापक दौरा किया, जहाँ उन्होंने चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और स्थानीय नागरिक समाज संगठनों तथा आम जनता से सीधी बातचीत की। यह दौरा राज्य सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत मैतेई, कुकी-जो और नागा आबादी वाले सभी जिलों में संतुलित विकास सुनिश्चित करने और शांति व सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
माओ में आलू फार्म की स्थिति और बागवानी की संभावनाएँ
माओ स्थित सरकारी आलू फार्म के निरीक्षण के दौरान बागवानी आयुक्त टी.एन. पानमेई ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभाग को पिछले दो वर्षों से पर्याप्त बजट आवंटन नहीं मिला है, जिसके कारण फार्म अपने पूर्व उत्पादन स्तर को बनाए रखने में असमर्थ रहा है। खेमचंद सिंह ने माओ की अनुकूल जलवायु का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आलू के अलावा फूलों की खेती और विभिन्न बागवानी फसलों के लिए भी अत्यंत उपयुक्त है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए सभी संबंधित पक्षों से परामर्श किया जाएगा।
यूनाइटेड नागा काउंसिल से संवाद
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह, उप मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नागा नेता लोसी डिखो, कई विधायकों और सेनापति के डिप्टी कमिश्नर धारुन कुमार एस. के साथ सेनापति शहर के मिनी सचिवालय परिसर के कॉन्फ्रेंस हॉल में यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) के प्रतिनिधियों से मिले। इस बैठक में जिले से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकास संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
रिखरुरी बहुउद्देशीय डैम को मंजूरी
पुनानामी गांव के एसीआई ऑडिटोरियम में आयोजित स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने औपचारिक रूप से रिखरुरी मल्टीपर्पस डैम के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। यह परियोजना आसपास के 27 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार लाएगी। गौरतलब है कि सेनापति जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल की कमी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है।
नागरिक संगठनों के ज्ञापन और माँगें
स्वागत समारोह के दौरान माओ काउंसिल और पोउमाई नागा यूनियन (PNU) ने मुख्यमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे, जिनमें विकास संबंधी विभिन्न माँगें और जनता की चिंताएँ उल्लिखित थीं। माओ स्टूडेंट्स यूनियन ने माओ में एक मल्टीपर्पस स्किल ट्रेनिंग, ट्रेड और यूथ एक्टिविटी सेंटर की स्थापना की माँग करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया। खेमचंद सिंह ने इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट के समक्ष विचार के लिए रखने का आश्वासन दिया। सरकारी आलू फार्म की भूमि के मालिकों के साथ हुए समझौते के क्रियान्वयन के संदर्भ में भी मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से परामर्श कर उचित समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
दौरे में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस दौरे में विधायक रॉबिंद्रो सिंह, शेख नूरुल हसन और जे. कुमो शा; कमिश्नर (गृह) एन. अशोक कुमार; बागवानी आयुक्त टी.एन. पानमेई; उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण निदेशक नेल्सन युमनाम; बागवानी एवं मृदा संरक्षण निदेशक देवबर्ता शर्मा; जल संसाधन के मुख्य अभियंता वाई. होमेंद्रो सिंह; और पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (PHED) के मुख्य अभियंता भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को राज्य में जारी जातीय तनाव के बीच पहाड़ी जिलों के साथ प्रशासनिक संवाद मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।