चीन की एनपीसी स्थायी समिति का 24वां सत्र संपन्न, चिकित्सा बीमा समेत 5 अहम विधेयक पारित
सारांश
मुख्य बातें
चीन की 14वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) की स्थायी समिति का 24वां सत्र शुक्रवार, 29 अगस्त 2026 को बीजिंग स्थित जन वृहद भवन में संपन्न हुआ। समिति के अध्यक्ष चाओ लेची की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में 10 विधेयकों पर विचार किया गया, जिनमें से 5 विधेयकों को मतदान के बाद पारित किया गया।
कौन-से विधेयक हुए पारित
इस सत्र में पारित प्रमुख विधेयकों में नया चिकित्सा बीमा कानून शामिल है, जो देश की स्वास्थ्य प्राथमिकता विकास रणनीति को कानूनी आधार देता है। इसके साथ ही कृषि भूमि संरक्षण एवं गुणवत्ता सुधार कानून को भी मंजूरी दी गई, जिसे खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इनके अतिरिक्त संशोधित कृषि कानून, संशोधित राष्ट्रीय रक्षा लामबंदी कानून और वकील कानून में संशोधन का निर्णय भी पारित किया गया। ये पाँचों विधेयक चीन की विधायी प्राथमिकताओं के व्यापक दायरे को दर्शाते हैं — स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा और न्यायिक सुधार।
पर्यावरण संहिता: कानूनी व्यवस्था में नया अध्याय
सत्र के समापन पर अपने संबोधन में चाओ लेची ने बताया कि पर्यावरण संहिता 15 अगस्त से लागू हो चुकी है। इस संहिता के लागू होने से चीन की कानूनी व्यवस्था में पर्यावरण कानून एक स्वतंत्र एवं मान्यता प्राप्त क्षेत्र के रूप में जुड़ गया है। इसके साथ ही देश की कानूनी व्यवस्था में प्रमुख कानूनी क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
15वीं पंचवर्षीय योजना और विधायी एजेंडा
चाओ लेची ने यह भी रेखांकित किया कि 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026–2030) के कार्यान्वयन ने विधायी कार्यों के सामने नई आवश्यकताएँ रखी हैं। उन्होंने कहा कि आगामी कार्यकाल में प्रमुख, उभरते और विदेशी क्षेत्रों में कानून निर्माण, कानून की गुणवत्ता में सुधार, लोकतांत्रिक एवं खुली विधायी प्रक्रिया को प्रोत्साहन तथा संवैधानिकता की समीक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गौरतलब है कि यह सत्र ऐसे समय में हुआ है जब चीन अपनी अर्थव्यवस्था और शासन व्यवस्था को दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचे में ढालने की कोशिश कर रहा है। विधायी गतिविधियों की यह तेज़ी आने वाले वर्षों में चीन के नीति-निर्माण की दिशा का संकेत देती है।
आगे क्या
पारित किए गए विधेयकों के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत दिशानिर्देश संबंधित मंत्रालयों द्वारा जल्द जारी किए जाने की संभावना है। 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत विधायी प्राथमिकताओं की अगली समीक्षा एनपीसी के अगले सत्र में होने की उम्मीद है।