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मांजरेकर की ICC सजा पर कड़ी आपत्ति: जायसवाल-फर्नांडो विवाद में नरमी से खिलाड़ी बिगड़ेंगे

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मांजरेकर की ICC सजा पर कड़ी आपत्ति: जायसवाल-फर्नांडो विवाद में नरमी से खिलाड़ी बिगड़ेंगे

सारांश

कोलंबो टेस्ट में जायसवाल-फर्नांडो की भिड़ंत पर ICC ने 25% मैच फीस जुर्माना लगाया — लेकिन संजय मांजरेकर इसे नाकाफी मानते हैं। उनका तर्क है कि हल्की सजा खिलाड़ियों को मैदान पर गलत व्यवहार दोहराने का हौसला देती है, और यह खेल व खिलाड़ी दोनों के लिए खतरनाक है।

मुख्य बातें

यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच कोलंबो के दूसरे टेस्ट में मैदानी झड़प हुई, जिसमें जायसवाल ने अपना हेलमेट फर्नांडो के सिर से टकराया।
ICC ने दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25% जुर्माना और एक डिमेरिट प्वाइंट लगाया।
पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने एक्स पर इस सजा को अपर्याप्त बताया और ICC व BCCI को आगाह किया।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का श्रीलंका ए के विशन हलाम्बेज से शारीरिक टकराव भी मांजरेकर की आलोचना के दायरे में आया।
जायसवाल ने इंस्टाग्राम कमेंट में सफाई दी — कहा, 'हद पार होने पर जवाब देना जरूरी है।'

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच हुई भिड़ंत पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा लगाए गए जुर्माने को अपर्याप्त बताते हुए कड़ी आलोचना की है। मांजरेकर का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर हल्की सजा देना खिलाड़ियों को मैदान पर अनुशासनहीनता दोहराने का अवसर देता है।

मैदान पर क्या हुआ

दूसरे टेस्ट की पहली पारी में असिथा फर्नांडो ने यशस्वी जायसवाल को आउट करने के बाद आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया और जायसवाल से कुछ कहा। पवेलियन की ओर लौट रहे जायसवाल अचानक पलटे और उन्होंने अपना हेलमेट फर्नांडो के सिर से टकरा दिया। विवाद को बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा को हस्तक्षेप करना पड़ा।

ICC की कार्रवाई

ICC ने दोनों खिलाड़ियों — जायसवाल और फर्नांडो — पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट प्वाइंट लगाया। इस सजा को मांजरेकर ने बेहद कम आँका और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी चिंता सार्वजनिक की।

मांजरेकर का सख्त संदेश

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, 'प्रिय ICC और BCCI — हाल ही में इंडिया ए के लिए वैभव और अब जायसवाल... अगर आप उन्हें ऐसे व्यवहार के लिए बच निकलने देते हैं, तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए तैयार कर रहे हैं। यह खेल के लिए और सबसे जरूरी बात, उनके अपने भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैदान पर अनुशासन की जिम्मेदारी सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि क्रिकेट प्रशासन की भी है।

वैभव सूर्यवंशी विवाद से जुड़ा संदर्भ

मांजरेकर ने जायसवाल प्रकरण के साथ-साथ 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी से जुड़े हालिया विवाद का भी उल्लेख किया। श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए के एक मैच के बाद सूर्यवंशी श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशन हलाम्बेज के साथ शारीरिक रूप से भिड़ गए थे। मांजरेकर ने उस समय कहा था कि यदि वे इंडिया ए मैनेजमेंट का हिस्सा होते, तो अगले मैच के लिए सूर्यवंशी को टीम से बाहर कर देते — ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि शारीरिक टकराव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जायसवाल का पक्ष

कमेंटेटर हर्षा भोगले द्वारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में इस घटना पर चर्चा के बाद जायसवाल ने खुद सफाई दी। उन्होंने कमेंट सेक्शन में लिखा, 'अगर आपको नहीं पता कि उन्होंने क्या कहा, तो कृपया कोई राय न बनाएं। अगर कोई हद पार करता है, तो हमें उन्हें यह बताना होगा कि यह भारत लड़ेगा और जवाब देगा।' यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया का कारण बनी। गौरतलब है कि मैदान पर खिलाड़ियों के आचरण को लेकर ICC का मौजूदा दंड ढाँचा लंबे समय से बहस का विषय रहा है — और यह घटना उस बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल ICC के दंड ढाँचे की विश्वसनीयता पर है — जहाँ 25% मैच फीस का जुर्माना शीर्ष खिलाड़ियों के लिए वास्तविक निवारक नहीं बनता। जायसवाल की प्रतिक्रिया को 'जोश' कहकर सहानुभूति देना और सूर्यवंशी जैसे किशोर खिलाड़ियों को हल्की सजा से छोड़ना — दोनों मिलकर एक संस्कृति बनाते हैं जहाँ मैदानी आचरण की सीमाएँ धुंधली हो जाती हैं। BCCI की चुप्पी इस पूरे प्रसंग में उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी ICC की कार्रवाई।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच कोलंबो टेस्ट में क्या हुआ था?
दूसरे टेस्ट की पहली पारी में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट करने के बाद आक्रामक जश्न मनाया और कुछ कहा, जिसके जवाब में जायसवाल पलटे और अपना हेलमेट फर्नांडो के सिर से टकरा दिया। श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को बीच-बचाव करना पड़ा।
ICC ने जायसवाल और फर्नांडो को क्या सजा दी?
ICC ने दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और एक-एक डिमेरिट प्वाइंट लगाया। संजय मांजरेकर समेत कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने इस सजा को अपर्याप्त बताया है।
संजय मांजरेकर ने ICC और BCCI की आलोचना क्यों की?
मांजरेकर का कहना है कि हल्की सजा खिलाड़ियों को मैदान पर गलत व्यवहार दोहराने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी दोनों के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि यह खेल और खिलाड़ियों के भविष्य दोनों के लिए नुकसानदेह है।
वैभव सूर्यवंशी का विवाद क्या था जिसका मांजरेकर ने जिक्र किया?
श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए के एक मैच के बाद 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशन हलाम्बेज के साथ शारीरिक रूप से भिड़ गए थे। मांजरेकर ने उस समय कहा था कि ऐसे व्यवहार पर सूर्यवंशी को अगले मैच से बाहर किया जाना चाहिए था।
जायसवाल ने इस पूरे विवाद पर क्या कहा?
जायसवाल ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लिखा कि जो लोग नहीं जानते कि फर्नांडो ने क्या कहा, वे कोई राय न बनाएं। उन्होंने कहा कि हद पार होने पर जवाब देना जरूरी है और भारत हमेशा लड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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