एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: मनप्रीत सिंह पिंडली की चोट से टूर्नामेंट से बाहर, विवेक सागर प्रसाद टीम में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है — अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ट्रेनिंग सेशन के दौरान पिंडली में चोट लगने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह विवेक सागर प्रसाद को भारतीय दल में शामिल किया गया है। यह घोषणा 26 अक्टूबर 2026 को जालंधर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने की।
कप्तान हरमनप्रीत की प्रतिक्रिया
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ट्रेनिंग सेशन के दौरान पिंडली में चोट लगने की वजह से मनप्रीत सिंह हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह भारतीय टीम में विवेक सागर प्रसाद को शामिल किया गया है।' यह चोट मनप्रीत के लिए व्यक्तिगत रूप से भी गहरा धक्का है, क्योंकि यही मैदान है जहाँ उन्होंने किशोरावस्था में हॉकी की बारीकियाँ सीखी थीं और पहली बार अपने गृह राज्य पंजाब के प्रशंसकों के सामने खेलने का सपना था।
मनप्रीत सिंह का करियर और उपलब्धियाँ
मनप्रीत सिंह ने 2011 में भारतीय सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था और तब से अब तक 430 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। उनकी उपलब्धियों में भारत के लिए दो ओलंपिक पदक और तीन एशियन गेम्स स्वर्ण पदक शामिल हैं। गौरतलब है कि इतने लंबे और सफल करियर के बावजूद उन्हें अपने गृह राज्य पंजाब में प्रशंसकों के सामने खेलने का अवसर अब तक नहीं मिल सका था।
भारत का लीग चरण कार्यक्रम
भारत 27 अक्टूबर को अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ करेगा। इसके बाद लीग चरण में भारत का सामना चीन (29 अक्टूबर), जापान (30 अक्टूबर), मलेशिया (1 नवंबर) और साउथ कोरिया (2 नवंबर) से होगा। जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक लीग चरण के मुकाबले खेले जाएंगे।
टूर्नामेंट का ढाँचा और प्रतिभागी
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इस नौवें संस्करण में भारत, मलेशिया, जापान, चीन, साउथ कोरिया और बांग्लादेश — कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट का नॉकआउट चरण मोहाली के 'ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम' में खेला जाएगा, जहाँ 4 नवंबर को सेमीफाइनल और 5 नवंबर को मेडल मैच होंगे।
भारत का दबदबा और खिताब की दावेदारी
भारत इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक पाँच बार खिताब जीत चुका है — एकमात्र अन्य विजेता साउथ कोरिया है। इस बार भारतीय टीम अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी, लेकिन मनप्रीत जैसे अनुभवी मिडफील्डर की अनुपस्थिति टीम की मध्य पंक्ति पर दबाव बढ़ा सकती है। विवेक सागर प्रसाद की शामिली से युवा ऊर्जा तो मिलेगी, पर मनप्रीत का अनुभव और नेतृत्व अपूरणीय रहेगा। अब देखना होगा कि कप्तान हरमनप्रीत की अगुवाई में भारत यह चुनौती किस तरह पार करता है।