पुलवामा पुलिस ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर लस्सीपोरा में वॉलीबॉल मैच आयोजित किया
सारांश
मुख्य बातें
पुलवामा पुलिस ने 19 जून 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सिविक एक्शन प्रोग्राम (CAP) 2026-27 के अंतर्गत सरकारी हाई स्कूल, लस्सीपोरा में एक वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया। यह आयोजन क्षेत्र के युवाओं को खेलों से जोड़ने और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने की पुलिस की निरंतर पहल का हिस्सा है।
मैच का विवरण और पुरस्कार
यह मुकाबला अचन वॉलीबॉल क्लब और पंजरान वॉलीबॉल क्लब के बीच खेला गया। पंजरान वॉलीबॉल क्लब ने मैच जीतकर विजेता का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम को ₹3,000 नकद और एक ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता अचन वॉलीबॉल क्लब को ₹2,000 और एक ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। प्लेयर ऑफ द मैच रहे खिलाड़ी को ₹1,000 और एक ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में भागीदारी
इस आयोजन में पुलवामा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सरकारी हाई स्कूल, लस्सीपोरा के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने में खेलों की भूमिका पर विशेष बल दिया। उन्होंने खिलाड़ियों की खेल भावना की सराहना करते हुए युवाओं को खेल एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती का राष्ट्रीय संदर्भ
गौरतलब है कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नाडियाड, गुजरात में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पटेल को स्वतंत्र भारत का पहला उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नियुक्त किया गया था। उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार माना जाता है, क्योंकि देश की एकता और अखंडता को सुनिश्चित करने में उनका योगदान अतुलनीय रहा। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को मुंबई में हुआ था।
केंद्र सरकार ने उनकी 150वीं जयंती को दो वर्षों तक मनाने का निर्णय लिया है। इससे संबंधित समारोह 31 अक्टूबर 2024 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे हैं। पुलवामा में यह वॉलीबॉल प्रतियोगिता इसी राष्ट्रव्यापी उत्सव की एक कड़ी है।
पुलिस की सामुदायिक प्रतिबद्धता
पुलवामा पुलिस ने CAP 2026-27 के तहत युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर रेखांकित किया। यह पहल संवेदनशील क्षेत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास का सेतु बनाना है। आने वाले समय में ऐसे और आयोजनों की उम्मीद जताई जा रही है।