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पीवी सिंधु: कोरिया ओपन सुपर सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय, जानें उनकी ऐतिहासिक जीत की पूरी कहानी

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पीवी सिंधु: कोरिया ओपन सुपर सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय, जानें उनकी ऐतिहासिक जीत की पूरी कहानी

सारांश

17 सितंबर 2017 — वह दिन जब पीवी सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को 22-20, 21-11, 21-18 से हराकर कोरिया ओपन सुपर सीरीज जीती और भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। 26 साल के टूर्नामेंट इतिहास में यह खिताब जीतने वाली वह पहली भारतीय बनीं।

मुख्य बातें

पीवी सिंधु ने 17 सितंबर 2017 को कोरिया ओपन सुपर सीरीज जीतकर ऐसा करने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।
फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 22-20, 21-11, 21-18 से हराया; मुकाबला 1 घंटे 24 मिनट तक चला।
1991 में शुरू हुए टूर्नामेंट के 26 साल के इतिहास में भारत की यह पहली जीत थी।
सिंधु 2016 रियो में रजत और 2020 टोक्यो में कांस्य — ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतने वाली भारत की दूसरी व्यक्तिगत खिलाड़ी।
2019 में BWF विश्व चैंपियन बनने वाली पहली और एकमात्र भारतीय; 2018 व 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण।
भारत सरकार ने उन्हें खेल रत्न , अर्जुन पुरस्कार , पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया है।

पीवी सिंधु ने 17 सितंबर 2017 को इतिहास रचते हुए कोरिया ओपन सुपर सीरीज खिताब अपने नाम किया और यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं। 1991 में शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के 26 वर्षों के इतिहास में किसी भारतीय शटलर का यह पहला खिताब था।

ऐतिहासिक फाइनल का रोमांच

सिंधु ने फाइनल मुकाबले में जापान की दिग्गज खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को कड़े संघर्ष में मात दी। 1 घंटे 24 मिनट तक चले इस थ्रिलर मैच में सिंधु ने 22-20, 21-11 और 21-18 के स्कोर से जीत दर्ज की। तीन गेमों में चले इस मुकाबले ने बैडमिंटन प्रशंसकों को अपनी सीट से बाँधे रखा।

सिंधु का बैडमिंटन सफर

5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में जन्मी सिंधु ने कम उम्र से ही बैडमिंटन को अपनी जिंदगी बनाया। कोरिया ओपन की इस जीत से पहले ही वह अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी थीं। 31 वर्षीय सिंधु का करियर अभी भी जारी है और वह भारतीय बैडमिंटन का सबसे चमकता सितारा बनी हुई हैं।

उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त

सिंधु की उपलब्धियाँ उन्हें भारत की सर्वकालिक महान बैडमिंटन खिलाड़ी के पायदान पर बिठाती हैं। उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक में रजत तथा 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता। वह ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतने वाली भारत की दूसरी व्यक्तिगत खिलाड़ी हैं।

2019 में सिंधु BWF विश्व चैंपियनशिप में महिला एकल खिताब जीतकर यह गौरव पाने वाली पहली और एकमात्र भारतीय बनीं। इसके अलावा उन्होंने 2018 और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण, 2018 एशियन गेम्स में रजत और 2014 एशियन गेम्स में कांस्य पदक भी हासिल किया।

सम्मान और पुरस्कार

खेल के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने सिंधु को देश के सर्वोच्च खेल सम्मानों से नवाज़ा है। उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण हैं कि सिंधु केवल खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्रेरणा हैं।

सिंधु का सफर यह बताता है कि निरंतर मेहनत और जुनून से वैश्विक मंचों पर भारत का परचम लहराया जा सकता है — और उनके करियर का अगला अध्याय अभी लिखा जाना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस जीत के बाद के वर्षों में सिंधु का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जो यह सवाल उठाता है कि भारतीय बैडमिंटन तंत्र खिलाड़ियों की दीर्घकालिक शीर्ष-स्तरीय निरंतरता सुनिश्चित करने में कितना सक्षम है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीवी सिंधु ने कोरिया ओपन सुपर सीरीज कब और कैसे जीती?
पीवी सिंधु ने 17 सितंबर 2017 को कोरिया ओपन सुपर सीरीज का खिताब जीता। उन्होंने फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 1 घंटे 24 मिनट के रोमांचक मुकाबले में 22-20, 21-11, 21-18 से हराया।
क्या पीवी सिंधु कोरिया ओपन जीतने वाली पहली भारतीय हैं?
हाँ, सिंधु 1991 में शुरू हुए कोरिया ओपन सुपर सीरीज के 26 वर्षों के इतिहास में यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। यह भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
पीवी सिंधु के ओलंपिक पदक कौन-से हैं?
पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक और 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है। वह ओलंपिक में लगातार दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी हैं।
पीवी सिंधु को भारत सरकार ने कौन-से पुरस्कार दिए हैं?
भारत सरकार ने पीवी सिंधु को राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया है। ये सम्मान बैडमिंटन में उनके असाधारण योगदान की राष्ट्रीय स्वीकृति हैं।
क्या पीवी सिंधु विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं?
हाँ, पीवी सिंधु 2019 में BWF विश्व चैंपियनशिप में महिला एकल खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली और एकमात्र भारतीय बनीं। इसके अलावा उन्होंने 2018 और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक भी जीते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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