बुकायो साका की हैट्रिक से इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया, FIFA विश्व कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया
सारांश
मुख्य बातें
बुकायो साका ने 19 जुलाई 2026 को मियामी में खेले गए FIFA विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में शानदार हैट्रिक जड़ते हुए इंग्लैंड को फ्रांस पर 6-4 की जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के साथ साका 1966 के बाद इंग्लैंड के लिए विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले चौथे खिलाड़ी और नॉकआउट मैच में यह कारनामा करने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए।
मैच का घटनाक्रम
साका ने मैच के 37वें मिनट में पहला गोल दागकर इंग्लैंड को बढ़त दिलाई। 43वें मिनट में उन्होंने अपना दूसरा गोल किया और दूसरे हाफ के अंत में पेनल्टी स्पॉट से तीसरा गोल दागते हुए हैट्रिक पूरी की। छह गोल करने वाली इंग्लैंड की टीम ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा, हालाँकि फ्रांस ने भी चार गोल दागकर कड़ी टक्कर दी।
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
इस हैट्रिक के साथ साका ने कई कीर्तिमान एक साथ अपने नाम किए। वे गैरी लिनेकर और हैरी केन के बाद विश्व कप के दो संस्करणों में तीन या उससे अधिक गोल करने वाले इंग्लैंड के तीसरे खिलाड़ी बने। इससे पहले विश्व कप नॉकआउट मैच में इंग्लैंड की ओर से हैट्रिक 1966 के फाइनल में सर जेफ हर्स्ट ने लगाई थी। विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले इंग्लिश खिलाड़ियों की सूची में जेफ हर्स्ट (1966), गैरी लिनेकर (1986), हैरी केन (2018) और अब बुकायो साका (2026) शामिल हैं।
साका की प्रतिक्रिया
मैच के बाद साका ने कहा, 'यह शानदार था। यह मजेदार और निश्चित रूप से एक अद्भुत उपलब्धि थी। मुझे अभी बताया गया है कि इंग्लैंड के लिए केवल चार खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाई है, और आप जानते हैं कि वे खिलाड़ी कौन हैं। यह एक खास लिस्ट है जिसका हिस्सा बनना गर्व की बात है। इससे मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।' साका ने यह भी कहा कि टीम को सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से मिली हार का दुख है, लेकिन फ्रांस के खिलाफ मजबूती से मैच खत्म करना सकारात्मक संकेत है।
कोच थॉमस ट्यूशेल का बयान
इंग्लैंड के हेड कोच थॉमस ट्यूशेल ने साका की तारीफ करते हुए कहा, 'उन्होंने सब कुछ सही किया। बुकायो ने दिखाया कि वह एक अहम खिलाड़ी हैं और इसमें कभी कोई शक नहीं था। मुझे तो यह भी पता नहीं था कि उन्होंने हैट्रिक लगाई है। मैं गोल करने वालों का हिसाब भूल गया था, लेकिन यह उनकी काबिलियत का सही नतीजा है।' ट्यूशेल ने सेमीफाइनल में मॉर्गन रोजर्स के प्रदर्शन की भी सराहना की।
टूर्नामेंट में इंग्लैंड का प्रदर्शन
यह 1966 के बाद इंग्लैंड का विश्व कप में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। टीम ने टूर्नामेंट के दौरान लगातार बेहतर खेल दिखाया और फाइनल तक पहुँचने की कोशिश में अर्जेंटीना से हार का सामना करना पड़ा। तीसरे स्थान की यह जीत इंग्लिश फुटबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और साका जैसे युवा खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देती है।