बुकायो साका की हैट्रिक, 60 साल बाद इंग्लैंड ने रचा इतिहास; फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
बुकायो साका की दमदार हैट्रिक की बदौलत इंग्लैंड ने फीफा विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से पराजित कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 19 जुलाई 2026 को खेले गए इस रोमांचक मैच में साका ने 3 गोल दागकर एक ऐसा कारनामा किया जो 60 वर्षों से इंग्लैंड के किसी खिलाड़ी ने नहीं किया था।
ऐतिहासिक हैट्रिक का महत्व
बुकायो साका फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में इंग्लैंड की ओर से हैट्रिक जड़ने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले यह उपलब्धि सर ज्योफ हर्स्ट ने 1966 विश्व कप के फाइनल में हासिल की थी, जब उन्होंने तीन गोल दागकर इंग्लैंड को विश्व चैंपियन बनाया था। इसके अलावा, साका विश्व कप में इंग्लैंड की ओर से हैट्रिक लगाने वाले कुल चौथे खिलाड़ी भी बन गए हैं। इस पूरे टूर्नामेंट में साका ने इंग्लैंड के लिए 3 गोल और 3 असिस्ट दर्ज किए।
मैच का घटनाक्रम
मैच की शुरुआत इंग्लैंड के लिए बेहद आक्रामक रही। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाकर टीम को पहली बढ़त दिलाई। 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने राइस के कॉर्नर पर हेडर से स्कोर 2-0 कर दिया।
पहले हाफ में इंग्लैंड का वर्चस्व बरकरार रहा। साका ने 37वें मिनट में तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल करके हाफटाइम तक स्कोर 4-0 पहुँचा दिया।
फ्रांस की जोरदार वापसी
दूसरे हाफ में फ्रांस ने कोच के चार बदलावों के साथ दमदार वापसी की। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने फ्रांस का पहला गोल किया। 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल दागकर अंतर 4-2 किया। इसके बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा और फ्रांस का तीसरा गोल जड़ा, जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया।
अंतिम चरण में इंग्लैंड की पकड़
मैच के अंतिम पड़ाव में इंग्लैंड ने फिर से कमान संभाली। 87वें मिनट में मिली पेनल्टी को साका ने गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की। उस्मान डेम्बेल ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया, लेकिन इंजरी टाइम के आठवें मिनट में जूड बेलिंगहम ने छठा गोल दागकर इंग्लैंड की जीत को अटल बना दिया। अंततः मैच 6-4 से इंग्लैंड के नाम रहा।
आगे क्या
इस ब्रॉन्ज मेडल के साथ इंग्लैंड का यह विश्व कप अभियान सम्मानजनक रूप से समाप्त हुआ। साका के इस प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है और आने वाले समय में इंग्लिश फुटबॉल के लिए उनकी अहमियत और बढ़ने की उम्मीद है।