19 जुलाई 2026
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बुकायो साका की हैट्रिक, इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता ब्रॉन्ज मेडल — ट्यूशेल बोले 'गर्व की बात'

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बुकायो साका की हैट्रिक, इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता ब्रॉन्ज मेडल — ट्यूशेल बोले 'गर्व की बात'

सारांश

मियामी में फ्रांस पर 6-4 की जीत के साथ इंग्लैंड ने ब्रॉन्ज मेडल जीता — साका की हैट्रिक और बेलिंगहम के इंजरी-टाइम गोल ने मैच तय किया। कोच ट्यूशेल ने कहा: यह टीम कभी हार नहीं मानती, ऐसी टीम के साथ काम करना गर्व की बात है। 1966 के बाद इंग्लैंड का यह सर्वश्रेष्ठ टूर्नामेंट प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

इंग्लैंड ने 19 जुलाई को मियामी में फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
बुकायो साका ने मैच में हैट्रिक लगाई; जूड बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में छठा गोल दागा।
फ्रांस की ओर से एम्बाप्पे ने 2, बारकोला और डेम्बेल ने 1-1 गोल किए।
1966 विश्व कप खिताब के बाद इंग्लैंड का किसी बड़े टूर्नामेंट में यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ।
कोच थॉमस ट्यूशेल ने टीम की मानसिक दृढ़ता और संघर्ष के जज्बे की सराहना की।
इंग्लैंड सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हारकर फाइनल में जगह नहीं बना सका था।

इंग्लैंड के हेड कोच थॉमस ट्यूशेल ने 19 जुलाई को मियामी में खेले गए तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस पर 6-4 की जीत के बाद अपनी टीम की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने शारीरिक थकान और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद जो मानसिक दृढ़ता दिखाई, वह किसी भी कोच के लिए गर्व का क्षण है। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।

मैच का घटनाक्रम

बुकायो साका ने इस मुकाबले में शानदार हैट्रिक लगाई और इंग्लैंड ने पहले हाफ में ही 4-0 की मजबूत बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की — किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल दागे, जबकि ब्रैडली बारकोला और उस्मान डेम्बेल ने एक-एक गोल किया। हालांकि, जूड बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में छठा गोल दागकर मैच को इंग्लैंड के पक्ष में सुरक्षित कर दिया।

ट्यूशेल की प्रतिक्रिया

मैच के बाद ट्यूशेल ने कहा कि पहले हाफ में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन दूसरे हाफ में मुकाबला काफी कठिन हो गया। उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार मैचों के कारण खिलाड़ी शारीरिक रूप से थके हुए थे और कई को थकान व क्रैम्प्स की परेशानी हुई। इसके बावजूद किसी ने भी हिम्मत नहीं छोड़ी — यही बात ट्यूशेल को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।

ट्यूशेल ने यह भी बताया कि फ्रांस को रिकवरी के लिए एक दिन अधिक मिला था और उन्हें यात्रा भी कम करनी पड़ी थी। दूसरी ओर, इंग्लैंड को पूरे टूर्नामेंट में गर्म मौसम, लंबी यात्राओं और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

ऐतिहासिक संदर्भ

1966 में विश्व कप खिताब जीतने के बाद यह इंग्लैंड का किसी बड़े टूर्नामेंट में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले 1990 में इंग्लैंड चौथे स्थान पर रहा था और 2018 विश्व कप में भी टीम ने टूर्नामेंट का अंत चौथे स्थान पर किया था। गौरतलब है कि पुरुष और महिला दोनों टीमों ने पिछले चार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार सेमीफाइनल तक पहुँचकर इंग्लैंड की निरंतरता को साबित किया है।

सेमीफाइनल में हार और आगे की राह

इंग्लैंड सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हारकर फाइनल में जगह नहीं बना सका। हालांकि, ट्यूशेल का मानना है कि ब्रॉन्ज मेडल की यह जीत टीम के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई देती है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंता थी, लेकिन उनकी मानसिक ताकत पर कभी संदेह नहीं हुआ। आने वाले समय में इंग्लैंड इस प्रदर्शन को आधार बनाकर और बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली सवाल यह है कि क्या यह निरंतरता अंततः स्वर्ण में बदलेगी। 1966 के बाद से छह दशकों में इंग्लैंड ने कई 'ऐतिहासिक' पड़ाव पार किए हैं, लेकिन शीर्ष पर पहुँचने की खाई अभी भी बनी हुई है। ब्रॉन्ज का यह आत्मविश्वास तब सार्थक होगा जब अगले बड़े टूर्नामेंट में टीम सेमीफाइनल की दीवार को तोड़ सके।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंग्लैंड ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में फ्रांस को कितने गोल से हराया?
इंग्लैंड ने 19 जुलाई को मियामी में फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। पहले हाफ में इंग्लैंड ने 4-0 की बढ़त बनाई और इंजरी टाइम में बेलिंगहम के गोल से मैच सुरक्षित किया।
बुकायो साका ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में कितने गोल किए?
बुकायो साका ने इस मैच में हैट्रिक लगाई, यानी तीन गोल किए। उनके इस प्रदर्शन ने पहले हाफ में इंग्लैंड की मजबूत बढ़त सुनिश्चित की।
कोच थॉमस ट्यूशेल ने मैच के बाद क्या कहा?
ट्यूशेल ने कहा कि ऐसी टीम के साथ काम करना गर्व की बात है जो कभी हार नहीं मानती। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दूसरे हाफ में खिलाड़ी शारीरिक रूप से थके हुए थे, लेकिन मानसिक ताकत पर कभी संदेह नहीं हुआ।
1966 के बाद इंग्लैंड का यह प्रदर्शन क्यों खास है?
1966 में विश्व कप खिताब जीतने के बाद यह इंग्लैंड का किसी बड़े टूर्नामेंट में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 1990 और 2018 में टीम चौथे स्थान पर रही थी, जबकि इस बार ब्रॉन्ज मेडल के साथ टीम तीसरे स्थान पर रही।
इंग्लैंड सेमीफाइनल में किससे हारा था?
इंग्लैंड सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हारकर फाइनल में जगह नहीं बना सका। इसी कारण टीम को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस से खेलना पड़ा, जिसमें उसने 6-4 से जीत दर्ज की।
राष्ट्र प्रेस
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