कल सोमानी ग्रुप का दावा: बोली वापस नहीं ली, राजस्थान रॉयल्स बिक्री से बाहर किया गया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कल सोमानी ग्रुप का दावा: बोली वापस नहीं ली, राजस्थान रॉयल्स बिक्री से बाहर किया गया

सारांश

कल सोमानी के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम का दावा है कि उन्हें राजस्थान रॉयल्स की बिक्री प्रक्रिया से अचानक बाहर कर दिया गया, जबकि मित्तल परिवार और अदार पूनावाला ₹1.65 बिलियन डॉलर में डील को पूरा करने में सफल रहे। कंसोर्टियम ने पारदर्शिता और निष्पक्षता के मुद्दों को उठाया है।

मुख्य बातें

कल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने दावा किया कि वे राजस्थान रॉयल्स के लिए ₹1.63 बिलियन डॉलर की बोली पर बने रहे।
मित्तल परिवार और अदार पूनावाला ने ₹1.65 बिलियन डॉलर में राजस्थान रॉयल्स का अधिग्रहण पूरा किया।
सोमानी कंसोर्टियम में रॉब वॉल्टन , जॉर्डन वॉल्टन , और माइकल हैम्प जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल निवेशक शामिल थे।
नई डील में मित्तल परिवार को 75 प्रतिशत , पूनावाला को 18 प्रतिशत , और बडाले सहित मौजूदा निवेशकों को 7 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।
सोमानी कंसोर्टियम ने प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी के बारे में चिंता जताई है।

नई दिल्ली, 5 मई (राष्ट्र प्रेस)। मित्तल परिवार और अदार पूनावाला द्वारा ₹1.65 बिलियन डॉलर में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के अधिग्रहण के घोषणा के कुछ दिनों बाद, अमेरिकी निवेशक कल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने दावा किया है कि उन्होंने आरआर के लिए अपनी बोली वापस नहीं ली, बल्कि उन्हें बिक्री प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। कंसोर्टियम का कहना है कि उनके पास पूरी फंडिंग थी और वे डील को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार थे।

सोमानी कंसोर्टियम की बोली का इतिहास

मार्च 2026 में, कल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने ₹1.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर में राजस्थान रॉयल्स में प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौते की घोषणा की थी। यह डील आईपीएल 2026 के समाप्त होने के बाद पूरी होने की उम्मीद थी। कंसोर्टियम में रॉब वॉल्टन, जॉर्डन वॉल्टन, और माइकल हैम्प जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल निवेशक शामिल थे, जिनके पास एनएफएल, एमएलबी, इंग्लिश प्रीमियर लीग और अन्य प्रमुख खेल लीगों में स्वामित्व अनुभव है।

मित्तल-पूनावाला डील की घोषणा

रविवार, 4 मई को, लक्ष्मी एन. मित्तल और आदित्य मित्तल ने घोषणा की कि उन्होंने मनोज बडाले और उनके ग्रुप के साथ साझेदारी में राजस्थान रॉयल्स को ₹1.65 बिलियन डॉलर में खरीदने के लिए एक पक्का समझौता कर लिया है। इस नए समझौते के तहत, मित्तल परिवार के पास आरआर का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा होगा, अदार पूनावाला के पास लगभग 18 प्रतिशत, और बाकी 7 प्रतिशत बडाले सहित मौजूदा निवेशकों के पास रहेगा।

सोमानी ग्रुप की प्रतिक्रिया और दावे

अपने संयुक्त बयान में, कंसोर्टियम के सदस्यों ने कहा, "हम राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व का हिस्सा न बन पाने से बहुत निराश हैं। हम पिछले छह महीने की लंबी प्रक्रिया के दौरान शुरू से आखिर तक लीड बिड थे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रेस में चलाई गई फंडिंग समस्याओं की कहानियों के विपरीत, उनके ग्रुप को हमेशा पूरी फंडिंग मिली थी।

कंसोर्टियम ने आगे कहा, "हमने डॉक्यूमेंटेशन तैयार कर लिया था, और हमें बताया गया था कि शनिवार को फ्रेंचाइजी की बोर्ड मीटिंग हमारे कंसोर्टियम को मंजूरी देने के लिए हुई थी। आखिर में, ऐसा कभी नहीं हुआ।" उन्होंने दावा किया कि उन्होंने "ईमानदारी, सच्चाई, पेशेवर तरीके, और अच्छी नीयत के सबसे ऊंचे मानक" के साथ पूरी प्रक्रिया को संभाला।

पारदर्शिता और निष्पक्षता के सवाल

कंसोर्टियम ने अपने बयान में निष्पक्षता के बारे में चिंता जताई, कहा, "हमें नहीं लगता कि आखिर में नतीजे में बराबरी का मौका मिला, और हमारी बिड की ताकत और डील को पूरा करने की तैयारी को आखिरी फैसले के साथ मिलाना मुश्किल है।" उन्होंने जोर दिया कि "इतनी जरूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता, निरंतरता, सच्चाई और अच्छी नीयत से की जानी चाहिए।"

भविष्य की संभावनाएँ

बयान के अंत में, कंसोर्टियम ने कहा कि हालांकि यह नतीजा "हैरान करने वाला और निराशाजनक" है, लेकिन वे खेल के वैश्विक विकास में अपना विश्वास बनाए रखते हैं। उन्होंने भविष्य में अन्य खेल निवेश के अवसरों की तलाश करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जहाँ वे अपनी पूंजी, विशेषज्ञता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता लगा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल उठता है कि आखिरी फैसले में क्या भूमिका निभाई गई। मित्तल परिवार की विश्वसनीयता और भारतीय स्वामित्व की प्राथमिकता स्पष्ट है, लेकिन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी — जैसा कि सोमानी ग्रुप ने दावा किया है — आईपीएल के शासन में विश्वास को कमजोर कर सकती है। भविष्य के बड़े खेल डीलों के लिए, स्पष्ट मानदंड और सार्वजनिक जवाबदेही आवश्यक होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल सोमानी ग्रुप ने राजस्थान रॉयल्स के लिए कितनी बोली लगाई थी?
कल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने मार्च 2026 में राजस्थान रॉयल्स में प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए ₹1.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बोली लगाई थी।
राजस्थान रॉयल्स को मित्तल परिवार ने कितने में खरीदा?
मित्तल परिवार और अदार पूनावाला ने राजस्थान रॉयल्स को ₹1.65 बिलियन डॉलर में खरीदा है, जो सोमानी की बोली से ₹0.02 बिलियन डॉलर अधिक है।
सोमानी कंसोर्टियम में कौन-कौन से निवेशक शामिल थे?
कंसोर्टियम में कल सोमानी, रॉब वॉल्टन, जॉर्डन वॉल्टन, और माइकल हैम्प शामिल थे, जिनके पास एनएफएल, एमएलबी, इंग्लिश प्रीमियर लीग, ला लीगा, और अन्य प्रमुख खेल लीगों में स्वामित्व अनुभव है।
नई डील में मित्तल परिवार को कितना हिस्सा मिलेगा?
नई डील के अनुसार, मित्तल परिवार को राजस्थान रॉयल्स का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, अदार पूनावाला को 18 प्रतिशत, और बाकी 7 प्रतिशत मनोज बडाले सहित मौजूदा निवेशकों के पास रहेगा।
सोमानी ग्रुप की मुख्य चिंता क्या है?
सोमानी ग्रुप का मुख्य दावा है कि उन्हें बिक्री प्रक्रिया से अचानक बाहर कर दिया गया, जबकि उनके पास पूरी फंडिंग थी और वे डील को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। वे प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी के बारे में चिंतित हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले