स्पेनिश बैडमिंटन स्टार कैरोलिना मारिन ने संन्यास की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- कैरोलिना मारिन ने संन्यास लिया है।
- उन्होंने पीवी सिंधु को हराकर गोल्ड का सपना तोड़ा।
- मारिन तीन बार की विश्व चैंपियन हैं।
- उनका गृह नगर हुएलवा है।
- चोटों के कारण लिया गया यह फैसला उनके स्वास्थ्य के लिए आवश्यक था।
मैड्रिड, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रियो ओलंपिक 2016 के महिला एकल बैडमिंटन फाइनल में भारतीय खिलाड़ी पीवी सिंधु को हराकर उनका और लाखों भारतीयों का गोल्ड मेडल का सपना तोड़ने वाली स्पेन की बैडमिंटन स्टार कैरोलिना मारिन ने संन्यास लेने की घोषणा की है।
मारिन ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए बताया कि वह अपने गृह नगर हुएलवा में होने वाली यूरोपियन चैंपियनशिप में भाग नहीं लेंगी, जिसमें उन्हें वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में कहा, "आज मैं सीधे-सीधे बात करना चाहती हूं। प्रोफेशनल बैडमिंटन में मेरा सफर समाप्त हो गया है। इसलिए मैं हुएलवा की यूरोपियन चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लूंगी।"
31 वर्षीय मारिन ने कहा, "मैं चाहती थी कि हम आखिरी बार कोर्ट पर मिलें, लेकिन मैं अपने शरीर को जोखिम में नहीं डालना चाहती। चोटों के कारण मुझे संन्यास का फैसला लेना पड़ा है। मैं अपने निर्णय पर दृढ़ हूं।"
मारिन को बैडमिंटन के इतिहास की सबसे सफल महिला खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। वह तीन बार की विश्व चैंपियन और कई बार की यूरोपियन चैंपियन हैं। वह ओलंपिक में बैडमिंटन में गोल्ड जीतने वाली पहली स्पेनिश खिलाड़ी हैं।
अपने करियर पर मारिन ने कहा, "मेरा आखिरी मैच अनजाने में पेरिस ओलंपिक 2024 में हुआ, जहां घुटने की चोट लगने के कारण मैं सेमी-फाइनल से हट गई थी। मैंने उसी समय रिटायरमेंट का फैसला किया था, बस तब हमें इस बात का पता नहीं था।"
मारिन ने कहा, "आप सभी का धन्यवाद, जिन्होंने मुझे कभी गिरने नहीं दिया, और सबसे कठिन पलों में मेरा साथ दिया। आपके बिना शर्त प्रेम के लिए धन्यवाद।"
विश्व चैंपियन ने कहा, "मैं अपने जुनून को अलविदा कह रही हूं, और मुझे गर्व है कि मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह सिर्फ खिताबों के लिए नहीं, बल्कि खेल की दुनिया में सम्मान पाने के लिए किया है। अब मैं एक नए रास्ते पर चलूंगी, जहां मैं आपको मिले समर्थन को वापस लौटाने का प्रयास करूंगी और खेल के मूल्यों की रक्षा करती रहूंगी।"
उन्होंने कहा, "मैं चाहती थी कि मेरा सफर हुएलवा में ही खत्म हो, और ऐसा ही होगा। मेरे हाथ में रैकेट नहीं होगा, बल्कि मैं उसी शहर में रहूंगी जहां मेरा जन्म हुआ था, ताकि कई सालों का यह सफर पूरा हो सके। अपने करियर में जो कुछ भी हासिल कर पाई हूं, उसके लिए आभारी हूं और जिंदगी के एक नए दौर के लिए तैयार हूं।"