टी20 विश्व कप: जसप्रीत बुमराह ने फाइनल में लसिथ मलिंगा का रिकॉर्ड तोड़ा
सारांश
Key Takeaways
- टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप जीता।
- जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट लेकर लसिथ मलिंगा का रिकॉर्ड तोड़ा।
- भारत ने 255 रन बनाए, जो नॉकआउट मुकाबले का सबसे बड़ा स्कोर है।
- न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हुई।
- भारत घरेलू धरती पर टी20 विश्व कप जीतने वाला पहला देश बना।
अहमदाबाद, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। टीम इंडिया ने इतिहास रचते हुए तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित फाइनल में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से पराजित किया। इस मैच में भारतीय टीम की जीत के हीरो जसप्रीत बुमराह रहे। बुमराह ने खिताबी मुकाबले में 4 विकेट लेकर लसिथ मलिंगा का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
फाइनल में बुमराह ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की। अपने 4 ओवर के स्पेल में उन्होंने केवल 15 रन दिए और 4 महत्वपूर्ण विकेट लिए। बुमराह ने टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में दूसरा सबसे बेहतरीन स्पेल फेंका। इसके साथ ही, वे टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बन गए हैं, अब उनके नाम 40 विकेट हैं, जबकि मलिंगा ने 38 विकेट लिए हैं। बुमराह ने फाइनल में रचिन रविंद्र, मिचेल सैंटनर, जेम्स नीशम और मैट हेनरी को पवेलियन भेजा।
भारत द्वारा दिए गए 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। न्यूजीलैंड की तरफ से टिम सीफर्ट ने 52 रन बनाए, जबकि मिचेल सैंटनर ने 43 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा, भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें आसानी से आउट कर दिया। बुमराह के अलावा, अक्षर पटेल ने 27 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पांड्या ने एक-एक विकेट निकाला।
इससे पहले, भारत ने टॉस हारकर 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन बनाए, जो टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले का सबसे बड़ा स्कोर है। संजू सैमसन ने लगातार तीसरे मुकाबले में अर्धशतक लगाया और उन्होंने 46 गेंदों पर 89 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रन बनाकर योगदान दिया। ईशान किशन ने भी शानदार खेल दिखाते हुए 216 के स्ट्राइक रेट से 25 गेंदों में 54 रन बनाए। अंतिम ओवरों में, शिवम दुबे ने 8 गेंदों में नाबाद 26 रन जोड़े। भारत ने घरेलू धरती पर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली पहली टीम बनकर इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही, टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार यह खिताब जीतकर एक नई मिसाल कायम की है।