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वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम का 90% काम पूरा, जुलाई तक तैयार होने की उम्मीद

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वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम का 90% काम पूरा, जुलाई तक तैयार होने की उम्मीद

सारांश

वाराणसी के गंजारी में बन रहा उत्तर प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब 90% तैयार है। ₹450 करोड़ की लागत, 30,000 दर्शक क्षमता और शिव तत्वों से सजी वास्तुकला के साथ यह स्टेडियम जुलाई 2026 तक अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए तैयार हो सकता है।

मुख्य बातें

वाराणसी मंडल कमिश्नर एस.
राजलिंगम ने 15 जून को बताया कि स्टेडियम का 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है।
शेष छत और घास का काम जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
स्टेडियम की क्षमता 30,000 से अधिक दर्शक ; 1,500 से अधिक वाहनों की पार्किंग सुविधा।
निर्माण लागत लगभग ₹450 करोड़ ; आधारशिला PM नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2023 को रखी थी।
डिज़ाइन में त्रिशूल, डमरू, बेलपत्र जैसे शिव तत्व; फ्लडलाइट्स त्रिशूल के आकार में।
निर्माण प्रगति रिपोर्ट हर माह PMO को भेजी जा रही है।

उत्तर प्रदेश के तीसरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण वाराणसी के गंजारी में अंतिम चरण में पहुँच गया है। वाराणसी मंडल के कमिश्नर एस. राजलिंगम ने सोमवार, 15 जून को पत्रकारों को बताया कि स्टेडियम का निर्माण कार्य अब लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष काम जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

क्या-क्या बचा है निर्माण में

कमिश्नर राजलिंगम के अनुसार, 'स्टेडियम में लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अभी छत बनाने का काम थोड़ा-सा बचा है। घास का काम भी बचा है। उम्मीद है कि यह काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा।' इस प्रकार मुख्य ढाँचागत कार्य लगभग सम्पन्न है, जबकि सौंदर्यीकरण और मैदान की तैयारी का काम जारी है।

स्टेडियम की खास पहचान — शिव तत्वों से सजी वास्तुकला

शहर से 15 किलोमीटर दूर रिंग रोड के निकट बने इस स्टेडियम की वास्तुकला में काशी की सांस्कृतिक विरासत की झलक है। भगवान शिव के डमरू, चंद्रमा, त्रिशूल और बेलपत्र की आकृतियाँ इमारत के डिज़ाइन में समाहित की गई हैं। स्टेडियम की सीढ़ियाँ वाराणसी के घाटों की सीढ़ियों की अनुभूति देंगी। त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट्स पूरे परिसर में स्थापित की गई हैं, जो रात में इसे एक अलग ही पहचान देती हैं।

सुविधाएँ और क्षमता

यह स्टेडियम एक साथ 30,000 से अधिक दर्शकों को बैठाने में सक्षम होगा। 1,500 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी की गई है। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट का प्रावधान है। वर्ल्ड क्लास मीडिया गैलरी, वीवीआईपी लाउंज और अन्य खेलों की सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। रिपोर्टों के अनुसार, 3 घंटे की भारी बारिश के बाद भी उन्नत ड्रेनेज सिस्टम की बदौलत मैदान को जल्द खेलने योग्य बनाया जा सकेगा।

पृष्ठभूमि और निगरानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2023 को इस स्टेडियम की आधारशिला रखी थी। ₹450 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्मित हो रहे इस स्टेडियम की देखरेख भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) कर रहा है। हर महीने निर्माण की प्रगति रिपोर्ट राज्य शासन के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी भेजी जा रही है, और प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। यह स्टेडियम तैयार होने के बाद उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी की क्षमता को नई ऊँचाई देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश को क्रिकेट के नक्शे पर स्थापित करने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का प्रतीक भी है — PMO की सीधी निगरानी इसी का संकेत है। हालाँकि, आधारशिला से लेकर अब तक तीन साल में 90% पूरा होना निर्माण की गति पर सवाल खड़े करता है। असली परीक्षा यह होगी कि BCCI इसे अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में कब और कितनी जल्दी शामिल करता है — क्योंकि बिना मैचों की मेजबानी के, यह भव्य ढाँचा केवल एक वास्तुशिल्पीय उपलब्धि बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी का नया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम कब तक तैयार होगा?
वाराणसी मंडल कमिश्नर एस. राजलिंगम के अनुसार, स्टेडियम का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष छत व घास का काम जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम कहाँ बन रहा है और इसकी क्षमता क्या है?
यह स्टेडियम वाराणसी के गंजारी में रिंग रोड के पास, शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर बन रहा है। इसमें एक साथ 30,000 से अधिक दर्शक बैठ सकेंगे और 1,500 से ज़्यादा वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है।
वाराणसी स्टेडियम की निर्माण लागत कितनी है और इसकी नींव किसने रखी?
इस स्टेडियम की अनुमानित लागत लगभग ₹450 करोड़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2023 को इसकी आधारशिला रखी थी।
वाराणसी स्टेडियम के डिज़ाइन में क्या खास है?
स्टेडियम की वास्तुकला में भगवान शिव के डमरू, चंद्रमा, त्रिशूल और बेलपत्र की आकृतियाँ शामिल हैं। फ्लडलाइट्स त्रिशूल के आकार में हैं और सीढ़ियाँ वाराणसी के घाटों की याद दिलाती हैं।
क्या वाराणसी स्टेडियम में दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएँ होंगी?
हाँ, दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए स्टेडियम में लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा वर्ल्ड क्लास मीडिया गैलरी, वीवीआईपी लाउंज और उन्नत ड्रेनेज सिस्टम भी उपलब्ध होगा।
राष्ट्र प्रेस
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