वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम का 90% काम पूरा, जुलाई तक तैयार होने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के तीसरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण वाराणसी के गंजारी में अंतिम चरण में पहुँच गया है। वाराणसी मंडल के कमिश्नर एस. राजलिंगम ने सोमवार, 15 जून को पत्रकारों को बताया कि स्टेडियम का निर्माण कार्य अब लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष काम जुलाई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
क्या-क्या बचा है निर्माण में
कमिश्नर राजलिंगम के अनुसार, 'स्टेडियम में लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अभी छत बनाने का काम थोड़ा-सा बचा है। घास का काम भी बचा है। उम्मीद है कि यह काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा।' इस प्रकार मुख्य ढाँचागत कार्य लगभग सम्पन्न है, जबकि सौंदर्यीकरण और मैदान की तैयारी का काम जारी है।
स्टेडियम की खास पहचान — शिव तत्वों से सजी वास्तुकला
शहर से 15 किलोमीटर दूर रिंग रोड के निकट बने इस स्टेडियम की वास्तुकला में काशी की सांस्कृतिक विरासत की झलक है। भगवान शिव के डमरू, चंद्रमा, त्रिशूल और बेलपत्र की आकृतियाँ इमारत के डिज़ाइन में समाहित की गई हैं। स्टेडियम की सीढ़ियाँ वाराणसी के घाटों की सीढ़ियों की अनुभूति देंगी। त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट्स पूरे परिसर में स्थापित की गई हैं, जो रात में इसे एक अलग ही पहचान देती हैं।
सुविधाएँ और क्षमता
यह स्टेडियम एक साथ 30,000 से अधिक दर्शकों को बैठाने में सक्षम होगा। 1,500 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी की गई है। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट का प्रावधान है। वर्ल्ड क्लास मीडिया गैलरी, वीवीआईपी लाउंज और अन्य खेलों की सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। रिपोर्टों के अनुसार, 3 घंटे की भारी बारिश के बाद भी उन्नत ड्रेनेज सिस्टम की बदौलत मैदान को जल्द खेलने योग्य बनाया जा सकेगा।
पृष्ठभूमि और निगरानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2023 को इस स्टेडियम की आधारशिला रखी थी। ₹450 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्मित हो रहे इस स्टेडियम की देखरेख भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) कर रहा है। हर महीने निर्माण की प्रगति रिपोर्ट राज्य शासन के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी भेजी जा रही है, और प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। यह स्टेडियम तैयार होने के बाद उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी की क्षमता को नई ऊँचाई देगा।