8 जुलाई 2026
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विनेश फोगाट अयोग्यता मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को लगाई कड़ी फटकार, एक्सपर्ट कमेटी बनाने का निर्देश

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विनेश फोगाट अयोग्यता मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को लगाई कड़ी फटकार, एक्सपर्ट कमेटी बनाने का निर्देश

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि मातृत्व का सम्मान होना चाहिए। केंद्र सरकार को एक्सपर्ट कमेटी बनाने और विनेश फोगाट को 30-31 मई के एशियन गेम्स ट्रायल में शामिल करने का आदेश दिया गया।

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई 2026 को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) को विनेश फोगाट अयोग्यता मामले में कड़ी फटकार लगाई।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को विनेश के मूल्यांकन के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का निर्देश दिया।
डब्ल्यूएफआई ने 26 जून 2026 तक विनेश के सभी घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया था।
फेडरेशन ने वाडा नियम 5.6.1 का हवाला देते हुए संन्यास से वापसी पर छह महीने के नोटिस की अनिवार्यता बताई।
विनेश 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति चाहती हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई 2026 को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) को कड़ी फटकार लगाई, जब मामला भारत की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने से जुड़ा सामने आया। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में मातृत्व का सम्मान होता है और डब्ल्यूएफआई का अपने ही पुराने सिलेक्शन मानदंडों से पीछे हटना बहुत कुछ कहता है।

कोर्ट का निर्देश: एक्सपर्ट कमेटी और ट्रायल में भागीदारी

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह विनेश फोगाट के लिए एक विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) गठित करे, जो उनका उचित मूल्यांकन करे। इसके साथ ही कोर्ट ने 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में विनेश की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया। विनेश मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी ब्रेक) के बाद कुश्ती में वापसी कर रही हैं।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे पहुँचा मामला कोर्ट तक

डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को एक 'कारण बताओ नोटिस' भेजा था, जिसमें अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चार सवालों के जवाब माँगे गए थे। इसके साथ ही फेडरेशन ने 26 जून 2026 तक विनेश के किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी थी।

इस प्रतिबंध के कारण विनेश नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकीं। जब उन्होंने ट्रायल की अनुमति के लिए डब्ल्यूएफआई से अपील की, तो उसे नज़रअंदाज़ कर दिया गया।

डब्ल्यूएफआई का तर्क: वाडा नियम 5.6.1

डब्ल्यूएफआई ने विनेश की अपील यह कहते हुए ठुकराई कि उनके खिलाफ वाडा (WADA) के नियम 5.6.1 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित है। फेडरेशन के अनुसार, इस नियम के तहत संन्यास से वापसी कर रहे खिलाड़ियों को किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले कम से कम छह महीने का नोटिस अवधि पूरी करना अनिवार्य है।

कोर्ट की पहली सुनवाई और बदलता रुख

विनेश ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर एशियन गेम्स के ट्रायल में शामिल होने की अनुमति माँगी थी। मामले की पहली सुनवाई में कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार करते हुए कहा था कि डब्ल्यूएफआई का पक्ष सुने बिना कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता। हालाँकि, बाद की सुनवाई में कोर्ट ने फेडरेशन के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई और केंद्र सरकार को एक्सपर्ट कमेटी बनाने का आदेश दिया।

आगे क्या होगा

यह मामला भारतीय खेल संस्थाओं में एथलीट अधिकारों, मातृत्व नीति और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवाल उठाता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विनेश फोगाट पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद अयोग्यता का सामना कर चुकी हैं। एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट और ट्रायल के नतीजे यह तय करेंगे कि विनेश एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर पाएँगी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह नियम मूलतः डोपिंग से जुड़ी वापसी के लिए बना है, न कि मातृत्व अवकाश के लिए। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल निकाय पहले से ही न्यायिक और सार्वजनिक जाँच के दायरे में हैं। असली सवाल यह है कि क्या एक्सपर्ट कमेटी महज औपचारिकता बनेगी, या यह एथलीट अधिकारों के लिए एक ठोस मिसाल कायम करेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाईकोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को क्यों फटकार लगाई?
दिल्ली हाईकोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को इसलिए फटकार लगाई क्योंकि फेडरेशन ने मातृत्व अवकाश से वापस आ रहीं पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर उनकी ट्रायल में भागीदारी की अपील नज़रअंदाज़ कर दी। कोर्ट ने कहा कि देश में मातृत्व का सम्मान होता है और डब्ल्यूएफआई का अपने पुराने सिलेक्शन मानदंडों से पीछे हटना उचित नहीं है।
विनेश फोगाट पर डब्ल्यूएफआई ने क्या प्रतिबंध लगाया था?
डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट के सभी घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर 26 जून 2026 तक रोक लगाई थी। इसके साथ ही उन्हें 'कारण बताओ नोटिस' भेजकर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप में चार सवालों के जवाब माँगे गए थे।
वाडा नियम 5.6.1 क्या है और इसका विनेश के मामले से क्या संबंध है?
वाडा (WADA) का नियम 5.6.1 संन्यास से वापसी कर रहे खिलाड़ियों को किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले कम से कम छह महीने का नोटिस देने को अनिवार्य बनाता है। डब्ल्यूएफआई ने इसी नियम का हवाला देते हुए विनेश की नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भागीदारी की अपील ठुकराई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को क्या निर्देश दिया?
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह विनेश फोगाट के मूल्यांकन के लिए एक विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) गठित करे और 30 तथा 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स सिलेक्शन ट्रायल में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करे।
विनेश फोगाट ने कोर्ट में क्या माँग की थी?
विनेश फोगाट ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर एशियन गेम्स के लिए 30 और 31 मई को होने वाले सिलेक्शन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति माँगी थी। उन्होंने डब्ल्यूएफआई द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बाद कोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुज़ारिश की थी।
राष्ट्र प्रेस
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