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विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, एशियन गेम्स 2026 ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति

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विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, एशियन गेम्स 2026 ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति

सारांश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया — मातृत्व कोई अयोग्यता नहीं है। विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देते हुए अदालत ने WFI के 'अपमानजनक' नोटिस पर कड़ी फटकार लगाई और महिला एथलीटों के अधिकारों पर एक महत्त्वपूर्ण न्यायिक संदेश दिया।

मुख्य बातें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 मई 2026 को विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी।
ट्रायल 30 मई से शुरू होंगे; फोगाट मातृत्व अवकाश के कारण पात्रता शर्तें पूरी नहीं कर पाई थीं।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने कहा — मातृत्व के कारण महिला खिलाड़ी को खेल से बाहर नहीं किया जा सकता।
WFI को पेरिस ओलंपिक में 'शर्म का विषय' वाले नोटिस पर 'बेहद अपमानजनक' भाषा के लिए कड़ी फटकार मिली।
CAS पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पेरिस ओलंपिक वजन-विवाद में फोगाट की कोई गलती नहीं थी।
फोगाट ने दिसंबर 2025 में कुश्ती में वापसी की थी; WFI के आरोपों को उन्होंने नकारा है।

पहलवान विनेश फोगाट को 23 मई 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच से बड़ी राहत मिली, जब अदालत ने उन्हें एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी। ये ट्रायल 30 मई से शुरू होने हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि फोगाट केवल इसलिए ट्रायल की पात्रता शर्तें पूरी नहीं कर पाईं क्योंकि वे मातृत्व अवकाश पर थीं — और किसी महिला खिलाड़ी को मातृत्व के कारण खेल से वंचित नहीं किया जा सकता।

अदालत का रुख

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिला खिलाड़ियों को कई शारीरिक चुनौतियों से गुज़रना पड़ता है, जिन्हें खेल संस्थाएँ प्रायः अनदेखा कर देती हैं। बेंच ने कहा, 'हम गर्भावस्था की वजह से महिला खिलाड़ियों को होने वाली दिक्कतों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।' यह टिप्पणी महिला एथलीटों के अधिकारों के संदर्भ में एक महत्त्वपूर्ण न्यायिक दृष्टिकोण के रूप में देखी जा रही है।

WFI को कड़ी फटकार

उच्च न्यायालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को उस नोटिस के लिए कड़ी फटकार लगाई जिसमें कहा गया था कि पेरिस ओलंपिक में अधिक वजन के कारण फोगाट का बाहर होना 'देश के लिए शर्म का विषय' था। अदालत ने कहा कि एक महिला खिलाड़ी को भेजे गए नोटिस में इस तरह की भाषा 'बेहद अपमानजनक' है।

अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि खेल मध्यस्थता न्यायालय (CAS) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पेरिस ओलंपिक में वजन-अधिकता की घटना में फोगाट की कोई गलती नहीं थी। इसके बावजूद WFI द्वारा नोटिस भेजा जाना अदालत को 'जानबूझकर की गई कार्रवाई' और 'पुरानी सोच एवं दुर्भावना से प्रेरित' प्रतीत हुआ।

विवाद की पृष्ठभूमि

फोगाट ने 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद संन्यास की घोषणा की थी, लेकिन दिसंबर 2025 में उन्होंने कुश्ती में वापसी की। WFI ने उन पर अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन और वापसी की अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन न करने के आरोप लगाए। फोगाट ने इन सभी आरोपों को नकारा।

ट्रायल में भाग लेने की पात्रता के लिए WFI ने शर्त रखी थी कि खिलाड़ी ने 2025 और 2026 की कुछ निर्धारित प्रतियोगिताओं में पदक जीते हों। चूँकि फोगाट मातृत्व अवकाश पर थीं, वे इन स्पर्धाओं में भाग नहीं ले सकीं। सिंगल बेंच से राहत न मिलने पर उन्होंने डिवीजन बेंच का रुख किया, जहाँ से उन्हें अंततः अनुमति मिली।

महिला एथलीटों के लिए व्यापक संदर्भ

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल जगत में महिला एथलीटों के मातृत्व अधिकारों पर बहस तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और कई वैश्विक खेल संस्थाएँ मातृत्व सुरक्षा नीतियाँ लागू कर चुकी हैं, जबकि भारत में इस दिशा में नीतिगत ढाँचा अभी भी अस्पष्ट है।

आगे क्या होगा

फोगाट अब 30 मई से शुरू होने वाले एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में भाग ले सकेंगी। WFI पर अदालत की टिप्पणियों के मद्देनज़र महासंघ के आंतरिक नियमों और महिला एथलीटों के प्रति उसके रवैये की समीक्षा की माँग भी उठ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि प्रशासनिक चूक। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय खेल महासंघ अदालती आदेशों के दबाव के बिना स्वेच्छा से महिला एथलीटों के लिए मातृत्व नीति बनाएंगे — या हर बार न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना पड़ेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से क्या राहत मिली?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 मई 2026 को विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि वे मातृत्व अवकाश के कारण पात्रता शर्तें पूरी नहीं कर पाई थीं, इसलिए उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।
एशियन गेम्स 2026 के कुश्ती ट्रायल कब से शुरू होंगे?
एशियन गेम्स 2026 के कुश्ती चयन ट्रायल 30 मई से शुरू होने हैं। अदालत के आदेश के बाद विनेश फोगाट अब इनमें भाग ले सकेंगी।
WFI ने विनेश फोगाट को किस बात का नोटिस दिया था?
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने फोगाट को नोटिस भेजकर अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन और वापसी की अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन न करने के आरोप लगाए थे। नोटिस में यह भी कहा गया था कि पेरिस ओलंपिक में अधिक वजन के कारण उनका बाहर होना देश के लिए शर्म का विषय था, जिसे अदालत ने 'बेहद अपमानजनक' करार दिया।
CAS ने पेरिस ओलंपिक वजन विवाद पर क्या कहा था?
खेल मध्यस्थता न्यायालय (CAS) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पेरिस ओलंपिक में वजन-अधिकता की घटना में विनेश फोगाट की कोई गलती नहीं थी। इसके बावजूद WFI द्वारा नोटिस भेजने को अदालत ने दुर्भावनापूर्ण माना।
विनेश फोगाट ने कुश्ती में वापसी कब की?
विनेश फोगाट ने 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद संन्यास की घोषणा की थी, लेकिन दिसंबर 2025 में उन्होंने कुश्ती में वापसी की। वापसी के बाद WFI ने उन पर कई आरोप लगाए, जिन्हें फोगाट ने नकारते हुए अदालत का रुख किया।
राष्ट्र प्रेस
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