विंबलडन खिताब जीतने वाले 3 भारतीय दिग्गज: पेस, भूपति और सानिया मिर्जा का गौरवशाली इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
विंबलडन 2026 का आगाज़ 29 जून से होने जा रहा है और दुनियाभर के टेनिस प्रेमियों की निगाहें इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम पर टिकी हैं। भारतीय दर्शकों के लिए यह टूर्नामेंट हमेशा खास रहा है, क्योंकि तीन भारतीय खिलाड़ियों ने विंबलडन की ऐतिहासिक घास पर अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया है। इनमें एक महिला खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो इस खिताब को जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला हैं।
लिएंडर पेस: विंबलडन के सबसे सफल भारतीय
लिएंडर पेस भारतीय टेनिस के सबसे चमकदार सितारों में से एक हैं। वे 1996 अटलांटा ओलंपिक में टेनिस में भारत के लिए एकमात्र पदक जीतने का गौरव रखते हैं। एकल में सीमित सफलता के बावजूद, डबल्स और मिश्रित डबल्स में पेस का रिकॉर्ड असाधारण रहा है। विंबलडन में उन्होंने कुल 5 खिताब अपने नाम किए हैं। 1999 में उन्होंने पुरुष डबल्स का खिताब जीता, जबकि 1999, 2003, 2010 और 2015 में उन्होंने मिश्रित डबल्स में विजय पताका फहराई। यह ऐसे समय में आया जब भारतीय टेनिस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहा था।
महेश भूपति: डबल्स के बेताज बादशाह
महेश भूपति भारतीय टेनिस के एक और स्तंभ हैं, जिन्होंने लिएंडर पेस के साथ मिलकर 'इंडियन एक्सप्रेस' जोड़ी बनाई और दुनियाभर में धाक जमाई। 1999 में पेस के साथ मिलकर उन्होंने विंबलडन पुरुष डबल्स खिताब जीता। इसके बाद 2002 और 2005 में उन्होंने मिश्रित डबल्स में भी विंबलडन का ताज अपने सिर सजाया। गौरतलब है कि पेस और भूपति दोनों ने मिलकर भारतीय युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को टेनिस की ओर आकर्षित किया और इस खेल को देश में लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सानिया मिर्जा: भारत की अकेली विंबलडन चैंपियन महिला
सानिया मिर्जा भारतीय महिला टेनिस का सबसे प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने दमदार प्रदर्शन से न केवल देश का मान बढ़ाया, बल्कि भारत में लड़कियों के बीच टेनिस के प्रति एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। सानिया विंबलडन खिताब जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला हैं। उन्होंने 2015 में महिला डबल्स का खिताब जीतकर इतिहास रचा। यह जीत भारतीय महिला खेल इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक मानी जाती है।
विंबलडन 2026 में भारतीय उम्मीदें
इन तीनों दिग्गजों की विरासत आज भी भारतीय टेनिस को प्रेरणा देती है। 29 जून 2026 से शुरू होने वाले इस संस्करण में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर करोड़ों प्रशंसकों की नज़रें होंगी। पेस, भूपति और सानिया ने जो परंपरा स्थापित की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऊँचा मानदंड है।