वर्ल्ड चेस डे पर CM विजय ने तमिलनाडु की शतरंज विरासत को सराहा, खिलाड़ियों को पूर्ण समर्थन का वादा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 20 जुलाई को वर्ल्ड चेस डे के अवसर पर दुनिया भर के शतरंज खिलाड़ियों, कोचों और शतरंज प्रेमियों को बधाई दी और भारत व विश्व के प्रमुख शतरंज केंद्र के रूप में तमिलनाडु की स्थिति को और सुदृढ़ करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। एक विशेष संदेश में उन्होंने राज्य की शतरंज विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि तमिलनाडु ने देश में सर्वाधिक युवा ग्रैंडमास्टर दिए हैं।
विश्वनाथन आनंद से शुरू हुई विरासत
मुख्यमंत्री विजय ने याद दिलाया कि तमिलनाडु के वैश्विक शतरंज महाशक्ति बनने की यात्रा विश्वनाथन आनंद के साथ शुरू हुई, जो 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने। आनंद की उपलब्धियों ने युवा खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों को शतरंज अपनाने के लिए प्रेरित किया और तमिलनाडु को विश्वस्तरीय प्रतिभाओं के लिए देश का सबसे सफल केंद्र बना दिया।
गुकेश, प्रज्ञानानंद और वैशाली को बधाई
विजय ने शतरंज के नए सितारों — वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश, ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद और ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू — को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ाया है और विश्व शतरंज में देश का कद ऊँचा किया है।
राज्य की सफलता के पीछे सामूहिक समर्पण
शतरंज की वैश्विक राजधानी के रूप में तमिलनाडु की बढ़ती पहचान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कामयाबी खिलाड़ियों, कोचों, अभिभावकों और खेल संस्थाओं के अथक समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में तमिलनाडु से और भी कई विश्वस्तरीय चैंपियन उभरेंगे।
युवा खिलाड़ियों से आह्वान
मुख्यमंत्री ने छात्रों और उभरते खिलाड़ियों से शतरंज के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं में दक्षता हासिल करने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी करने और वैश्विक मंच पर सफलता के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शतरंज में सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य, विश्लेषणात्मक सोच और लगन जैसे गुण अनिवार्य हैं — और ये गुण युवाओं को शिक्षा व जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ाते हैं।
सरकार का समर्थन जारी रहेगा
विजय ने भरोसा दिलाया कि तमिलनाडु सरकार प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ियों को हर संभव सहायता, अवसर और प्रोत्साहन देती रहेगी, ताकि वे उच्चतम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर सकें और तमिलनाडु के साथ-साथ भारत का नाम और रोशन कर सकें। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब तमिलनाडु वैश्विक शतरंज जगत में अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहा है।