21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वर्ल्ड चेस डे पर CM विजय ने तमिलनाडु की शतरंज विरासत को सराहा, खिलाड़ियों को पूर्ण समर्थन का वादा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वर्ल्ड चेस डे पर CM विजय ने तमिलनाडु की शतरंज विरासत को सराहा, खिलाड़ियों को पूर्ण समर्थन का वादा

सारांश

वर्ल्ड चेस डे पर CM विजय का संदेश महज बधाई नहीं था — यह तमिलनाडु की शतरंज पहचान का सार्वजनिक पुनर्पुष्टि था। विश्वनाथन आनंद से गुकेश तक की यात्रा को रेखांकित करते हुए उन्होंने राज्य को भारत का निर्विवाद शतरंज केंद्र घोषित किया और आगे के समर्थन का वादा किया।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय ने 20 जुलाई को वर्ल्ड चेस डे पर तमिलनाडु की शतरंज विरासत को सराहा।
तमिलनाडु ने देश में सर्वाधिक युवा ग्रैंडमास्टर दिए हैं।
विश्वनाथन आनंद ने 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बनकर राज्य की शतरंज विरासत की नींव रखी।
गुकेश , ग्रैंडमास्टर आर.
प्रज्ञानानंद और ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई।
तमिलनाडु सरकार ने प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ियों को पूर्ण समर्थन, अवसर और प्रोत्साहन जारी रखने का वादा किया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 20 जुलाई को वर्ल्ड चेस डे के अवसर पर दुनिया भर के शतरंज खिलाड़ियों, कोचों और शतरंज प्रेमियों को बधाई दी और भारत व विश्व के प्रमुख शतरंज केंद्र के रूप में तमिलनाडु की स्थिति को और सुदृढ़ करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। एक विशेष संदेश में उन्होंने राज्य की शतरंज विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि तमिलनाडु ने देश में सर्वाधिक युवा ग्रैंडमास्टर दिए हैं।

विश्वनाथन आनंद से शुरू हुई विरासत

मुख्यमंत्री विजय ने याद दिलाया कि तमिलनाडु के वैश्विक शतरंज महाशक्ति बनने की यात्रा विश्वनाथन आनंद के साथ शुरू हुई, जो 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने। आनंद की उपलब्धियों ने युवा खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों को शतरंज अपनाने के लिए प्रेरित किया और तमिलनाडु को विश्वस्तरीय प्रतिभाओं के लिए देश का सबसे सफल केंद्र बना दिया।

गुकेश, प्रज्ञानानंद और वैशाली को बधाई

विजय ने शतरंज के नए सितारों — वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश, ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद और ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू — को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ाया है और विश्व शतरंज में देश का कद ऊँचा किया है।

राज्य की सफलता के पीछे सामूहिक समर्पण

शतरंज की वैश्विक राजधानी के रूप में तमिलनाडु की बढ़ती पहचान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कामयाबी खिलाड़ियों, कोचों, अभिभावकों और खेल संस्थाओं के अथक समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में तमिलनाडु से और भी कई विश्वस्तरीय चैंपियन उभरेंगे।

युवा खिलाड़ियों से आह्वान

मुख्यमंत्री ने छात्रों और उभरते खिलाड़ियों से शतरंज के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं में दक्षता हासिल करने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी करने और वैश्विक मंच पर सफलता के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शतरंज में सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य, विश्लेषणात्मक सोच और लगन जैसे गुण अनिवार्य हैं — और ये गुण युवाओं को शिक्षा व जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ाते हैं।

सरकार का समर्थन जारी रहेगा

विजय ने भरोसा दिलाया कि तमिलनाडु सरकार प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ियों को हर संभव सहायता, अवसर और प्रोत्साहन देती रहेगी, ताकि वे उच्चतम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर सकें और तमिलनाडु के साथ-साथ भारत का नाम और रोशन कर सकें। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब तमिलनाडु वैश्विक शतरंज जगत में अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न अकादमी विस्तार की योजना। गौरतलब है कि तमिलनाडु की शतरंज सफलता काफी हद तक निजी कोचिंग और पारिवारिक निवेश पर टिकी है, सरकारी ढाँचे पर नहीं। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह प्रतिबद्धता जिला स्तर पर शतरंज के बुनियादी ढाँचे में बदलती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड चेस डे कब और क्यों मनाया जाता है?
वर्ल्ड चेस डे हर वर्ष 20 जुलाई को मनाया जाता है। यूनेस्को ने इस तारीख को इसलिए चुना क्योंकि 1924 में इसी दिन अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) की स्थापना हुई थी। यह दिन शतरंज के वैश्विक प्रसार और इसकी बौद्धिक विरासत को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
तमिलनाडु को भारत का शतरंज हब क्यों कहा जाता है?
तमिलनाडु ने देश में सर्वाधिक युवा ग्रैंडमास्टर दिए हैं और विश्वनाथन आनंद, डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंद तथा वैशाली रमेशबाबू जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी इसी राज्य से हैं। 1988 में आनंद के भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बनने के बाद से राज्य में शतरंज की मजबूत परंपरा विकसित हुई है।
CM विजय ने किन शतरंज खिलाड़ियों को बधाई दी?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश , ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद और ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को तमिलनाडु और भारत दोनों के लिए गौरव का विषय बताया।
तमिलनाडु सरकार शतरंज खिलाड़ियों को क्या समर्थन देगी?
CM विजय ने वादा किया है कि तमिलनाडु सरकार प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ियों को अवसर, प्रोत्साहन और आवश्यक सहायता प्रदान करती रहेगी। हालाँकि, उन्होंने किसी विशेष बजट आवंटन या नई योजना का विवरण नहीं दिया।
विश्वनाथन आनंद का तमिलनाडु की शतरंज विरासत में क्या योगदान है?
विश्वनाथन आनंद 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने और उन्होंने युवा खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों को शतरंज अपनाने के लिए प्रेरित किया। CM विजय के अनुसार, आनंद की उपलब्धियों ने ही तमिलनाडु को विश्वस्तरीय शतरंज प्रतिभाओं का सबसे सफल केंद्र बनाने की नींव रखी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले