यशस्विनी देसवाल: भारतीय निशानेबाज जिन्होंने मनु भाकर को हराकर गोल्ड जीता

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यशस्विनी देसवाल: भारतीय निशानेबाज जिन्होंने मनु भाकर को हराकर गोल्ड जीता

सारांश

यशस्विनी सिंह देसवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर को हराकर गोल्ड जीता। उनकी प्रेरणादायक यात्रा ने उन्हें एक प्रमुख निशानेबाज बना दिया है। जानिए उनकी सफलताओं के बारे में।

मुख्य बातें

महिला सशक्तिकरण : यशस्विनी का सफर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
परिश्रम : सफलता के लिए मेहनत आवश्यक है।
आत्मविश्वास : अपने सपनों का पीछा करने में विश्वास रखना जरूरी है।
प्रतियोगिता : उच्च स्तर की प्रतियोगिता में प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है।
प्रेरणा : यशस्विनी जैसी सफलताएँ युवा पीढ़ी को प्रेरित करती हैं।

नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की उच्चकोटि की निशानेबाज यशस्विनी सिंह देसवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को गौरव प्रदान किया है। यशस्विनी ने विश्व कप और एशियाई प्रतियोगिताओं में अपनी सटीकता, एकाग्रता, और मेहनत के बल पर एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

30 मार्च 1997 को हरियाणा के पंचकूला में जन्मी यशस्विनी को नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 ने प्रेरित किया। उन्होंने इसे टीवी पर देखकर मन में ठाना कि एक दिन वह भी अपने देश के लिए मेडल जीतेगी।

महज 15 साल की उम्र में यशस्विनी ने अपने शूटिंग करियर की शुरुआत की और स्कूल नेशनल्स में गोल्ड जीतकर अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2014 में यशस्विनी ने चीन में आयोजित यूथ ओलंपिक में छठा स्थान प्राप्त किया। इसी वर्ष उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर और आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल जीते।

साल 2015 में यशस्विनी ने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और 2016 में आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में फिर से सिल्वर जीता। इसी वर्ष उन्होंने साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड पर निशाना साधा। 2017 में आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 235.9 का स्कोर बनाते हुए गोल्ड अपने नाम किया।

यशस्विनी को 2018 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में चौथा स्थान मिला, लेकिन अगले वर्ष उन्होंने इसी इवेंट में गोल्ड जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 2020 टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया, जहाँ 10 मीटर एयर पिस्टल में 13वें स्थान पर रहीं।

साल 2021 यशस्विनी के लिए खास बना जब उन्होंने मनु भाकर को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में शिकस्त देकर अपना दूसरा आईएसएसएफ वर्ल्ड कप गोल्ड जीता।

यशस्विनी सिंह देसवाल भारत की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि मेहनत और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यशस्विनी युवा लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह दर्शाता है कि कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह संदेश न केवल युवा लड़कियों के लिए, बल्कि सभी के लिए प्रेरणादायक है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यशस्विनी देसवाल की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
यशस्विनी ने 10 मीटर एयर पिस्टल में कई मेडल जीते हैं, जिनमें आईएसएसएफ वर्ल्ड कप गोल्ड और एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर शामिल हैं।
यशस्विनी ने कब अपना करियर शुरू किया?
उन्होंने मात्र 15 साल की उम्र में शूटिंग करियर की शुरुआत की।
क्या यशस्विनी ने ओलंपिक में भाग लिया है?
हाँ, यशस्विनी ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
यशस्विनी का जन्म कब हुआ था?
यशस्विनी का जन्म 30 मार्च 1997 को हरियाणा के पंचकूला में हुआ था।
यशस्विनी किस खेल में विशेषज्ञता रखती हैं?
यशस्विनी 10 मीटर एयर पिस्टल निशानेबाजी में विशेषज्ञता रखती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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