16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक चंडीगढ़ में संपन्न, नड्डा ने भारत के डिजिटल स्वास्थ्य मॉडल को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 24 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जन-केंद्रित नीतियों, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और व्यापक स्वास्थ्य पहुंच के माध्यम से अपनी स्वास्थ्य प्रणाली में परिवर्तनकारी बदलाव किए हैं। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री, प्रतिनिधिमंडल प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एकत्रित हुए।
बैठक का उद्देश्य और विषय
इस बैठक का केंद्रीय विषय था — 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण'। इस मंच ने ब्रिक्स सदस्य देशों को स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ करने, महामारी की तैयारी बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में साझा प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर दिया। नड्डा ने कहा कि सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी वैश्विक दक्षिण में सहयोग को बढ़ावा देने वाले मंच के रूप में ब्रिक्स की अटूट शक्ति को रेखांकित करती है।
भारत की स्वास्थ्य प्राथमिकताएँ और प्रमुख पहलें
नड्डा ने बताया कि ब्रिक्स देशों में सामूहिक रूप से वैश्विक तपेदिक (TB) के लगभग आधे मामले हैं। उन्होंने ब्रिक्स टीबी अनुसंधान नेटवर्क को और मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे सहयोगात्मक शोध, नए निदान और टीकों तक समान पहुंच तेज होगी। उन्होंने ब्रिक्स GxP श्वेत पत्र के प्रकाशन का स्वागत किया और इसे नियामक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत ने दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण को लोकतांत्रिक बनाने की अपार क्षमता प्रदर्शित की है।
मानसिक स्वास्थ्य और नई संस्थागत पहलें
नड्डा ने मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्रों के ब्रिक्स नेटवर्क की स्थापना की घोषणा की, जिसमें भारत स्थित NIMHANS समन्वय केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह नेटवर्क सहयोगात्मक शोध, नीतिगत संवाद और साक्ष्य-आधारित मानसिक स्वास्थ्य रणनीतियों के विकास को सुगम बनाएगा। इसके साथ ही ब्रिक्स प्रशिक्षण केंद्र नेटवर्क के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रियों ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए ब्रिक्स मिशन और स्वस्थ जीवनशैली संवर्धन पर ब्रिक्स रोडमैप (2026-2029) का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य स्वस्थ आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पारंपरिक खाद्य संस्कृतियों का संरक्षण और साक्ष्य-आधारित व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
बैठक के प्रमुख निर्णय और घोषणापत्र
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा का सर्वसम्मति से अपनाया जाना रहा। मंत्रियों ने ब्रिक्स एकीकृत संक्रामक रोग निवारण एवं प्रतिक्रिया प्रणाली पर एक उप-कार्य समूह की स्थापना को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों से प्रेरित रोगों के लिए परिचालन ढाँचा (DD-SDH) और राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के ब्रिक्स नेटवर्क के परिचालन ढाँचे को भी अनुमोदित किया गया।
प्रतिनिधिमंडलों ने FSSAI, NHA और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का दौरा किया, जहाँ 'ईट राइट इंडिया' पहल के तहत बाजरा सत्र भी आयोजित किया गया।
आगे की राह
नड्डा ने अपने संबोधन के समापन में 'वसुधैव कुटुंबकम' — 'विश्व एक परिवार है' — के दर्शन का आह्वान करते हुए ब्रिक्स देशों से एकजुटता और साझा जिम्मेदारी की भावना से काम करने का आग्रह किया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पहचाने गए नौ प्राथमिकता क्षेत्रों पर केंद्रित यह मंत्रिस्तरीय विचार-विमर्श आने वाले वर्षों में ब्रिक्स देशों के बीच स्वास्थ्य सहयोग को और गहरा करने की नींव रखता है।