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दिल्ली के राजेंद्र नगर हॉस्टल में 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत, पुलिस जांच शुरू

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दिल्ली के राजेंद्र नगर हॉस्टल में 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत, पुलिस जांच शुरू

सारांश

दिल्ली के राजेंद्र नगर हॉस्टल में बीएससी नर्सिंग की 19 वर्षीय छात्रा फंदे से लटकी मिली। पुलिस और क्राइम टीम मौके पर पहुँची, मौत की वजह अज्ञात। यह घटना ऐसे समय में हुई जब एनसीआरबी के अनुसार 2024 में छात्र आत्महत्याएँ अब तक के उच्चतम स्तर — 14,488 — पर पहुँच गई हैं।

मुख्य बातें

राजेंद्र नगर, नई दिल्ली के एक हॉस्टल में बीएससी नर्सिंग की 19 वर्षीय थर्ड-ईयर छात्रा शुक्रवार को मृत पाई गई।
छात्रा नजफगढ़ की रहने वाली थी और हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली।
उसे सर गंगा राम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अधिकारियों को सूचना दी गई।
राजेंद्र नगर पुलिस और क्राइम टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया; मौत की सटीक वजह अभी अज्ञात है।
एनसीआरबी के अनुसार 2024 में देशभर में छात्र आत्महत्याओं के 14,488 मामले दर्ज हुए — 2014 की तुलना में लगभग दोगुने।

नई दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में स्थित एक हॉस्टल के कमरे में बीएससी नर्सिंग की 19 वर्षीय थर्ड-ईयर छात्रा शुक्रवार को मृत पाई गई। राजेंद्र नगर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जरूरी कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है और मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है।

घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, नजफगढ़ निवासी यह छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली। हॉस्टल में उसके साथ रहने वाले छात्रों ने उसे इस अवस्था में देखा और तत्काल सर गंगा राम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी हॉस्टल पहुँचे। घटनास्थल का मुआयना करने और साक्ष्य एकत्र करने के लिए क्राइम टीम को भी बुलाया गया।

अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया

सर गंगा राम अस्पताल प्रशासन ने इस घटना पर चिंता और हैरानी व्यक्त की। अस्पताल ने एक बयान में कहा, 'अस्पताल प्रशासन जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहा है और घटना से पहले की परिस्थितियों सहित सभी ज़रूरी तथ्यों की जांच की जा रही है।' प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों द्वारा माँगी गई हर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

जांच की स्थिति

पुलिस के अनुसार, छात्रा की मौत से पहले की परिस्थितियों और घटनाओं की विस्तृत जांच की जा रही है। मौत की सटीक वजह अभी तक सामने नहीं आई है और आगे की पूछताछ जारी है। छात्रा की मौत की सही वजह का पता लगाने के लिए जांच प्रक्रिया चल रही है।

छात्र आत्महत्या का व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत में छात्र आत्महत्याओं को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आँकड़ों के अनुसार, 2024 में देशभर में छात्रों द्वारा आत्महत्या के 14,488 मामले दर्ज किए गए — जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक है। यह संख्या 2014 में दर्ज 8,068 मामलों की तुलना में लगभग दोगुनी है।

आँकड़े बताते हैं कि 2024 में औसतन प्रतिदिन लगभग 40 छात्रों ने आत्महत्या की, जो युवाओं पर बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य दबाव और अन्य कारकों की ओर इशारा करता है। दिल्ली मामले में जांच जारी है और आगे के तथ्य सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नीतिगत प्रतिक्रिया उस अनुपात में नहीं आई। नर्सिंग जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की स्थिति विशेष रूप से कमज़ोर है, जहाँ शैक्षणिक दबाव और हॉस्टल जीवन की अकेलापन एक साथ काम करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर व्यक्तिगत घटना तक सिमट जाती है और संरचनात्मक सवाल — हॉस्टल में काउंसलिंग की उपलब्धता, संस्थागत जवाबदेही — अनुत्तरित रह जाते हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के राजेंद्र नगर हॉस्टल में क्या हुआ?
राजेंद्र नगर, नई दिल्ली के एक हॉस्टल में बीएससी नर्सिंग की 19 वर्षीय थर्ड-ईयर छात्रा शुक्रवार को कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली। उसे सर गंगा राम अस्पताल ले जाया गया और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस इस मामले में क्या जांच कर रही है?
राजेंद्र नगर पुलिस और क्राइम टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस के अनुसार मौत से पहले की परिस्थितियों और घटनाओं की जांच जारी है; मौत की सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है।
सर गंगा राम अस्पताल ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
छात्रा को आपात स्थिति में सर गंगा राम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और माँगी गई हर जानकारी उपलब्ध कराएँगे।
भारत में छात्र आत्महत्याओं की स्थिति कितनी गंभीर है?
एनसीआरबी के आँकड़ों के अनुसार 2024 में देशभर में छात्र आत्महत्याओं के 14,488 मामले दर्ज हुए — जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक है और 2014 की 8,068 मौतों की तुलना में लगभग दोगुना। औसतन प्रतिदिन लगभग 40 छात्रों ने आत्महत्या की।
छात्रा की मौत की वजह क्या थी?
अभी तक मौत की सटीक वजह सामने नहीं आई है। पुलिस जांच जारी है और आगे के तथ्य स्पष्ट होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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