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2027 में भाजपा दर्ज करेगी ऐतिहासिक जीत, पेपर लीक माफिया पर होगी निर्णायक कार्रवाई: रोहित मिश्रा

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2027 में भाजपा दर्ज करेगी ऐतिहासिक जीत, पेपर लीक माफिया पर होगी निर्णायक कार्रवाई: रोहित मिश्रा

सारांश

भाजयुमो के नए प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा का दावा है कि 2027 में BJP ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। पेपर लीक माफिया, बेरोजगारी, पीडीए और राम मंदिर विवाद पर उन्होंने बेबाक जवाब दिए — लेकिन असली परीक्षा बूथ स्तर के वादों को अमल में लाने की होगी।

मुख्य बातें

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने दावा किया कि BJP 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पिछले दोनों चुनावों से बड़ी जीत दर्ज करेगी।
मिश्रा के अनुसार सपा के शासनकाल में खड़ा हुआ पेपर लीक माफिया नेटवर्क योगी सरकार द्वारा तोड़ा जा रहा है।
भाजयुमो बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और गांव-गांव शिविर लगाने की योजना पर काम करेगा।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित की है; मिश्रा ने कहा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सपा के पीडीए अभियान को मिश्रा ने 'नया चुनावी नारा' बताकर खारिज किया।
2024 लोकसभा में कमज़ोर प्रदर्शन के लिए मिश्रा ने विपक्ष के 'संविधान बदलने' के नैरेटिव को जिम्मेदार ठहराया।

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने 3 जुलाई 2025 को अपने पहले विस्तृत साक्षात्कार में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पिछले दोनों चुनावों से भी बड़ी जीत हासिल करेगी। उन्होंने पेपर लीक माफिया, बेरोजगारी, जातीय राजनीति और राम मंदिर चढ़ावा विवाद सहित तमाम ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।

पेपर लीक और युवाओं का भविष्य

रोहित मिश्रा ने कहा कि पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों पर सीधी चोट है। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में पेपर लीक माफिया का एक सुगठित नेटवर्क खड़ा हुआ था, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार व्यवस्थित रूप से तोड़ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परीक्षा प्रभावित न हो और योग्य अभ्यर्थियों को पूरी पारदर्शिता के साथ अवसर मिले।

रोजगार और स्वरोजगार की रणनीति

बेरोजगारी के मुद्दे पर मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साझा विज़न युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि भाजयुमो गांव-गांव शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर युवाओं तक पहुंचाएगा, ताकि सरकारी रोजगार और स्वरोजगार — दोनों विकल्पों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।

2027 चुनाव की तैयारी और संगठनात्मक ढांचा

मिश्रा ने दावा किया कि नई भाजयुमो प्रदेश टीम हर वर्ग, समाज और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती है। उनके अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में यह टीम बूथ स्तर तक काम करते हुए 2027 का लक्ष्य हासिल करेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 'संविधान बदलने' का झूठा नैरेटिव फैलाकर जनता को भ्रमित किया और भाजपा की प्रतिक्रिया उतनी प्रभावी नहीं रह सकी — लेकिन 2027 में यह कमी नहीं दोहराई जाएगी।

विपक्ष के आरोप और ब्राह्मण समाज का मुद्दा

विपक्ष के इस आरोप पर कि BJP में ब्राह्मण समाज का सम्मान नहीं है, मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के लिए जातियां महज वोट बैंक हैं, जबकि भाजपा में ब्राह्मण समाज हमेशा वैचारिक नेतृत्व की भूमिका में रहा है। समाजवादी पार्टी के पीडीए अभियान को उन्होंने 'नया चुनावी नारा' करार देते हुए कहा कि जनता सपा शासन को भ्रष्टाचार, बालू माफिया, भूमि माफिया और कानून-व्यवस्था की बदहाली के लिए याद करती है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद और निजी आरोप

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मिश्रा ने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है और सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे निजी आरोपों पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में हुए एक गंभीर सड़क हादसे में उनके बाएं पैर की हड्डियां टूटी थीं और ऑपरेशन हुआ था — उसी मेडिकल रिकॉर्ड को विवाद का रूप देने की कोशिश हो रही है, जो निराधार है। आगे की राजनीतिक परीक्षा यह होगी कि भाजयुमो अपने संगठनात्मक दावों को जमीनी नतीजों में कितना बदल पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2024 के लोकसभा नतीजों की जो व्याख्या वे देते हैं — कि हार केवल 'झूठे नैरेटिव' की वजह से हुई — वह आत्म-मंथन से अधिक बचाव की मुद्रा लगती है। पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई के दावे तब तक खोखले हैं जब तक दोषियों को सज़ा और परीक्षा प्रणाली में ढांचागत सुधार के ठोस आंकड़े सामने न आएं। बूथ स्तर की रणनीति और गांव-गांव शिविर की बात हर चुनाव से पहले होती है — 2027 में फर्क तभी पड़ेगा जब युवा मतदाता रोजगार के वास्तविक अवसर महसूस करें, न केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार का लाभ।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित मिश्रा कौन हैं और भाजयुमो में उनकी क्या भूमिका है?
रोहित मिश्रा उत्तर प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का नेतृत्व करेंगे।
रोहित मिश्रा ने 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव के बारे में क्या कहा?
मिश्रा ने दावा किया कि BJP 2027 के विधानसभा चुनाव में पिछले दोनों चुनावों से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी। उनके अनुसार भाजयुमो बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेगा और 2024 की कमियों को दोहराने से बचेगा।
पेपर लीक माफिया पर भाजयुमो का क्या रुख है?
मिश्रा के अनुसार, सपा शासनकाल में पेपर लीक माफिया का सुगठित नेटवर्क तैयार हुआ था जिसे योगी सरकार तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सरकार ने क्या कदम उठाया है?
मिश्रा ने बताया कि सरकार ने इस विवाद की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आने पर दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
समाजवादी पार्टी के पीडीए अभियान पर भाजयुमो का क्या कहना है?
मिश्रा ने पीडीए को महज एक 'नया चुनावी नारा' बताया और कहा कि जनता सपा शासन को भ्रष्टाचार, बालू माफिया, भूमि माफिया और कानून-व्यवस्था की बदहाली के लिए याद करती है। उनके अनुसार जनता नारों से नहीं, काम के आधार पर फैसला करती है।
राष्ट्र प्रेस
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