2027 में भाजपा दर्ज करेगी ऐतिहासिक जीत, पेपर लीक माफिया पर होगी निर्णायक कार्रवाई: रोहित मिश्रा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने 3 जुलाई 2025 को अपने पहले विस्तृत साक्षात्कार में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पिछले दोनों चुनावों से भी बड़ी जीत हासिल करेगी। उन्होंने पेपर लीक माफिया, बेरोजगारी, जातीय राजनीति और राम मंदिर चढ़ावा विवाद सहित तमाम ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
पेपर लीक और युवाओं का भविष्य
रोहित मिश्रा ने कहा कि पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों पर सीधी चोट है। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में पेपर लीक माफिया का एक सुगठित नेटवर्क खड़ा हुआ था, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार व्यवस्थित रूप से तोड़ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परीक्षा प्रभावित न हो और योग्य अभ्यर्थियों को पूरी पारदर्शिता के साथ अवसर मिले।
रोजगार और स्वरोजगार की रणनीति
बेरोजगारी के मुद्दे पर मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साझा विज़न युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि भाजयुमो गांव-गांव शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर युवाओं तक पहुंचाएगा, ताकि सरकारी रोजगार और स्वरोजगार — दोनों विकल्पों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
2027 चुनाव की तैयारी और संगठनात्मक ढांचा
मिश्रा ने दावा किया कि नई भाजयुमो प्रदेश टीम हर वर्ग, समाज और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती है। उनके अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में यह टीम बूथ स्तर तक काम करते हुए 2027 का लक्ष्य हासिल करेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 'संविधान बदलने' का झूठा नैरेटिव फैलाकर जनता को भ्रमित किया और भाजपा की प्रतिक्रिया उतनी प्रभावी नहीं रह सकी — लेकिन 2027 में यह कमी नहीं दोहराई जाएगी।
विपक्ष के आरोप और ब्राह्मण समाज का मुद्दा
विपक्ष के इस आरोप पर कि BJP में ब्राह्मण समाज का सम्मान नहीं है, मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के लिए जातियां महज वोट बैंक हैं, जबकि भाजपा में ब्राह्मण समाज हमेशा वैचारिक नेतृत्व की भूमिका में रहा है। समाजवादी पार्टी के पीडीए अभियान को उन्होंने 'नया चुनावी नारा' करार देते हुए कहा कि जनता सपा शासन को भ्रष्टाचार, बालू माफिया, भूमि माफिया और कानून-व्यवस्था की बदहाली के लिए याद करती है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और निजी आरोप
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मिश्रा ने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है और सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे निजी आरोपों पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में हुए एक गंभीर सड़क हादसे में उनके बाएं पैर की हड्डियां टूटी थीं और ऑपरेशन हुआ था — उसी मेडिकल रिकॉर्ड को विवाद का रूप देने की कोशिश हो रही है, जो निराधार है। आगे की राजनीतिक परीक्षा यह होगी कि भाजयुमो अपने संगठनात्मक दावों को जमीनी नतीजों में कितना बदल पाती है।