नेवा से 33 विधानसभाएँ जुड़ीं, 21 बनीं पूरी तरह डिजिटल: राज्यसभा में मुरुगन का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने 27 जुलाई 2026 को राज्यसभा में बताया कि देश की 37 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं में से 33 ने 'नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन' (नेवा) को अपनाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से 21 विधानसभाओं को नेवा परियोजना के अंतर्गत पूरी तरह डिजिटल विधानसभाओं में रूपांतरित किया जा चुका है।
नेवा क्या है और इसका दायरा क्या है
नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) केंद्र सरकार की एक प्रमुख डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य विधानसभाओं के कामकाज को कागज-रहित और इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित करना है। मुरुगन ने स्पष्ट किया कि संसद के दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — का डिजिटलीकरण नेवा परियोजना के दायरे में नहीं आता।
मुख्य उपलब्धियाँ और लाभ
राज्य मंत्री के अनुसार, नेवा ने सदन की कार्यवाही की इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेसिंग को संभव बनाकर विधायी कामकाज की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार किया है। इससे कागज-आधारित प्रक्रियाओं पर निर्भरता घटी है, दस्तावेजों की छपाई, रखरखाव और भंडारण में लागत की बचत हुई है, और विधायी जानकारी तक आम नागरिकों की पहुँच बेहतर हुई है।
नीति आयोग के मूल्यांकन में भी यह पाया गया कि नेवा ने कागज के उपयोग में कमी लाई है और विधायी वर्कफ्लो को सुव्यवस्थित किया है। विधानसभाओं और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय से कार्यवाही की तेज़ प्रोसेसिंग संभव हुई है।
तकनीकी उन्नयन और साइबर सुरक्षा
मुरुगन ने बताया कि साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए नेवा एप्लीकेशन को सुरक्षित एनआईसी मेघराज 2.0 क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा, भाषिनी के साथ एकीकरण से पब्लिक पोर्टल पर उपलब्ध सामग्री का टेक्स्ट-टू-टेक्स्ट अनुवाद संभव हुआ है, जिससे भाषाई विविधता वाले देश में नागरिकों की पहुँच व्यापक हुई है।
एप्लीकेशन को डिवाइस-एग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म के रूप में डिज़ाइन किया गया है, ताकि विभिन्न उपकरणों पर इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित हो। रोल-आधारित डैशबोर्ड के ज़रिए सदस्य, विधानसभा सचिवालय और सरकारी विभागों के बीच समन्वित कार्यप्रवाह सुनिश्चित किया गया है।
क्षमता-निर्माण और प्रशिक्षण
रिपोर्टों के अनुसार, नेवा सेवा केंद्रों की स्थापना सहित क्षमता-निर्माण की पहलों ने हितधारकों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान कर इस मंच को अपनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एप्लीकेशन को उपयोगकर्ता फीडबैक और परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर समय-समय पर अपग्रेड किया जाता है।
आगे की राह
शेष 4 विधानसभाएँ, जिन्होंने अभी तक एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, उनके जुड़ने की प्रक्रिया जारी है। नेवा पब्लिक पोर्टल के माध्यम से विधायी दस्तावेजों तक रियल-टाइम पहुँच उपलब्ध है, जो संसदीय पारदर्शिता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।