21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन: 28 राज्यों ने किए MoU, 20 विधायिकाएं पूरी तरह सक्रिय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन: 28 राज्यों ने किए MoU, 20 विधायिकाएं पूरी तरह सक्रिय

सारांश

देश की विधायिकाओं को पेपरलेस बनाने की दिशा में नेवा ने बड़ी छलांग लगाई है — 28 राज्यों के MoU और 20 सक्रिय विधायिकाओं के साथ। तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल ने 'वन नेशन, वन एप्लिकेशन' के विजन को साकार करने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) भारत सरकार की मिशन मोड परियोजना है, जिसका लक्ष्य सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों को पेपरलेस बनाना है।
28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नेवा से जुड़ने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं; 20 विधायिकाएं पूरी तरह सक्रिय।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नेवा को 'वन नेशन, वन एप्लिकेशन' विजन का अहम स्तंभ बताया।
मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा — नेवा संसदीय लोकतंत्र को तकनीक से मज़बूत करने का बड़ा कदम है।
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्यों के बीच अनुभव और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ साझा की जाएंगी।

नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के माध्यम से देश की समस्त विधानसभाओं और विधान परिषदों को पेपरलेस और डिजिटल बनाने की मुहिम में केंद्र सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है — अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस मंच से जुड़ने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि 20 विधायिकाएं पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित नेवा के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों ने इस डिजिटल रूपांतरण को 'वन नेशन, वन एप्लिकेशन' विजन की दिशा में निर्णायक कदम बताया।

नेवा परियोजना की वर्तमान स्थिति

नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) भारत सरकार की एक मिशन मोड परियोजना है, जिसका मूल उद्देश्य विधायी संस्थाओं के कामकाज को पारदर्शी, जवाबदेह और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से 20 विधायिकाएं इस प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं।

किरेन रिजिजू का संदेश

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सम्मेलन के लिए जारी अपने संदेश में नेवा को एक 'परिवर्तनकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म' बताया, जिसने विधायिकाओं के कार्यों को अधिक कुशल और नागरिकों के लिए सुलभ बनाया है। उन्होंने शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस मंच से जल्द जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह 'वन नेशन, वन एप्लिकेशन' के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रिजिजू ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में राज्यों और नोडल विभागों के बीच अनुभवों, चुनौतियों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया जाएगा।

अर्जुन राम मेघवाल का आह्वान

विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने इस सम्मेलन को नेवा परियोजना की प्रगति की समीक्षा और उसके क्रियान्वयन को गति देने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नेवा तकनीक के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मेघवाल ने विश्वास जताया कि सम्मेलन के दौरान होने वाली चर्चाएं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेंगी।

आम जनता और लोकतंत्र पर असर

नेवा के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद देश की सभी विधायिकाएं एक साझा डिजिटल मंच पर आ जाएंगी, जिससे नागरिकों के लिए उनकी कार्यप्रणाली तक पहुँच और अधिक सहज होगी। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल गवर्नेंस को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि नेवा जैसी पहल विधायी प्रक्रियाओं में कागज़ की खपत घटाने के साथ-साथ जवाबदेही का एक नया ढाँचा भी तैयार करती है।

आगे की राह

तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे नेवा के विस्तार में आने वाली चुनौतियों और समाधानों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मंच से जोड़ने की प्रक्रिया में तेज़ी लाना सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है, ताकि 'वन नेशन, वन एप्लिकेशन' का लक्ष्य शीघ्र पूरा हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी अभी भी कई राज्य इस डिजिटल ढाँचे से बाहर हैं। 'वन नेशन, वन एप्लिकेशन' का नारा तब तक अधूरा रहेगा, जब तक अंतिम विधायिका भी इस मंच पर न आ जाए — और उसके लिए सिर्फ MoU नहीं, ज़मीनी क्रियान्वयन और प्रशिक्षण की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) क्या है?
नेवा भारत सरकार की एक मिशन मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों के कामकाज को पेपरलेस, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। यह एक साझा डिजिटल मंच है जिससे विधायी प्रक्रियाएं नागरिकों के लिए अधिक सुलभ होती हैं।
अब तक कितने राज्य नेवा से जुड़ चुके हैं?
अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नेवा से जुड़ने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि 20 विधायिकाएं इस प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। शेष राज्यों से भी जल्द जुड़ने की अपील की गई है।
नेवा का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन क्यों आयोजित किया जा रहा है?
यह सम्मेलन संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा नेवा परियोजना की प्रगति की समीक्षा और इसके क्रियान्वयन को और तेज़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसमें राज्यों और नोडल विभागों के बीच अनुभव, चुनौतियाँ और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ साझा की जाएंगी।
'वन नेशन, वन एप्लिकेशन' विजन से क्या आशय है?
इस विजन के तहत देश की सभी विधायिकाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म — नेवा — पर आएंगी, जिससे उनकी कार्यप्रणाली में एकरूपता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इससे नागरिकों के लिए विधायी कार्यवाही तक पहुँच और आसान होगी।
नेवा से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
नेवा के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद विधायी संस्थाओं की कार्यवाही अधिक पारदर्शी और ऑनलाइन सुलभ होगी। इससे नागरिक अपनी विधानसभा की गतिविधियों को डिजिटल माध्यम से आसानी से ट्रैक कर सकेंगे और कागज़ की खपत भी घटेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले