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मतगणना निगरानी: असम कांग्रेस ने 4 मई से पहले गठित कीं 7 विशेष टीमें

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मतगणना निगरानी: असम कांग्रेस ने 4 मई से पहले गठित कीं 7 विशेष टीमें

सारांश

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 4 मई की मतगणना से पहले 7 विशेष निगरानी टीमें बनाई हैं। ये टीमें ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम निरीक्षण और उम्मीदवारों से समन्वय करेंगी। 85.96% मतदान के बाद यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

मुख्य बातें

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने मतगणना निगरानी के लिए 7 विशेष क्षेत्रीय टीमें गठित की हैं।
असम में 4 मई 2026 को विधानसभा चुनाव की मतगणना होनी है।
राज्य में 9 अप्रैल को हुए मतदान में 85.96% मतदान दर्ज हुआ — जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक में से एक है।
एपीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई और प्रभारी जितेंद्र सिंह के संयुक्त बयान के तहत यह निर्णय लिया गया।
टीमें ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम निरीक्षण , उम्मीदवार समन्वय और जिला समितियों से संपर्क का काम करेंगी।
ऊपरी असम, उत्तरी तट, निचला असम, बराक घाटी और बीटीआर — सभी क्षेत्रों के लिए अलग टीमें तैनात की गई हैं।

गुवाहाटी, 23 अप्रैलअसम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने 4 मई को होने वाली विधानसभा चुनाव मतगणना की निगरानी के लिए सात विशेष टीमें गठित की हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस कदम का मकसद ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम से लेकर मतगणना केंद्रों तक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

क्यों बनाई गईं ये टीमें?

यह पहल पार्टी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। असम में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में 85.96 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक में से एक है। इतने उच्च मतदान प्रतिशत के चलते मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

एपीसीसी महासचिव व असम प्रभारी जितेंद्र सिंह और एपीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई की ओर से जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया कि ये टीमें उन सभी जिलों में तैनात की जाएंगी जहां मतदान हुआ था।

टीमों की जिम्मेदारियां और क्षेत्र

प्रत्येक टीम को विशेष दायित्व सौंपे गए हैं — जिनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) रखे स्ट्रॉन्गरूम का निरीक्षण, पार्टी उम्मीदवारों के साथ सतत संपर्क और जिला कांग्रेस समितियों के साथ नियमित समन्वय शामिल हैं।

ऊपरी असम क्षेत्र की निगरानी देबब्रत सैकिया, राजू साहू, उत्पल गोगोई, राजकुमार नलातिरा नियोग, डेविड फुकन और मृत्युंजय दुवाराह की टीम करेगी। यह टीम तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों पर नजर रखेगी।

उत्तरी तट क्षेत्र की जिम्मेदारी रिपुन बोरा, घाना बुरहागोहेन, जे.पी. दास, शैलेन सोनोवाल, कार्तिक कुर्मी, शंकर कुतुम और मेघनाथ छेत्री को दी गई है। इसी प्रकार निचले असम, बराक घाटी और बोडोलैंड क्षेत्रीय क्षेत्र (बीटीआर) के लिए भी अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं की टीमें गठित की गई हैं।

मतगणना से पहले का रोडमैप

पार्टी नेताओं ने बताया कि सभी टीमों के सदस्य 4 मई से पहले अपने-अपने क्षेत्र के मतगणना केंद्रों का दौरा करेंगे। ये टीमें मतगणना की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने तक सक्रिय रहेंगी और किसी भी अनियमितता की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट करेंगी।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि विपक्षी दलों द्वारा मतगणना निगरानी टीमें बनाना कोई नई बात नहीं है, लेकिन असम में इस बार जिस संगठित तरीके से सात क्षेत्रीय टीमें बनाई गई हैं, वह कांग्रेस के लिए असाधारण है। 85.96% का उच्च मतदान संकेत देता है कि मतदाताओं में असामान्य उत्साह था — और ऐसे में किसी भी पार्टी के लिए मतगणना की हर बारीकी पर नजर रखना चुनावी परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह की निगरानी व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाती है, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास भी जगाती है। 4 मई की मतगणना के नतीजे असम की राजनीतिक दिशा तय करेंगे और राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस की स्थिति को प्रभावित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संकेत है कि पार्टी इस बार परिणामों को लेकर गंभीर है और किसी भी अनियमितता को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। दिलचस्प बात यह है कि 85.96% जैसे असाधारण मतदान के बाद भी पार्टी को इतनी बड़ी निगरानी व्यवस्था की जरूरत पड़ी — जो बताता है कि जमीनी स्तर पर भरोसे की कमी अभी भी बनी हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो विपक्षी दलों का ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया पर बढ़ता संदेह एक व्यापक प्रवृत्ति बन चुका है — और असम इसका ताजा उदाहरण है। 4 मई के नतीजे न केवल असम की सत्ता तय करेंगे, बल्कि कांग्रेस की पूर्वोत्तर रणनीति की भी परीक्षा लेंगे।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम कांग्रेस ने मतगणना के लिए कितनी टीमें बनाई हैं?
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने मतगणना निगरानी के लिए कुल सात विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें ऊपरी असम, उत्तरी तट, निचले असम, बराक घाटी और बोडोलैंड क्षेत्र में तैनात रहेंगी।
असम में मतगणना कब होगी?
असम विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई 2026 को होनी है। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था जिसमें 85.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
असम कांग्रेस की निगरानी टीमें क्या काम करेंगी?
ये टीमें ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम का निरीक्षण करेंगी, पार्टी उम्मीदवारों से समन्वय बनाएंगी और जिला कांग्रेस समितियों के साथ नियमित संपर्क में रहेंगी। टीम के सदस्य 4 मई से पहले मतगणना केंद्रों का दौरा भी करेंगे।
असम में इस बार कितने प्रतिशत मतदान हुआ?
असम में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में 85.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक में से एक है। इतने उच्च मतदान ने मतगणना प्रक्रिया को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
असम कांग्रेस की निगरानी टीमों का नेतृत्व कौन कर रहा है?
एपीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई और असम प्रभारी व महासचिव जितेंद्र सिंह के संयुक्त बयान के तहत ये टीमें गठित की गई हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में देबब्रत सैकिया, रिपुन बोरा जैसे वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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