गौतमबुद्धनगर में 29 मई को 90 km/h आंधी-वज्रपात का खतरा, प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 28 मई 2026 को एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर जिलेवासियों को 28 से 31 मई 2026 के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण संभावित तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के आधार पर जिले को ऑरेंज ज़ोन में रखा गया है, जो गंभीर मौसमी खतरे का संकेत है।
मौसम का सबसे तीव्र असर 29 मई को
जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि IMD के अनुसार 29 मई को मौसम सबसे अधिक प्रतिकूल रह सकता है। इस दिन कई क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिले पहले से ही प्री-मॉनसून मौसमी उथल-पुथल से प्रभावित हैं।
प्रशासन की एडवाइजरी — क्या करें, क्या न करें
जिला प्रशासन ने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे, मोबाइल टावरों और ऊंची इमारतों के पास खड़े होने से बचें। बच्चों को खुले मैदान में न जाने दें और बिजली के उपकरणों, लोहे की खिड़कियों, दरवाजों तथा हैंडपंप को न छुएं।
धातु वाले छाते का उपयोग और खुले वाहनों में यात्रा वज्रपात के दौरान जानलेवा हो सकती है, इसलिए इनसे परहेज की सलाह दी गई है। तालाब, नदी और तैराकी जैसी गतिविधियाँ भी इस अवधि में वर्जित बताई गई हैं। खेतों में काम कर रहे किसानों को तुरंत सुरक्षित और सूखी जगह पर पहुँचने का निर्देश दिया गया है।
आपात स्थिति में क्या करें
यदि मौसम अचानक बिगड़ जाए तो तत्काल किसी पक्के भवन में शरण लें। सुरक्षित स्थान उपलब्ध न होने पर दोनों कान बंद कर, पैरों को सटाकर घुटनों के बल बैठने की सलाह दी गई है — यह वज्रपात के समय विद्युत प्रवाह से बचाव की मानक सुरक्षा विधि है। गौरतलब है कि वज्रपात से होने वाली मौतें ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अधिक होती हैं जहाँ खुले खेत और जल निकाय प्रमुख जोखिम कारक बनते हैं।
दामिनी और सचेत ऐप — तकनीकी सतर्कता
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपने मोबाइल फोन में 'दामिनी ऐप' और 'सचेत ऐप' डाउनलोड करने की अपील की है। ओमकार चतुर्वेदी के अनुसार, 'दामिनी ऐप' लगभग 20 से 40 किलोमीटर के क्षेत्र में संभावित बिजली गिरने की पूर्व-चेतावनी देता है, जबकि 'सचेत ऐप' विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित मौसम अलर्ट प्रदान करता है।
आगे की स्थिति
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे IMD द्वारा जारी दैनिक अलर्ट का पालन करें और 31 मई 2026 तक विशेष सावधानी बरतें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की यह एडवाइजरी जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करने के उद्देश्य से जारी की गई है।