13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गौतमबुद्धनगर में 29 मई को 90 km/h आंधी-वज्रपात का खतरा, प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गौतमबुद्धनगर में 29 मई को 90 km/h आंधी-वज्रपात का खतरा, प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

सारांश

गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने 28–31 मई 2026 के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 29 मई को 100 km/h तक हवाएं और वज्रपात का खतरा। नागरिकों को दामिनी और सचेत ऐप डाउनलोड करने, पेड़ों-टावरों से दूर रहने और पक्के भवन में शरण लेने की सलाह।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर को IMD ने ऑरेंज ज़ोन में रखा है; 28 से 31 मई 2026 तक खराब मौसम की चेतावनी।
29 मई को सबसे अधिक खतरा — हवाएं 80–90 km/h , झोंके 100 km/h तक संभव।
जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने 'दामिनी ऐप' (20–40 km क्षेत्र में बिजली चेतावनी) और 'सचेत ऐप' डाउनलोड करने की अपील की।
पेड़, मोबाइल टावर, हैंडपंप, धातु छाते और खुले वाहनों से दूर रहने का निर्देश।
किसानों को खेत छोड़ सुरक्षित स्थान पर जाने और तालाब-नदी से दूर रहने की सलाह।

गौतमबुद्धनगर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 28 मई 2026 को एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर जिलेवासियों को 28 से 31 मई 2026 के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण संभावित तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के आधार पर जिले को ऑरेंज ज़ोन में रखा गया है, जो गंभीर मौसमी खतरे का संकेत है।

मौसम का सबसे तीव्र असर 29 मई को

जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि IMD के अनुसार 29 मई को मौसम सबसे अधिक प्रतिकूल रह सकता है। इस दिन कई क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिले पहले से ही प्री-मॉनसून मौसमी उथल-पुथल से प्रभावित हैं।

प्रशासन की एडवाइजरी — क्या करें, क्या न करें

जिला प्रशासन ने नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे, मोबाइल टावरों और ऊंची इमारतों के पास खड़े होने से बचें। बच्चों को खुले मैदान में न जाने दें और बिजली के उपकरणों, लोहे की खिड़कियों, दरवाजों तथा हैंडपंप को न छुएं।

धातु वाले छाते का उपयोग और खुले वाहनों में यात्रा वज्रपात के दौरान जानलेवा हो सकती है, इसलिए इनसे परहेज की सलाह दी गई है। तालाब, नदी और तैराकी जैसी गतिविधियाँ भी इस अवधि में वर्जित बताई गई हैं। खेतों में काम कर रहे किसानों को तुरंत सुरक्षित और सूखी जगह पर पहुँचने का निर्देश दिया गया है।

आपात स्थिति में क्या करें

यदि मौसम अचानक बिगड़ जाए तो तत्काल किसी पक्के भवन में शरण लें। सुरक्षित स्थान उपलब्ध न होने पर दोनों कान बंद कर, पैरों को सटाकर घुटनों के बल बैठने की सलाह दी गई है — यह वज्रपात के समय विद्युत प्रवाह से बचाव की मानक सुरक्षा विधि है। गौरतलब है कि वज्रपात से होने वाली मौतें ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अधिक होती हैं जहाँ खुले खेत और जल निकाय प्रमुख जोखिम कारक बनते हैं।

दामिनी और सचेत ऐप — तकनीकी सतर्कता

प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपने मोबाइल फोन में 'दामिनी ऐप' और 'सचेत ऐप' डाउनलोड करने की अपील की है। ओमकार चतुर्वेदी के अनुसार, 'दामिनी ऐप' लगभग 20 से 40 किलोमीटर के क्षेत्र में संभावित बिजली गिरने की पूर्व-चेतावनी देता है, जबकि 'सचेत ऐप' विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित मौसम अलर्ट प्रदान करता है।

आगे की स्थिति

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे IMD द्वारा जारी दैनिक अलर्ट का पालन करें और 31 मई 2026 तक विशेष सावधानी बरतें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की यह एडवाइजरी जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करने के उद्देश्य से जारी की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐप-आधारित चेतावनी प्रणाली उन ग्रामीण और मज़दूर वर्ग तक पहुँच पाती है जो वज्रपात के सबसे अधिक शिकार होते हैं। उत्तर प्रदेश में हर मानसून-पूर्व सीज़न में दर्जनों वज्रपात मौतें दर्ज होती हैं, और अधिकांश पीड़ित खुले खेतों में काम करने वाले किसान होते हैं — जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा सीमित है। डिजिटल अलर्ट के साथ-साथ गाँव स्तर पर सार्वजनिक उद्घोषणा और पंचायत-स्तरीय सूचना तंत्र को सक्रिय करना ही इस चेतावनी को वास्तव में जीवन-रक्षक बना सकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में ऑरेंज अलर्ट क्यों जारी किया गया है?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 28 से 31 मई 2026 के बीच तेज आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात की प्रबल संभावना है। ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम गंभीर रूप से प्रतिकूल हो सकता है और नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
29 मई को गौतमबुद्धनगर में हवा की रफ्तार कितनी रह सकती है?
जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी के अनुसार 29 मई को हवाएं 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं और झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकते हैं। यह दिन इस मौसमी घटना का सबसे तीव्र चरण माना जा रहा है।
दामिनी ऐप और सचेत ऐप क्या काम करते हैं?
'दामिनी ऐप' लगभग 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में संभावित बिजली गिरने की पूर्व-चेतावनी देता है। 'सचेत ऐप' के ज़रिए मौसम अलर्ट और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी समय रहते मिल सकती है।
वज्रपात के दौरान सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?
तुरंत किसी पक्के भवन में शरण लें और पेड़ों, मोबाइल टावरों, हैंडपंप तथा धातु की वस्तुओं से दूर रहें। सुरक्षित स्थान न मिलने पर दोनों कान बंद कर, पैर सटाकर घुटनों के बल बैठ जाएं और तालाब या नदी के पास बिल्कुल न जाएं।
किसानों को इस मौसम में क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम बिगड़ते ही तुरंत काम रोककर किसी सुरक्षित और सूखी जगह पर पहुँचना चाहिए। खुले खेत, जल निकाय और ऊंचे पेड़ वज्रपात के दौरान सबसे अधिक जोखिम वाले स्थान होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले