2 अगस्त 2026
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राहुल गांधी और पप्पू यादव पर एफआईआर: जदयू एमएलसी नीरज कुमार बोले — 'आस्था पर हमला किसी को मंज़ूर नहीं'

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राहुल गांधी और पप्पू यादव पर एफआईआर: जदयू एमएलसी नीरज कुमार बोले — 'आस्था पर हमला किसी को मंज़ूर नहीं'

सारांश

राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी और पप्पू यादव पर एफआईआर दर्ज हुई। जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने साफ कहा — आस्था पर हमला बर्दाश्त नहीं, और कांग्रेस पर संविधान की प्रस्तावना से भटकने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने 2 अगस्त को राहुल गांधी और पप्पू यादव पर दर्ज एफआईआर का समर्थन किया।
एफआईआर राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर संसद परिसर में किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है।
नीरज कुमार ने कहा — 'आस्था पर हमला करने का किसी को अधिकार नहीं, चाहे कोई भी धर्म मतावलंबी हो।' उन्होंने कांग्रेस पर संविधान की प्रस्तावना से भटकने का आरोप लगाया।
परिसीमन विधेयक पर उन्होंने कहा — विरोध तथ्यात्मक और संवैधानिक आधार पर होना चाहिए।
नीट पेपर लीक मामले में जज तबादले पर कहा — सर्वोच्च न्यायालय को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी नीरज कुमार ने 2 अगस्त को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी धर्म की आस्था पर हमला करने का अधिकार किसी को नहीं है — चाहे वह किसी भी राजनीतिक पद पर क्यों न हो। यह एफआईआर राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर संसद परिसर में किए गए एक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में दर्ज हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

नीरज कुमार ने कहा, 'ये देश धर्मनिरपेक्ष है, पंथनिरपेक्ष है। आस्था पर हमला करने का किसी को अधिकार नहीं है, चाहे कोई भी धर्म मतावलंबी हो।' पप्पू यादव पर दर्ज मुकदमे को लेकर उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'बेऊर से तिहाड़ तक की यात्रा उन्होंने की है। उनकी जीवनगाथा में यह एक और अध्याय होगा।'

राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल

राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर नीरज कुमार ने कहा कि उन पर पहले से केरल और अन्य राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने एक बड़ा सवाल उठाया — 'मूल सवाल यह है कि कांग्रेस पार्टी क्या देश के संविधान की प्रस्तावना से भटक रही है।' उनके अनुसार धार्मिक भावनाओं और परंपराओं पर किसी को भी बोलने का अधिकार नहीं, लेकिन 'नए दौर में कांग्रेस नए कलेवर में है।'

परिसीमन विधेयक पर जदयू का रुख

राहुल गांधी द्वारा परिसीमन विधेयक का विरोध किए जाने पर जदयू एमएलसी ने कहा कि संविधान के तहत परिसीमन एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे 'मुद्दों के आधार पर आएं, न कि परिसीमन से कैसे प्रभावित होंगे, इस पर।' उनका तर्क था कि विरोध तथ्यात्मक और तुलनात्मक उदाहरणों पर आधारित होना चाहिए।

नीट पेपर लीक और जज तबादले पर प्रतिक्रिया

नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तबादले पर नीरज कुमार ने कहा, 'इस संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय को अपनी टिप्पणी देनी होगी।' उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस कारण जज का स्थानांतरण हुआ और नए न्यायाधीश को यह दायित्व दिया गया — यह विषय उनके अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में है।

आगे क्या होगा

राम मंदिर दान प्रकरण से जुड़ी यह एफआईआर अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। जदयू के इस बयान से स्पष्ट है कि बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को घेरने की रणनीति पर कायम है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और पप्पू यादव की ओर से इस एफआईआर पर कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार की राजनीति में धार्मिक भावनाओं को केंद्र में रखने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उल्लेखनीय है कि जदयू, जो कभी 'सोशल इंजीनियरिंग' की राजनीति के लिए जानी जाती थी, अब भाजपा के साथ गठबंधन में हिंदू भावनाओं को लेकर मुखर हो रही है। राहुल गांधी पर पहले से केरल समेत कई राज्यों में मुकदमे हैं — यह तथ्य बताता है कि विपक्ष के नेताओं पर कानूनी कार्रवाई एक बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न बन चुका है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि परिसीमन और नीट जज-तबादले जैसे अलग-अलग मुद्दों को एक ही बयान में जोड़ना, जदयू की उस कोशिश को दर्शाता है जिसमें वह खुद को हर बड़े राजनीतिक विवाद में प्रासंगिक बनाए रखना चाहती है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी और पप्पू यादव पर एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर संसद परिसर में किए गए एक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह प्रदर्शन कथित तौर पर अनोखे तरीके से किया गया था जिसे लेकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया गया।
जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने इस एफआईआर पर क्या कहा?
जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने एफआईआर का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी धर्म की आस्था पर हमला करने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर संविधान की प्रस्तावना से भटकने का भी आरोप लगाया।
पप्पू यादव के खिलाफ इससे पहले भी मुकदमे हुए हैं?
हाँ, नीरज कुमार ने खुद कहा कि पप्पू यादव 'बेऊर से तिहाड़ तक की यात्रा कर चुके हैं', जो उनके अतीत में जेल जाने के संदर्भ में था। यह नया मुकदमा उनकी 'जीवनगाथा में एक और अध्याय' बताया गया।
परिसीमन विधेयक पर जदयू का क्या रुख है?
जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक अनिवार्यता है और सभी दलों को इसे मुद्दों के आधार पर देखना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से। उन्होंने कांग्रेस के विरोध को 'मुद्दों से भटकना' करार दिया।
नीट पेपर लीक मामले में जज के तबादले पर जदयू ने क्या कहा?
नीरज कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय के जज के तबादले पर सर्वोच्च न्यायालय को स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने इसे सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार का विषय बताया।
राष्ट्र प्रेस
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