राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर तारिक अनवर बोले — राहुल-पप्पू पर FIR के बीच लोग अपने ढंग से उठा रहे मुद्दा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 2 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर तीखी प्रतिक्रिया दी। अनवर ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं का चढ़ावा लूटे जाने की घटना के बाद लोग अपने-अपने तरीके से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, और पप्पू यादव की कार्रवाई भी इसी सिलसिले की कड़ी थी।
एफआईआर और पप्पू यादव की कार्रवाई पर अनवर का रुख
तारिक अनवर ने कहा, 'एफआईआर किसी चीज में भी दर्ज हो सकता है। सवाल ये है कि जो पप्पू यादव ने किया था, वो तो सिर्फ एक तरह से लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया था। उनका और कोई उद्देश्य नहीं था।' अनवर के अनुसार, पप्पू यादव और अन्य सांसदों की इस पहल को सामाजिक जागरूकता के नज़रिए से देखा जाना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी — मुद्दे की पृष्ठभूमि
अनवर ने कहा, 'जिस प्रकार से राम मंदिर में जो चोरी हुई है, जिस प्रकार से जो श्रद्धालुओं की ओर से जो श्रद्धा से चढ़ावा चढ़ाया गया था, उसको लूटा गया है — उसके बाद तो जाहिर है कि लोग अपने-अपने ढंग से उस मुद्दे को उठा रहे हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
नीट पेपर लीक और एंटी पेपर लीक विधेयक पर राय
कांग्रेस सांसद ने नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तबादले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'ये सरकार का अपना फैसला है।' साथ ही उन्होंने एंटी पेपर लीक विधेयक 2026 के क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। अनवर ने कहा कि इस विधेयक को लेकर सरकार ने दावा किया है कि आगे कोई भी ऐसी घटना नहीं होगी, जिससे जनता में कुछ हद तक भरोसा बना है।
कुलगाम हमले की टाइमिंग पर फारूक अब्दुल्ला के सवालों का समर्थन
तारिक अनवर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला द्वारा कुलगाम आतंकी हमले की टाइमिंग पर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'लोगों का ध्यान हटाने के लिए भी ये हो सकता है, जैसा फारूक साहब ने कहा है।' गौरतलब है कि अनवर ने इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा न दिए जाने को 'कश्मीरियों के साथ नाइंसाफी' करार दिया।
आगे क्या
राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कानूनी प्रक्रिया जारी है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जाँच की माँग तेज होती जा रही है, जबकि एंटी पेपर लीक विधेयक के क्रियान्वयन पर सरकार की जवाबदेही भी विपक्ष के निशाने पर बनी रहेगी।