26 सितंबर 2026
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आचार्य प्रमोद कृष्णम को 'बब्बर खालसा' से जान से मारने की धमकी, 24 सितंबर को मिला ऑडियो संदेश

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आचार्य प्रमोद कृष्णम को 'बब्बर खालसा' से जान से मारने की धमकी, 24 सितंबर को मिला ऑडियो संदेश

सारांश

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दावा किया है कि खालिस्तान विरोधी बयानों के बाद उन्हें 'बब्बर खालसा' से रॉकेट लॉन्चर तक से जान से मारने की धमकी मिली। 24 सितंबर के ऑडियो संदेश का मामला अब उत्तर प्रदेश पुलिस और गृह मंत्रालय तक पहुँचा।

मुख्य बातें

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 26 सितंबर 2026 को सम्भल में दावा किया कि उन्हें कथित खालिस्तानी आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा' से जान से मारने की धमकी मिली।
कथित धमकी 24 सितंबर को एक ऑडियो संदेश के ज़रिए मिली, जिसमें चार दिनों के भीतर रॉकेट लॉन्चर के इस्तेमाल की चेतावनी थी।
ऑडियो में व्यक्ति ने अपना नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया और जालंधर की एक घटना से खुद को जोड़ा।
आचार्य कृष्णम ने मामला उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपने की बात कही।
धमकी के बावजूद उन्होंने कल्कि धाम निर्माण जारी रखने का संकल्प लिया और सिखों व हिंदुओं की एकता पर जोर दिया।

आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 26 सितंबर 2026 को सम्भल, उत्तर प्रदेश में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि उन्हें खालिस्तान विरोधी बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण कथित खालिस्तानी आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा' से जान से मारने की धमकी मिली है। उनके अनुसार, 24 सितंबर को उनके फोन पर एक ऑडियो संदेश भेजा गया, जिसमें बम, बंदूक और रॉकेट लॉन्चर से हत्या करने की चेतावनी दी गई।

मुख्य घटनाक्रम

आचार्य कृष्णम ने बताया कि पहले उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कई कॉल आए, जिन्हें उन्होंने नहीं उठाया। बाद में उस व्यक्ति ने ऑडियो संदेश भेजा। कृष्णम के अनुसार, संदेश पारंपरिक पंजाबी में था, इसलिए वे अधिकांश भाग नहीं समझ पाए। जब उन्होंने संदेश भेजने वाले व्यक्ति की जानकारी जुटाई, तब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वह 'बब्बर खालसा' नामक आतंकी संगठन से जुड़ा है।

उन्होंने कहा, 'ऑडियो में व्यक्ति ने अपना नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया और दावा किया कि जालंधर की घटना उसी ने अंजाम दी थी। उसने मुझे बमों और बंदूकों से जान से मारने की धमकी दी और चार दिनों के भीतर रॉकेट लॉन्चर के इस्तेमाल की बात भी कही।'

सरकार और पुलिस को सूचना

आचार्य कृष्णम ने कहा कि इस मामले को देश के साथ साझा करना उनका 'कर्तव्य और दायित्व' था। उन्होंने इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय को देने की बात कही। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।

आचार्य की प्रतिक्रिया और संकल्प

धमकियों के बावजूद आचार्य कृष्णम ने अपना काम जारी रखने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा, 'मेरा पूरा जीवन कल्कि धाम के निर्माण और सनातन धर्म के लिए समर्पित है।' उन्होंने सिखों और हिंदुओं को 'एक ही माता की संतान' बताया और गुरु गोविंद सिंह जी की प्रतिमा कल्कि धाम में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने सरकार से अपील की कि यदि उनकी हत्या हो जाती है, तो सरकार कल्कि ट्रस्ट का अधिग्रहण करके कल्कि धाम का निर्माण पूरा करे और धाम में भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और गुरु गोविंद सिंह महाराज की पूजा की परंपरा को जीवित रखे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बब्बर खालसा इंटरनेशनल भारत और कनाडा में प्रतिबंधित संगठन है, और इससे जुड़ी किसी भी धमकी को केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ गंभीरता से लेती हैं। हालाँकि, संदेश की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

क्या होगा आगे

यह मामला अब उत्तर प्रदेश पुलिस और गृह मंत्रालय के पास पहुँच चुका है। जाँच एजेंसियाँ ऑडियो संदेश की तकनीकी जाँच और कथित प्रेषक की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं। आचार्य कृष्णम के सार्वजनिक बयान के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि ऑडियो संदेश की प्रामाणिकता और प्रेषक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। खालिस्तान-विरोधी बयानों के कारण धमकियाँ मिलने की यह पहली घटना नहीं है — यह एक बड़े पैटर्न का हिस्सा दिखती है, जिसमें सार्वजनिक हस्तियों को निशाना बनाया जाता है। असली परीक्षा यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और गृह मंत्रालय इस मामले की जाँच में कितनी तत्परता दिखाते हैं, और क्या कथित प्रेषक की पहचान व ठिकाने की पुष्टि हो पाती है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आचार्य प्रमोद कृष्णम को धमकी कैसे और कब मिली?
उनके अनुसार, 24 सितंबर 2026 को उनके फोन पर एक ऑडियो संदेश भेजा गया। संदेश पारंपरिक पंजाबी में था, जिसमें बम, बंदूक और चार दिनों के भीतर रॉकेट लॉन्चर से जान से मारने की चेतावनी दी गई थी।
कथित धमकी देने वाले ने खुद को कौन बताया?
ऑडियो संदेश में व्यक्ति ने अपना नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया और दावा किया कि जालंधर की एक घटना उसी ने अंजाम दी थी। आचार्य कृष्णम के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह व्यक्ति 'बब्बर खालसा' संगठन से जुड़ा है।
बब्बर खालसा क्या है?
बब्बर खालसा इंटरनेशनल एक प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन है, जिसे भारत और कनाडा समेत कई देशों ने आतंकी संगठन घोषित किया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि को अत्यंत गंभीरता से लेती हैं।
आचार्य कृष्णम ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
उन्होंने मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय को देने की बात कही। साथ ही, उन्होंने 26 सितंबर को सम्भल में पत्रकारों के सामने पूरा विवरण सार्वजनिक किया।
क्या आचार्य कृष्णम ने धमकियों के बाद अपनी गतिविधियाँ बंद करने की बात कही?
नहीं, आचार्य कृष्णम ने स्पष्ट किया कि वे अपना काम जारी रखेंगे। उन्होंने कल्कि धाम के निर्माण और सनातन धर्म की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और सिखों व हिंदुओं की एकता पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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